आप सब 'पाखी' को बहुत प्यार करते हैं...

शुक्रवार, सितंबर 17, 2010

'शुक्रवार' में चर्चित चेहरे के तहत 'पाखी की दुनिया' की चर्चा...

कल मैंने आपको बताया था कि दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान अख़बार में 'ब्लॉग की क्रिएटिव दुनिया' के तहत भारत मल्होत्रा अंकल ने बच्चों से जुड़े ब्लॉगस की चर्चा की है. इस चर्चा को तो आप सभी लोगों ने पसंद ही किया. पर पापा के दिल्ली में पोस्टेड एक मित्र ने जब यह पढ़ा तो अचरज में पड़ गए. वे मेरे नाम से तो परिचित हैं, पर मेरे ब्लॉग से नहीं. फिर उन अंकल जी ने ही यह बताया कि 'पाखी की दुनिया' का जिक्र तो उन्होंने अन्यत्र भी पढ़ा है. इसके बाद उन अंकल जी ने इसे ढूंढने के लिए मेहनत आरंभ कर दी और 'पाखी की दुनिया' की चर्चा मिली 'शुक्रवार' पत्रिका के 31 जुलाई-6 अगस्त अंक में. इसमें 'चर्चित चेहरे' के तहत 'पाखी की दुनिया' का जिक्र किया गया है. और हाँ, ब्लॉग के साथ-साथ मेरे जन्म-दिन, ममा-पापा और स्कूल के बारे में भी बताया गया है. अब तो चर्चा के फायदे भी पता चल गए. आप भी पढ़िए ना और बताइयेगा कि अपनी नन्हीं पाखी के बारे में पढ़कर आपको कैसा लगा-

(पढने में सुविधा के लिए पूरी रिपोर्ट को हू-ब-हू यहाँ पढ़ सकते हैं- प्रतिभा उम्र की मोहताज नहीं, बशर्तें उसे अनुकूल वातावरण मिले। ऐसे ही वातावरण में पली-बसी अक्षिता (पाखी) को वर्ष 2010 की श्रेष्ठ नन्हीं ब्लॉगर का खिताब मिला है। अक्षिता का 'पाखी की दुनिया' http://pakhi-akshita.blogspot.com/ नाम से ब्लॉग है। 25 मार्च, 2007 को कानपुर में जन्मी अक्षिता वर्तमान में कार्मेल स्कूल, पोर्टब्लेयर में नर्सरी में पढ़ती हैं। अक्षिता के पिता कृष्ण कुमार यादव अंडमान-निकोबार द्वीप समूह के निदेशक, डाक सेवा पद पर पदस्थ हैं और मम्मी आकांक्षा यादव उप्र के एक कालेज में प्रवक्ता हैं। दोनों ही चर्चित साहित्यकार व सक्रिय ब्लॉगर भी हैं। अक्षिता की रूचि ड्राइंग में भी है. पहले तो उसके मम्मी-पापा ने उसकी ड्राइंग पर ध्यान नहीं दिया, लेकिन बाद में उन्होंने इन चित्रों को ब्लॉग के माध्यम से लोगों तक पहुंचाने की कोशिश की.)

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