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सोमवार, अक्टूबर 20, 2025

दीपावली है आत्मदीप का पर्व ✨🪔

 

शुभम् करोति कल्याणम्, 

आरोग्यम् धन संपदा

शत्रु-बुद्धि विनाशायः

दीप-ज्योति नमोस्तुते !

🪔✨दीपावली की ढेरों शुभकामनाएँ✨🪔


दीपावली है आत्मदीप का पर्व —

अपने भीतर की लौ को पहचानो।

दीप जले तो जलने दो,

मन में जो अंधकार है —उसे ढलने दो।

रोशनी तभी फैलेगी जब खुद भीतर उजाला होगा।

रोशनी का त्योहार, दीपों की जगमगाहट और खुशियों का उमंग लेकर, फिर से दीपावली का पावन अवसर आया है। इस दिवाली, हर अंधेरा आपके जीवन से दूर हो, और हर दिन एक नए उजाले से भर जाए। लक्ष्मी जी का वास, गणेश जी का आशीर्वाद, और आपके अपनों का प्यार आपके जीवन को खुशियों और सफलता से भर दे।

🌼 मिठाइयों की मिठास

🌼 दियों की चमक

🌼 पटाखों का धमाका

🌼 और रंगोली की खूबसूरती,

हम सभी के जीवन में सुख, शांति, स्वास्थ्य और समृद्धि का प्रकाश सदा बना रहे।

प्रकाश-पर्व दीपावली पर हार्दिक शुभकामनाएं। 

🌸🪔🕯️🕉️🕯️🪔🌸

💫✨ll शुभ दीपावलीll✨💫















आप सभी को सपरिवार दीपावली की हार्दिक शुभकामनाएँ।
💐🪔🕯️🕉️🕯️🪔💐
💫✨ll शुभ दीपावली ll✨💫

गुरुवार, अक्टूबर 06, 2022

Bharat Milap, Nati Imli, Varanasi : काशी की विश्व प्रसिद्ध नाटी इमली का 'भरत मिलाप'

काशी में हर वर्ष आयोजित होने वाला नाटी इमली का 'भरत मिलाप' जग प्रसिद्ध है। रंगमंचीय दृष्टि से देखें तो नाटीइमली के भरत मिलाप को विश्व की संक्षिप्त नाट्य प्रस्तुति कह सकते हैं। लीला तो दोपहर 2.30 बजे ही शुरू हो जाती है लेकिन मुख्य अंश मात्र पांच मिनट का होता है। नाटी इमली की विश्व प्रसिद्ध भरत मिलाप कुछ ही देर का होता है लेकिन इसको देखने के लिए लोग दूर-दूर से आते हैं। 5 मिनट का यह मिलन लाखों लोगों को आह्लादित कर देता है।


कहते हैं कि इस भरत मिलाप की शुरुआत मेघा भगत ने की थी। पांच सौ साल पहले गोस्वामी तुलसीदास जी के शरीर त्यागने के बाद उनके समकालीन संत मेधा भगत काफी विचलित हो उठे। मान्यता है कि उन्हें स्वप्न में तुलसीदास जी के दर्शन हुए और उसके बाद उन्हीं के प्रेरणा से उन्होंने इस रामलीला की शुरुआत की थी। 

479 वर्षों की परंपरा का निर्वहन करते हुए काशी के नाटी इमली में भरत मिलाप का लक्खा मेला (जिसमें लाखों लोग आते हों) सजा तो भक्तों का हुजूम उमड़ पड़ा। श्रद्धालुओं की बेशुमार भीड़ के बीच राम, लक्ष्मण, भरत और शत्रुघ्न के मिलन की लीला संपन्न हुई। बारिश के बीच चारों भाइयों का मिलन देख कर श्रद्धालुओं ने जय श्रीसियाराम और हर-हर महादेव का उद्घोष किया।







विश्व प्रसिद्ध भरत मिलाप मेला शाम तीन बजे से प्रारम्भ होता है। अपरान्ह तीन बजे भगवान राम के आगमन का संदेश देने हनुमान जी चित्रकूट धूपचण्डी से अयोध्या बड़ा गणेश रवाना होते हैं। अपरान्ह 3.30 पर भगवान राम, माता सीता और भाई लक्ष्मण के साथ रथ पर सवार होते है। चित्रकूट से इस विशाल रथ को लाल साफा सिर पर और कमर में गमछा बांधे यादव बधुंओं की टोली सियावर रामचन्द्र की जय, हर हर महादेव के गगनभेदी उद्घोष के बीच उठाती है। यादव बन्धु चित्रकूट धूपचंडी से रथ लेकर नाटीइमली मैदान पर आते है। जहाँ, चित्रकूट रामलीला समिति द्वारा आयोजित इस भरत मिलाप की शुरुआत  सूर्यास्त के पहले अपरान्ह 4.40 पर होती है। शाम 4:40 बजे मानस मंडली द्वारा भरत मिलाप की चौपाई '...परे भूमि नहिं उठत उठाए, बर करि कृपासिंधु उर लाए...' का गान शुरू होने से पहले ही भगवान श्रीराम और लक्ष्मण पुष्पक विमान से उतर कर जमीन पर दंडवत पड़े भरत और शत्रुघ्न की ओर दौड़ पड़े और उन्हें गले लगाते हैं। मान्यता है कि इस लीला में भगवान राम स्वयं अवतरित होते हैं। 


परंपरानुसार काशी राजपरिवार के सदस्य कुंवर अनंत नारायण सिंह भरत मिलाप की लीला देखने के लिए हाथी पर सवार होकर पहुंचे और राजसी परंपरा का निर्वहन करते हुए हर वर्ष की तरह उन्होंने लीला के व्यवस्थापकों को सोने की गिन्नी दी।

सोमवार, नवंबर 18, 2019

Ahmedabad International literature Festival : यादगार चित्र

अहमदाबाद इंटरनेशनल लिटरेचर फेस्टिवल (Ahmedabad International Literature Festival) में हम भी सपरिवार शामिल हुए। 16 और 17 नवंबर, 2019 को आयोजित हुए इस लिटरेचर फेस्टिवल में देश-दुनिया की विभिन्न क्षेत्रों की हस्तियों को आमंत्रित किया गया। फेस्टिवल के संस्थापक निदेशक श्री उमाशंकर यादव जी ने बड़े मनोयोग से इसका संयोजन किया। इस फेस्टिवल का उद्घाटन गुजरात के राज्यपाल आचार्य देवव्रत जी ने किया। इसमें एक सेशन पापा (श्री  कृष्ण कुमार यादव जी, निदेशक डाक सेवाएँ, लखनऊ मुख्यालय परिक्षेत्र) का भी था, जिसमें उन्होंने बॉलीवुड के चर्चित गीतकार व कवि श्री संदीप नाथ जी एवं सुश्री फौक़िया वाजिद जी के साथ "भाषा के बदले स्वरुप" सत्र को सम्बोधित करते हुए लोगों से संवाद किया। 


लिटरेचर फेस्टिवल के दौरान हम लोगों को भी तमाम चर्चित लोगों से मिलने का अवसर प्राप्त हुआ। इन मुलाकातों को इस पोस्ट में सहेजते हुए आप सभी के साथ शेयर करते हुए प्रसन्नता हो रही है।  
ज्ञानपीठ पुरस्कार विजेता एवं गुजराती के प्रसिद्ध उपन्यासकार, कवि व आलोचक श्री रघुवीर चौधरी जी के साथ, अहमदाबाद इंटरनेशनल लिटरेचर फेस्टिवल (Ahmedabad International literature Festival) में सपरिवार।



यादों का इडियट बॉक्स विद "नीलेश मिश्रा"....अहमदाबाद इंटरनेशनल लिटरेचर फेस्टिवल में एक मुलाकात।
National Child Awardee Young blogger Akshitaa (Pakhi) and family members with Mr. Neelesh Misra, Story teller, Author, Lyricist & Journalist at Ahmedabad International literature Festival.

बॉलीवुड अभिनेता सुशांत सिंह से सपरिवार मुलाकात @ अहमदाबाद इंटरनेशनल लिटरेचर फेस्टिवल (Ahmedabad International literature Festival).
Bollywood Actor Mr. Sushant Singh at Ahmedabad International literature Festival, with National Child Awardee Young blogger Akshitaa (Pakhi) and her family members.

गुनगुनी धूप और चाय की चुस्कियों के बीच संगीत की चर्चा @ अहमदाबाद इंटरनेशनल लिटरेचर फेस्टिवल में चर्चित बॉलीवुड गीतकार संदीप नाथ जी के साथ, जिन्होंने पेज थ्री, सरकार, कॉरपोरेट, सांवरिया, सरकार राज, फैशन, जेल, पान सिंह तोमर, साहेब बीवी और गैंग्सटर, बुलेट राजा, आशिकी 2 और सिंघम रिटर्न जैसी कई हिट फिल्मों के लिए गीत लिखे हैं।
National Child Awardee Young blogger Akshitaa (Pakhi) and family members with Mr. Sandeep Nath, Bollywood Lyricist & Screen Writer at Ahmedabad International literature Festival.

मशहूर नृत्यांगना और सोशल एक्टिविस्ट मल्लिका साराभाई जी के साथ @ अहमदाबाद इंटरनेशनल लिटरेचर फेस्टिवल (Ahmedabad International literature Festival).

National Child Awardee Young blogger Akshitaa (Pakhi) and family members with noted Indian classical dancer, actress & Social Activist Mallika Sarabhai at Ahmedabad International literature Festival. Padma Bhushan Awardee Mallika Ji has specialized in using the arts for social change and transformation.

सूफी संगीत में अपनी अलग पहचान बनाने वाली रूहानी सिस्टर्स के साथ एक खूबसूरत शाम।
Enjoyed a Musical night with Sufi Singers (Roohani Sisters) Dr. Neeta Pandey Negi & Dr. Jagriti Luthra Prasanna at Ahmedabad International literature Festival, with family members.







रविवार, मार्च 24, 2019

Colours of Holi festival in Lucknow @ Akshitaa (Pakhi)


इस बार हमने अपनी होली लखनऊ में सेलिब्रेट की। रंग और गुलाल के साथ भरपूर होली खेली।  सबसे अच्छी बात तो यह रही कि इस होली में हमारे परिवार के सभी सदस्य शामिल थे।  आजमगढ़ से दादा-दादी जी आये हुए हैं तो फूफा जी की पोस्टिंग भी लखनऊ में ही है।  फिर क्या था, फूफा-बुआ और उनके तीनों बच्चे - अश्लेषा (ख़ुशी), अनन्या (पंखुड़ी) और अविकम।  दिन भर होली के रंग तो शाम को गुलाल के संग। ...... साथ में गुझिया और ढेर सारी  मिठाईयाँ। वाकई, यह होली एक यादगार होली रही।   














होली पर्व की हार्दिक शुभकामनायें।
Wishing you and loved ones a colourful and joyous holi. May Almighty paint life canvas with colours of health, happiness, success, camaraderie and contentment.