आप सब 'पाखी' को बहुत प्यार करते हैं...

सोमवार, जून 07, 2010

पाखी के लिए समीर अंकल की प्यारी सी कविता

ये देखिये हम क्या लाये. इस बार समीर अंकल जी को लाये. उन्होंने एक प्यारी सी कविता लिखी है मेरे लिए. चलिए सभी इसे पढ़ते हैं और समीर अंकल जी को ढेर सारा प्यार व थैंक्स बोलते हैं. आखिर वो सबसे अच्छे वाले अंकल और उड़न तश्तरी में घुमाने वाले अंकल जो हैं.

मम्मी-पापा मुझको पढ़ने
स्कूल में भिजवाते हैं
कक्षा में मैं अव्वल आऊँ
होमवर्क खूब करवाते हैं।


हष्ट पुष्ट और ताकतवर हूँ
बीमारी मुझको न पकड़े
इसकी खातिर नित नियम से
दूध मुझे पिलवाते है।

शाम पार्क में मम्मी लाती
मुझको खूब घूमाती है
रात में जल्दी खाना खाते
फिर सोने ले जाती है।


सोने से पहले वो मुझको
रोज कहानी बतलाती
अच्छा जीवन क्या होता है
पाठ मुझे वो सिखलाती।

अब आप जरुर बताइयेगा कि ये कविता कैसी लगी आपको. और समीर अंकल को ढेर सारा प्यार !!

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