आप सब 'पाखी' को बहुत प्यार करते हैं...

शुक्रवार, मार्च 12, 2010

आपका बचा खाना किसी बच्चे की जिंदगी है !!

यह सन्देश किसी ने मेरे मेल पर भेजा था। बड़ा अच्छा सन्देश मिला, सो आप सब भी इस पर गौर करें, आखिरकार बच्चे किसे अच्छे नहीं लगते. बच्चे मन के सच्चे...उन्हें सच्चाई की ओर बढ़ने में आप भी मदद करें क्योंकि पेट की भूख कई बार बच्चों को गलत रास्ते पर ले जाती है. कई बार ब्लॉग के माध्यम से हम दूसरों का भी हित कर सकते हैं, उन्हें कम से कम एक समय की रोटी दे सकते हैं और कभी-कभी जिंदगी भी !!

अगर आगे से कभी आपके घर में पार्टी/समारोह हो और खाना बच जाये या बेकार जा रहा हो तो बिना झिझके आप 1098 (केवल भारत में) पर फ़ोन करें। यह एक मजाक नहीं है। यह चाइल्ड हेल्पलाइन है. वे आयेंगे और भोजन एकत्रित करके ले जायेंगे।
***मदद करने वाले हाथ प्रार्थना करने वाले होंठो से अच्छे होते हैं***
!! कृप्या इस सन्देश को ज्यादा से ज्यादा प्रसारित करें इससे उन बच्चों का पेट भर सकता है !!

23 टिप्‍पणियां:

S R Bharti ने कहा…

पाखी ने तो बड़ी समझदारी वाली बात बताई..बहुत खूब.

Shahroz ने कहा…

महत्वपूर्ण जानकारी...आभार.

हिंदी साहित्य संसार : Hindi Literature World ने कहा…

ये तो पाखी ने बड़ी अच्छी बात बताई. अब ऐसा ही किया करेंगें.

हिंदी साहित्य संसार : Hindi Literature World ने कहा…

ये तो पाखी ने बड़ी अच्छी बात बताई. अब ऐसा ही किया करेंगें.

Unknown ने कहा…

सुन्दर सोच. इस सार्थक सोच में ही कईयों का भविष्य छिपा हुआ है.

Shyama ने कहा…

Interesting & Imp. also...Thats Great !!

Bhanwar Singh ने कहा…

Ab main bhi aisa hi karunga.

Urmi ने कहा…

बहुत ही बढ़िया और महत्वपूर्ण जानकारी! उम्दा पोस्ट!

डॉ टी एस दराल ने कहा…

बहुत अच्छा सन्देश दिया है पाखी।
एक बात और , प्लेट में खाना उतना ही डालना चाहिए , जितना आप खा सकते हैं। यानि झूठा छोड़ने की आदत बुरी है।

daanish ने कहा…

bahut achhee jaankaari di aapne
koshish rahegi k kisi bhi tarah se
kabhi kisi ka bhalaa ho sake...
aur aapka ye kathan... "madad karne wale haath, prarthna karne wale hotoN se achhe hote haiN.."
mn-neey hai .
abhivaadan .

Amit Kumar Yadav ने कहा…

Nek bat batai pakhi ne..ise publicity karne ki jarurat hai.

शरद कोकास ने कहा…

थैंक्स पाखी , तुम जैसे जैसे बड़ी होगी तुम्हे पता चलेगा कि हमारे देश में एक ओर लोगों के पास फेंकने के लिये बहुत सारा खाना है और दूसरी ओर ऐसे भी बहुत से लोग हैं जिनके पास खाने को कुछ नहीं है ।कोशिश करो कि इस अंतर को कम करने में कुछ मदद कर सको । और हाँ ..मेरा कविता वाला ब्लॉग देखने के लिये धन्यवाद । एक ब्लॉग मेरी बिटिया का भी है उसे भी देखना nanhikopal.blogspot.com

संगीता स्वरुप ( गीत ) ने कहा…

नन्ही पाखी....

बहुत अच्छा लगा तुम्हारे ब्लॉग पर आना. बहुत अच्छी जानकारी दी है...बस देश को तुम जैसे बच्चों कि ज़रूरत है जो सबके लिए सोचें....

बहुत सा स्नेह और आशीर्वाद

Amit Kumar Yadav ने कहा…

सुन्दर प्रस्तुति....बधाई !!
______________
सामुदायिक ब्लॉग "ताका-झांकी" (http://tak-jhank.blogspot.com)पर आपका स्वागत है. आप भी इस पर लिख सकते हैं.

पूनम श्रीवास्तव ने कहा…

bahut hi achha pakhi is help lina ka nambar dene ke liye vaise aapako yah baat bataa dun ki mainn bhi aisa hi kuchh sochati va karati bhi hun.mera bhi yahi manana hai ki yadi yahi khana bhukhon ke peaa me chala jaaye to unake santushht man se jo jo pyaar jhalkega vahi aapake liye amulya hoga.
poonam

कडुवासच ने कहा…

....प्रभावशाली संदेश/अभिव्यक्ति!!!!

राज भाटिय़ा ने कहा…

पाखी की दुनिया पाखी बिटिया तो हमे बहुत प्यारी लगी, ओए बहुत समझदारी की बात भी लिखी.
बहुत बहुत प्यार

Ram Shiv Murti Yadav ने कहा…

पाखी तो सयानी हो गई है..बड़ी अच्छी बात बताई. वाकई इसका प्रचार-प्रसार करने की जरुरत है.

Shahroz ने कहा…

Aj ham iska practicle bhi karne ja rahe hain.

raghav ने कहा…

बेहद सोचनीय है यह तो..आपने सही बात बताई.

मन-मयूर ने कहा…

बेहद उपयोगी पोस्ट..मानवता के हित में एक कदम.

संजय भास्‍कर ने कहा…

Ab main bhi aisa hi karunga.

संजय भास्‍कर ने कहा…

ये तो पाखी ने बड़ी अच्छी बात बताई.