आप सब 'पाखी' को बहुत प्यार करते हैं...

सोमवार, मार्च 28, 2011

पाखी के जन्मदिन पर कवितायेँ और कार्टून का भी उपहार

मेरे जन्मदिन पर आप सभी की शुभकामनाओं और प्यार के लिए बहुत सारा प्यार और आभार. मेरे जन्मदिन पर आप सभी ने बधाई और प्यार दिया।

दीनदयाल शर्मा अंकल जी ने मेरे जन्मदिन पर विश करने हेतु 'बचपन' ब्लॉग पर दो कवितायेँ लिखीं. शर्मा अंकल जी तो बहुत प्यारी-न्यारी सी कविता लिखते हैं... Happy birthday pakhi by Deendayal Sharma जन्मदिन की तुम्हें बधाई सबकी राज दुलारी, पाखी तुम हो कितनी मोहक, लगती सबको प्यारी.. आकांक्षा - के. के. की बिटिया, तन्वी की हो बहना , जो मांगो मिल जाता तुमको, माने सारे कहना. आज कटेगा केक गज़ब का, पाखी के घर प्यारा.. अलग थलग होगा ये सबसे, होगा बिल्कुल न्यारा... नाम करो जग में तुम रोशन, भारत की बनो ढाल.. शुभकामनायें देते हैं.. जियो हजारों साल.. ************************* जन्मदिन मुबारक पाखी / दीनदयाल शर्मा पांच बरस की हो गई पाखी, सुन लो मेरी बात... मम्मी से कुछ काम सीख लो, जीवन की सौगात... थोड़ा तन्वी को खिलाना.. सीखो घर को सजाना.. खूब हँसना - हँसाना.. सीखो रूठों को मनाना.. कभी ड्राइंग बनाना.. कभी रंगोली सजाना.. कभी पापा जी पर बैठ कर घोड़ा दौड़ाना.. खूब पढ़ कर अव्वल आना.. विद्या पूँजी को बढ़ाना.. नाम जग में कमाना... फिर ज़माना दीवाना.. जन्मदिन हो मुबारक.. तुम जिओ हजारों साल.. दुआएं सबकी साथ तुम्हारे.. तुम भारत की हो भाल... दीनदयाल शर्मा, बाल साहित्यकार, हनुमानगढ़ जं.,राजस्थान ******************************************************************************** मेरा जन्म कानपुर में हुआ, सो कानपुर के लोगों से अभी भी लगाव बना हुआ है. मेरे लिए कानपुर से डा0 दुर्गाचरण मिश्र दादा जी ने एक प्यारी सी कविता भेजी है. इसे उन्होंने हमारे कानपुर में रहने के दौरान लिखा था, पर अब इसे परिमार्जित करते हुए नए सिरे से भेजा है- प्यारी-न्यारी पाखी अक्षिता (पाखी) मेरा नाम है सब करते मुझको प्यार मम्मी-पापा की लाडली मिलता जी भर खूब दुलार। कानपुर नगर में जन्म लिया 25 मार्च 2006, दिन शनिवार मम्मी-पापा हुए प्रफुल्लित पूरा हुआ सपनों का संसार। दादा-दादी, नाना-नानी सब देखने को हुए बेकरार मौसी, बुआ, मामा-मामी, चाचू लाए खूब उपहार। नन्हीं सी नटखट गुडि़या सब रिझायें बार-बार कितनी प्यारी किलकारी घर में आये खूब बहार । मम्मी-पापा संग आ गई अब, अण्डमान-निकोबार यहाँ की दुनिया बड़ी निराली प्रकृति की छाई है बहार । कार्मेल स्कूल में हुआ एडमिशन प्लेयिंग, डांसिंग, ड्राइंग से प्यार एल.के.जी. में पढ़ने जाती मिला नए दोस्तों का संसार । समुद्र तट पर खूब घूमती देखती तट और पहाड़ खूब जमकर मस्ती करती और जी भरकर धमाल । मिल गई इक प्यारी बहना खुशियों का बढ़ा संसार तन्वी उसका नाम है करती उसको मैं खूब प्यार । डा0 दुर्गाचरण मिश्र, अर्थ मंत्री- उत्तर प्रदेश हिंदी साहित्य सम्मलेन, अध्यक्ष- साहित्य मन्दाकिनी (साहित्यिक संस्था), 248 सी-1 इंदिरानगर, कानपुर-208026 *****************************************************************************


कानपुर से ही एस. आर. भारती अंकल ने भी एक प्यारी सी कविता लिखी है- पाखी लगती सबसे प्यारी. सबकी है वो राजदुलारी. आज उसका जन्मदिन आया. यह देख है मन हर्षाया। पाखी जियो हजारों साल. मस्ती करो और धमाल. यूँ ही खूब कमाओ नाम. जन्मदिन पर यही पैगाम। एस. आर. भारती मैनेजर- नेशनल स्पीड पोस्ट सेंटर, कानपुर ***********************************************************************


मेरी पोस्ट पर आकर 'एक कविता पाखी के लिये' भी तो लिखी गिरिजा कुलश्रेष्ठ नानी जी ने- सतरंगी किरणों ने सुबह सजाई रंगोली । आसमान में गाए चहके, चिडियों की टोली । जन्म-दिवस हो तुम्हें मुबारक, पाखी प्यारी-प्यारी । दुनिया भर में छा जाए मीठी मुस्कान तुम्हारी । जो भी चाहो हासिल करलो पीछे रहो न पलभर, स्वस्थ और सानन्द रहो , शतवर्ष जिओ हँस-हँसकर । गिरिजा कुलश्रेष्ठ, व्याख्याता, ग्वालियर, मध्य प्रदेश ************************************************************************************* मेरा बर्थ-डे हो तो भला ममा कहाँ पीछे रहने वाली हैं... सब हैप्पी बर्थ-डे गाओ... जन्मदिन है पाखी का खूब करो धमाल जमके आज खाओ सब हो जाओ लाल-लाल। सब हैप्पी बर्थ-डे गाओ मस्ती करो, मौज मनाओ पाखी, तन्वी, कुहू, ख़ुशी सब मिलकर बैलून फुलाओ। आईसक्रीम और केक खाओ कोई भी न मुँह फुलाओ कितना प्यारा बर्थ-डे केक सब हैप्पी बर्थ-डे गाओ। **************** मेरे जन्मदिन पर ममा ने एक प्यारी सी कविता लिखी है. मैं तो यह कविता सुनकर बहुत खुश हुई- आँखों में भविष्य के सपने चेहरे पर मधुर मुस्कान है अक्षिता को देखकर लगता है दिल में छुपाये कई अरमान है। अक्षिता के मन में इतनी उमंगें नन्हीं सी यह जान है प्यारी-प्यारी ड्राइंग बनाती देखकर सब हैरान हैं। ज्ञान पथ पर है तत्पर गुणों की यह खान है भोली सी सूरत इसकी हमें इस पर अभिमान है। ******************************************************************************* इन प्यारी-प्यारी कविताओं के साथ में ये प्यारा सा कार्टून भी तो है. इसे काजल कुमार अंकल ने मेरे मेल पर 'Have a Cartoon Gift on Your Birthday' रूप में भेजा था.


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हिंदी ब्लागरों के जन्मदिन पर तो बधाई मिलनी ही थी...


अब इत्ती सारी बधाइयाँ मिली हैं तो मैं बहुत खुश हूँ. इसके अलावा बर्थडे पर लिखी मेरी पोस्ट, अन्य पोस्टों, ई-मेल, ऑरकुट, फेसबुक, ट्विटर और पापा के मोबाईल पर प्राप्त सभी बधाई संदेशों और आप सभी के प्यार-स्नेह और आशीर्वाद के लिए मेरी तरफ से ढेर सारा प्यार और आभार !!
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