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मंगलवार, फ़रवरी 14, 2017

My Stamp with fragrance of roses by India Post

डाक टिकट पर अपनी फोटो देखना अच्छा लगता है और यदि वो डाक टिकट खुशबूदार हों तो सोने पर सुहागा। पिछले दिनों जब डाक विभाग ने गुलाब की ख़ुशबू वाले माई स्टैम्प जारी किये तो पापा ने हम सभी के लिए सुगन्धित डाक टिकटों वाली शीट बनवाई। आप भी देखिये-

(Little Blogger Akshitaa  (Pakhi), Youngest  National Child Awardee of India on  First My Stamp with Fragrance of  roses by India Post)


( Apurva on  Rose-scented My Stamp  by India Post)






The Department of Posts launched first My Stamp with fragrance (My Stamp sheets with the fragrance of rose). The fragrance of this would last a decade. Those who want to give their photos to be printed as stamp under My Stamp, can do so on the fragrance sheets that cost ₹ 500 per sheet and it will have 12 stamps, whereas the cost of a normal my stamp sheet is ₹ 300 only. It's also a beautiful gift for different occasions like-Birthday celebration, wedding, Marriage anniversary celebration etc.

सोमवार, सितंबर 08, 2014

यदि डाक टिकट पर अपनी फोटो छपे तो …


सुनकर अच्छा लगता है कि डाक टिकट पर अपनी भी फोटो छपे। यदि आप  भी ऐसी इच्छा रखते हैं, तो अब यह पूरी हो सकती है। डाक टिकट पर अभी तक आपने गांँधी, नेहरू या ऐसे ही किसी महान विभूति की फोटो देखी होगी। पर अब डाक टिकट पर आप की फोटो भी हो सकती है और ऐसा संभव है डाक विभाग की ’’माई स्टैम्प’’ सेवा के तहत। 


वाराणसी प्रधान डाकघर में 6 सितम्बर, 2014 को माई स्टैम्प सेवा का उद्घाटन करते हुए इलाहाबाद परिक्षेत्र के निदेशक डाक सेवाएँ कृष्ण कुमार यादव ने कहा कि फिलहाल उत्तर प्रदेश में यह सेवा लखनऊ, आगरा व फतेहपुर सीकरी में उपलब्ध है और अब वाराणसी में। उन्होंने कहा कि माई स्टैम्प की थीम फिलहाल आकर्षक पर्यटन स्थलों पर आधारित रखी गई है। माई स्टैम्प फिलहाल 10 थीम के साथ उपलब्ध है, जिनमें-ग्रीटिंग्स, ताजमहल, लालकिला, कुतुब मीनार, हवा महल, मैसूर पैलेस, फेयरी क्वीन, पोर्ट ब्लेयर द्वीप, अजन्ता की गुफाएँं एवं सेंट फ्रांसिस चर्च शामिल हैं। 

डाक निदेशक श्री कृष्ण कुमार यादव ने बताया कि माई स्टैम्प सेवा का लाभ उठाने के लिए एक फार्म भरकर उसके साथ अपनी फोटो और रूपय 300/-जमा करने होते हैं। एक शीट में कुल 12 डाक-टिकटों के साथ फोटो लगाई जा सकती है। इसके लिए आप अपनी अच्छी तस्वीर डाक विभाग को दे सकते हैं, जो उसे स्कैन करके आपकी खूबसूरत डाक-टिकट बना देगा। श्री यादव ने कहा कि यदि कोई तत्काल भी फोटो खिंचवाना चाहे तो उसके लिए भी प्रबंध किया गया है। पाँंच रुपए के डाक-टिकट, जिस पर आपकी तस्वीर होगी, वह देशभर में कहीं भी भेजी जा सकती है। इस पर सिर्फ जीवित व्यक्तियों की ही तस्वीर लगाई जा सकती है। 

डाक निदेशक कृष्ण कुमार यादव ने इसके व्यावहारिक पहलुओं की ओर इंगित करते हुए कहा कि किसी को उपहार देने का इससे नायब तरीका शायद ही हो। इसके लिए जेब भी ज्यादा नहीं ढीली करनी पड़ेगी, मात्र 300 रूपये में 12 डाक-टिकटों के साथ आपकी खूबसूरत तस्वीर। अब आप इसे चाहें अपने परिवारजनों को दें, मित्रों को या फिर अपने किसी करीबी को। यही नहीं अपनी राशि के अनुरूप भी डाक-टिकट पसंद कर उस पर अपनी फोटो लगवा सकते हैं। आप किसी से बेशुमार प्यार करते हैं, तो इस प्यार को बेशुमार दिखाने का भी मौका है। 
         
माई स्टैम्प स्कीम के आरंभ के बारे में बताते हुए निदेशक डाक सेवाएँ कृष्ण कुमार यादव ने कहा कि दुनिया के कुछेक देशों में माई स्टैम्प  सुविधा पहले से ही लागू है, पर भारत में इसका प्रचलन नया है। वर्ष 2011 में नई दिल्ली में विश्व डाक टिकट प्रदर्शनी (12-18 फरवरी 2011) के आयोजन के दौरान इसे औपचारिक रूप से लांच किया गया। उसके बाद इसे अन्य प्रमुख शहरों में भी जारी किया गया और लोगों ने इसे हाथों-हाथ लिया। नतीजन देखते ही देखते हजारों लोगों ने डाक टिकटों के साथ अपनी तस्वीर लगाकर इसका लुत्फ उठाया। इसकी लोकप्रियता के मद्देनजर इसे अब वाराणसी में भी आरंभ किया जा रहा है।  



( पापा श्री कृष्ण कुमार जी के हवाले से विभिन्न अख़बारों में प्रकाशित यह रोचक खबर आप सभी की जानकारी के लिए शेयर कर रही हूँ।आशा है आपको पसंद आएगी) 

मंगलवार, फ़रवरी 05, 2013

डाक-टिकटों की खूबसूरत दुनिया में अक्षिता


पिछले दिनों (13-14 जनवरी 2013) इलाहाबाद में 'डाक- टिकट प्रदर्शनी' (Philatelic Exhibition) का आयोजन उत्तर मध्य क्षेत्र सांस्कृतिक केन्द्र के महात्मा गाँधी कला वीथिका में हुआ तो मैं भी ममा-पापा के साथ देखने पहुँची। वाह, वहां तो ढेर सारे रंग-बिरंगे डाक टिकट लगे हुए थे। कहीं गाँधी जी पर जारी डाक टिकटों की सीरीज थी तो कहीं इलाहाबाद और आस-पास से जुड़े विषयों और लोगों पर जारी डाक टिकटें प्रदर्शित की गई थीं।
 
इस प्रदर्शनी में फिलेटलिस्टों द्वारा तमाम डाक टिकटों की प्रदर्शनी लगायी गयी। कुल 59 फ्रेमों में हजारों की संख्या में डाक-टिकट प्रदर्शित किए गये। इनमें इलाहाबाद से संबंधित विषयों पर जारी डाक-टिकट, डाक-टिकटों के माध्यम से सिनेमा के 100 वर्ष,राष्ट्रपिता महात्मा गाँधी, रविंद्रनाथ टैगोर,नेहरु परिवार पर जारी डाक टिकट, भारतीय स्वतंत्रता संग्राम पर जारी डाक टिकट, मस्जिदों पर जारी डाक-टिकट से लेकर से लेकर जैव विविधता, रोटरी,अग्निशमन, रेड क्रास और एड्स, मलेरिया इत्यादि के विरूद्ध जागरूक करते तमाम रंग-बिरंगे डाक-टिकट प्रदर्शित किये गये।
 
 
इनमें सिर्फ भारत ही नहीं बल्कि विदेशों द्वारा जारी दुर्लभ डाक-टिकट व डाक-स्टेशनरी भी शामिल थे। प्रदर्शनी में वरिष्ठ फिलेटलिस्टों के अलावा तमाम बच्चों ने भी अपने डाक-टिकटों का प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शनी देखने के बाद तो यही लगा कि हर डाक टिकट की अपनी एक कहानी है और इसे समझने की जरुरत है !!