एन्थ्रोपोलाजिकल म्यूजियम के बाद हम लोग फिशरीज म्यूजियम गए. यहाँ अन्दर फोटोग्राफी की अनुमति नहीं है. यहाँ पर ढेर सारी मछलियाँ हैं. इसके अलावा डोल्फिन (Dolphin), शार्क (Shark), व्हेल (Whale) सहित अंडमान के राज्य-जीव समुद्री गाय (Dugong creek) के कंकाल भी यहाँ देखे जा सकते हैं. व्हेल का कंकाल तो इतना विशालकाय था कि मैं दंग रह गई. फिर हम समुद्रिका (नेवेल मरीन म्यूजियम) गए, यह हमारे घर के बगल में ही है.
खूबसूरत मछलियाँ और प्रवाल (Corals) तो और भी खूबसूरत लगते हैं.ये देखिये कछुए (Turtle) की मोटी खाल. अंडमान में चार तरह के कछुए मिलते हैं, इन्हीं में से ओलिवे-रिडले (Olive Ridley)भी हैं.
खूबसूरत सीपियाँ और शंख तो बड़े मनभावन लगे.
अंडमान-निकोबार (Andaman & Nicobar Islands) के आदिवासियों का एक चित्र यहाँ भी.
भारत के एकमात्र जागृत ज्वालामुखी 'बैरन ज्वालामुखी' (Barren Volcano) का चित्र भी यहाँ दिखा। सुनामी (Tsunami) के दौरान यह पुन : जागृत हुआ था, फ़िलहाल 2006 से शांत है।
...तो मजेदार रहा न मेरा यह म्यूजियम-टूर और आप लोगों को भी मैंने बैठे-बैठे यहाँ की सैर करा दी। आप लोग भी यहाँ आइयेगा तो ये म्यूजियम जरुर घूमने जाइएगा और हाँ, पाखी को नहीं भूलियेगा !!








