आप सब 'पाखी' को बहुत प्यार करते हैं...

संडे लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं. सभी संदेश दिखाएं
संडे लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं. सभी संदेश दिखाएं

शनिवार, अक्टूबर 25, 2014

अंतरिक्ष में भेजे चिप्स और बर्गर

आपने कभी सोचा है कि अगर अंतरिक्ष में चिप्स और बर्गर भेजे जाएं तो क्या कहने। पिछले दिनों हमने यह न्यूज पढ़ी तो लगा की आप सभी के साथ शेयर करना चाहिए। 

दरअसल लंदन की एक कंपनी ने हीलियम गुब्बारे की मदद से अंतरिक्ष में चिप्स और बर्गर भेजने में सफलता हासिल की है। इस गुब्बारे का आकार दो बेडरूम वाले घर जितना है। इस खाद्य सामग्री को 1,12,000 फुट आकाश में भेजने पर कंपनी का लगभग दो हजार पाउंड का खर्चा आया। कंपनी के अधिकारियों का कहना है कि दरअसल यह स्टंट था जिसका मकसद महज प्रचार है। इससे पहले भी एक बार कंपनी ने ऐसा प्रयास किया था पर तब कैमरे ने दो फुट की ऊंचाई से ही काम करना बंद कर दिया था। दरअसल इस बर्गर कंपनी के दोनों मालिकों को विज्ञान से लगाव है। 

तो है न मजेदार जानकारी !!


अब आप 'पाखी की दुनिया' को फेसबुक पर भी पढ़ सकते हैं।  बस आपको इस पेज पर जाकर लाइक करना है -

रविवार, सितंबर 21, 2014

काश वो बचपन फिर लौट आए


काश वो बचपन फिर लौट आए। वो प्यारे-प्यारे गीत जिनसे बचपन की पहचान जुडी हुई है। जिन्हे हम दिल से गाते-गुनगुनाते थे और खेल खेलते थे। तो वो यादें फिर से ताज़ा कर लीजिये और एक बार फिर से गुनगुनाते हैं।

मछली जल की रानी है,
जीवन उसका पानी है।
हाथ लगाओ डर जायेगी
बाहर निकालो मर जायेगी।
************
पोशम्पा भाई पोशम्पा,
सौ रुपये की घडी चुराई।
अब तो जेल मे जाना पडेगा,
जेल की रोटी खानी पडेगी,
जेल का पानी पीना पडेगा।
जेल में ही रहना पड़ेगा।
*********************
आलू-कचालू बेटा कहाँ गये थे,
बन्दर की झोपडी मे सो रहे थे।
बन्दर ने लात मारी रो रहे थे,
मम्मी ने पैसे दिये हंस रहे थे।
**************
मामा मामा भूख लगी है,
खालो बेटा मूँगफली है।
मूँगफली में दाने नहीं,
हम तम्हारे मामा नहीं।
******************
आज सोमवार है,
चूहे को बुखार है।
चूहा गया डाक्टर के पास,
डाक्टर ने लगायी सुई,
चूहा बोला उईईईईई।
************
झूठ बोलना पाप है,
नदी किनारे सांप है।
काली माई आयेगी,
तुमको उठा ले जायेगी।
************
चन्दा मामा दूर के,
पूए पकाये भूर के।
आप खाएं थाली मे,
मुन्ने को दे प्याली में।
************
लाला जी ने केला खाया,
उसका छिलका वहीँ गिराया।
पैर के नीचे छिलका आया,
लाला जी गिरे धडाम।
मुँह  से निकला हाय राम।
********************
तितली उड़ी,
बस मे चढी।
सीट ना मिली,
तो रोने लगी।
ड्राईवर बोला, आजा मेरे पास,
तितली बोली ” हट बदमाश “।
******************
मोटू सेठ,
पलंग पर लेट ,
गाडी आई,
फट गया पेट
**********
....सब हम ही लिख देंगे, कुछ आप भी तो...

(पापा की फेसबुक-वाल से साभार। अच्छा लगा पढ़ना सो आप सभी के साथ शेयर कर रही हूँ)

रविवार, सितंबर 22, 2013

अपूर्वा के फर्स्ट एक्जाम्स

मेरे  हाफ-ईअरली एक्जाम्स 19  सितम्बर  को ख़त्म हो गए।  दो दिन की हाली डे और फिर से क्लासेज आरंभ।

अपूर्वा तो पहली बार स्कूल्स  एक्जाम दे रही है। फ़िलहाल ये प्ले-ग्रुप में हैं और 30 सितम्बर को इनके एक्जाम्स ख़त्म होंगें।

अपूर्वा तो अपने क्लास में काफी अच्छा परफार्म कर रही हैं। अपूर्वा अक्टूबर में 3 साल की हो जाएंगी।





फ़िलहाल दो दिन की हालिडेज हमने खूब इंजॉय की। सटरडे को 'फटा पोस्टर निकला हीरो' तो आज संडे को 'लंच बाक्स' देखी ....अब कल से फिर से पढाई पर ध्यान ...!!

रविवार, सितंबर 08, 2013

यह सन्डे हफ्ते में सिर्फ एक बार ही क्यों आता है ??

सन्डे का दिन सबसे बढ़िया होता है। फुल-डे मस्ती। पढाई का कोई टेंशन नहीं। 


इस दिन पापा का भी हालिडे होता है, सो खूब घूमना-फिरना। पी वी आर मॉल में शापिंग और मूवी। 


इधर तो हमने कई मूवी देखी। लास्ट वीक 'सत्याग्रह' देखी तो इस बार ''शुद्ध देसी रोमांस". 



कई बार लगता है कि यह सन्डे हफ्ते में सिर्फ एक बार ही क्यों आता है ??

(यह सारी क्लिक हमारे पापा ने की है)

मंगलवार, दिसंबर 04, 2012

इलाहाबाद में राष्ट्रीय पुस्तक मेला

पिछले दिनों इलाहाबाद में 23 नवम्बर-2 दिसंबर तक तक बुक-फेयर लगा। इसमें कई पब्लिकेशंज़ ने अपने बुक-स्टाल्स लगाये।
मैं भी इस बुक-फेयर में गई। किसी बुक-फेयर में जाने का यह मेरा पहला मौका था, सो ज्यादा उत्साहित भी थी। स्कूल  में टीचर जी ने भी इस बुक-फेयर के बारे में बताया था।
                  
मैंने तो अपने लिए ढेर सारी बुक्स खरीदीं और हाँ अपनी सिस्टर अपूर्वा के लिए भी। अगले साल से उसे भी तो स्कूल जाना है।
   (वाव...ढेर सारी बुक्स...पुस्तक मेला, इलाहाबाद में बुक-स्टाल के समक्ष अक्षिता)
(पुस्तक मेला, इलाहाबाद में गोपाल दास 'नीरज' जी की एक पुस्तक देखती अक्षिता)
(इस स्टाल पर तो बच्चों के लिए ढेर सारी बुक्स और टोयज़ हैं। यहाँ से मैंने अपने लिए ढेर सारी बुक्स खरीदीं )
 (वाह, यह मिकी माउस कितना खुबसूरत है। इसे अपनी सिस्टर अपूर्वा के लिए खरीद लेती हूँ) 
                  (पुस्तक मेला, इलाहाबाद में पुस्तक देखते पापा श्री कृष्ण कुमार यादव जी )
                                  (पुस्तक मेला, इलाहाबाद में सपरिवार)
                       (पुस्तक मेला, इलाहाबाद में पापा के साथ अक्षिता (पाखी)

रविवार, अगस्त 19, 2012

स्माइल प्लीज़..आज वर्ल्ड फोटोग्राफी डे है !!

आज वर्ल्ड फोटोग्राफी डे है. मुझे तो वैसे भी फोटोग्राफ क्लिक करना बहुत अच्छा लगता है. आज मैंने पापा से फोटोग्राफी की हिस्ट्री के बारे में पूछा तो उन्होंने बताया कि फोटोग्राफी का आरंभ जनवरी, 1839 से माना जाता है. उस समय फ्रांसीसी वैज्ञानिक जोसफ निकफोर और लुईस डाग्युरे ने पहली बार फोटोग्राफी प्रक्रिया की शुरुआत की. फिर क्या था, फ्रेंच अकादमी ऑफ़ साइंस ने १९ अगस्त, १८३९ को डाग्यु रियोटाईप नाम की इस फोटोग्राफी प्रक्रिया के बारे में पहली बार पूरे वर्ल्ड को जानकारी दी...और बस यहीं से 19 अगस्त को 'वर्ल्ड फोटोग्राफी डे' मनाने की भी शुरुआत हो गई...है न मजेदार बात !!

अब तो मैं बड़ी हो गई हूँ. जहाँ भी जाती हूँ खूब सारी पिक्चर्स क्लिक करती हूँ. फिर चाहे वह कैमरे और हैंडी-कैम से हो या ममा-पापा के मोबाईल से हो..मुझे तो फोटोग्राफी करने में बहुत इंजॉय आता है. मैंने खूब सारी फोटो अपने ममा-पापा और सिस्टर की ली हैं. अपने बंगले के लान में में तो खूब सारी फोटो क्लिक करती हूँ. चलिए, आज आप सभी के साथ शेयर करती हूँ-

(यह है हमारे बंगले के लान में खिला फूलों का राजा गुलाब )

(..और यह हैं फलों के राजा आम)

(हमारे बंगले का लान)

(अपने बंगले की छत से ली मैंने सिविल लाइन्स,इलाहाबाद के बड़े चर्च की फोटो)

(यह है हमारे छत पर बैठी गौरैया)
(कन्फ्यूज हो गए न, यह अंडमान-निकोबार की फोटो नहीं है बल्कि हमारे बेड-रूम में लगा वाल-पेपर है)

..तो कैसी लगी आपको मेरी फोटोग्राफी..जल्द ही और भी ढेर सारे फोटोग्राफ के साथ हाजिर हूँगी !!

रविवार, मई 13, 2012

मेरी ममा सबसे प्यारी



आपको पता है आज मदर्स डे है. हर साल मई माह के दूसरे रविवार को यह सेलिब्रेट किया जाता है. मैं तो अपनी ममा से बहुत प्यार करती हूँ.मुझे पता है कई बार मैं उन्हें बहुत परेशान करती हूँ पर ममा कभी बुरा नहीं मानती. मुझे ढेर सारा प्यार-दुलार देती हैं. मेरी ममा सबसे प्यारी हैं.
आज मदर्स डे पर मैंने सुबह जगते ही ममा को विश किया और उन्हें एक प्यारा सा कार्ड और चाकलेट दिया. साथ में प्यारे-प्यारे गुलाब के फूल भी दिया और अपनी एक ड्राइंग भी दी. आज संडे भी है, सो पापा भी घर पर रहेंगे. शाम को हम लोग ढेर सारी जगहें घूमने जायेंगे, और जब थक जायेंगे तो पापा हम लोगों को शानदार डिनर कराएँगे.

वैसे तो ममा से प्यार जताने के लिए किसी खास दिन की जरुरत नहीं, पर आज का दिन तो सिर्फ ममा का है..आज के दिन के लिए ममा को ढेर सारा प्यार और बधाई. U r the best Mama.





मम्मी की दुलारी
मम्मी मेरी सबसे प्यारी,
मैं मम्मी की राजदुलारी।
मम्मी मुझसे प्यार जताती,
अच्छी-अच्छी चीजें लाती।

करती जब भी मैं मनमानी,
मम्मी याद दिलाती नानी।
फिर मम्मी करती है प्यार,
मेरा भी गुस्सा बेकार।

पीछे-पीछे मम्मी आती,
चाकलेट दे मुझे मनाती।
थपकी देकर लोरी गाती,
निंदिया प्यारी मुझको आती।।










(यह बाल-गीत ममा के संग्रह 'चाँद पर पानी' से लिया गया है )

रविवार, अप्रैल 22, 2012

विश्व पृथ्वी दिवस : अपूर्वा की एक नन्ही सी कोशिश

आज विश्व पृथ्वी दिवस है. पृथ्वी जब तक सुरक्षित है, हम सभी सुरक्षित हैं. इसीलिए हमें पेड़-पौधों की रक्षा करनी चाहिए, क्योंकि ये धरा के आभूषण हैं. लोग कहते भी हैं कि पहले तो पेड़ काटो नहीं और यदि काटना ही पड़े तो एक की जगह दो पेड़ लगाना चाहिए। लगता है हमारी छोटी बहन अपूर्वा को भी यह बात पता है कि आज विश्व पृथ्वी दिवस है. वह सुबह से ही गमले में एक सूखी टहनी को लगाने का प्रयास कर रही है. आखिर जब चारों तरफ हरियाली हो तो फिर यह एक टहनी सूखी कैसे रह सकती है.इसे गमले में लगा देती हूँ.शायद यह दूसरे हरे-भरे पौधों का साथ पाकर फिर से हरा-भरा हो जाये.ऐसा ही कुछ अपूर्वा सोच रही है.चलिए, हम सब लोग भी कुछ ऐसा ही प्रयास करते हैं. शायद पृथ्वी और हरी-भरी हो उठे.


रविवार, मार्च 04, 2012

इलाहाबाद में एक सप्ताह..


आज हमें इलाहाबाद आए पूरे एक सप्ताह हो गए. एक सप्ताह कैसे बीत गया, पता भी नहीं चला. दिन में पापा का आफिस और शाम को हमारी मस्ती. पापा का आफिस और आवास यहाँ सिविल लाइंस में है, सो शाम होते ही हम सिविल लाइंस घूमने निकल पड़ते हैं. वैसे अभी हम अपने नए घर में शिफ्ट नहीं हुए हैं, वहां पर सफाई का कार्य चल रहा है. यहाँ पापा के निरीक्षण-बंगला में हम लोग ठहरे हुए हैं.

अंडमान में तमाम आइलैंड्स की सैर करते थे, यहाँ पर मॉल में घूमते हैं और खूब खरीददारी करते हैं. पहले दिन मैं यहाँ बिग बाजार गई और मैकडोनाल्ड से अपना मनपसंद हैपी-मील लिया. फिर हम यहाँ के पी. वी. आर. मॉल में भी घूमने गए, मैंने तो खूब खरीददारी की. कल हमने पी. वी. आर. में जोड़ी-ब्रेकर्स मूवी भी देखी...मजेदार लगी यह मूवी. अभी तो मुझे इंतजार है कि कब हम हमने नए घर में शिफ्ट होंगे...!!

रविवार, अक्टूबर 16, 2011

अपूर्वा (तान्या) के नए बाल कब आएंगें..

आज मेरी सिस्टर अपूर्वा (तान्या) का मुंडन-संस्कार संपन्न हो गया.फिर तो उसके सर से सारे बाल गायब हो गए.




देखिये, कित्ते ध्यान से सोच रही है कि मेरे बाल कहाँ चले गए.


यह संस्कार पोर्टब्लेयर में हैडो स्थित गणेश जी के मंदिर में संपन्न हुआ.




मंदिर में पूजा-अर्चना के बाद अपूर्वा के बाल हमने समुद्र में प्रवाहित कर दिए.




बाल उतरवाते समय तो अपूर्वा खूब रोई. बड़ी मुश्किल से उसे चुप कराया गया.




मुंडन से पहले ली गई घर पर फोटो.

अब तो इंतजार है कि अपूर्वा (तान्या) के नए बाल कब आएंगें !!

रविवार, मई 08, 2011

मेरी ममा सबसे प्यारी...

आपको पता है आज मदर्स डे है. हर साल मई माह के दूसरे रविवार को यह सेलिब्रेट किया जाता है. मैं तो अपनी ममा से बहुत प्यार करती हूँ. ममा के बिना कोई काम तक नहीं करती.

आज मदर्स डे पर मैंने सुबह जगते ही ममा को विश किया और उन्हें एक प्यारा सा कार्ड और चाकलेट दिया. साथ में प्यारे-प्यारे गुलाब के फूल भी दिया और अपनी एक ड्राइंग भी दी. आज संडे भी है, सो पापा भी घर पर रहेंगे. शाम को हम लोग मरीना पार्क घूमने जायेंगे, जहाँ मैं खूब झूले झूलूँगी, स्लैडिंग करुँगी, सी-सा पर मस्ती करुँगी, हैंगिंग राड और स्प्रिंगी हार्स इंजॉय करुँगी. समुद्र के किनारे दूर तक घुमूंगी और बोटिंग भी करुँगी. और जब थक जायेंगे तो पापा हम लोगों को किसी रेस्तरां में शानदार डिनर कराएँगे.

मेरी ममा बहुत बढ़िया है। मुझे पता है कई बार मैं उन्हें बहुत परेशान करती हूँ पर ममा कभी बुरा नहीं मानती. मुझे ढेर सारा प्यार-दुलार देती हैं. मेरी ममा सबसे प्यारी हैं.




मम्मी मेरी सबसे प्यारी,
मैं मम्मी की राजदुलारी।
मम्मी प्यार खूब जताती,
अच्छी-अच्छी चीजें लाती।
करती जब मैं खूब धमाल,
तब मम्मी खींचे मेरे कान।
मम्मी से हो जाती गुस्सा,
पहुँच जाती पापा के पास।
पीछे-पीछे तब मम्मी आती,
चाॅकलेट देकर मुझे मनाती।
थपकी देकर लोरी सुनाती,
मम्मी की गोद में मैं सो जाती।















मंगलवार, फ़रवरी 22, 2011

चल मेरे हाथी...


पिछले रविवार को मैं ममा-पापा और तन्वी के साथ हैवलाक घूमने गई थी तो वहाँ एलीफैंट-राइडिंग का भी मजा लिया. पहले जो जब मुझे पता चला कि संडे को राधानगर बीच पर एलीफैंट-राइडिंग नहीं होती है तो मैं बहुत उदास हो गई. फिर पापा ने वहाँ के DFO अंकल से बात करके एलीफैंट-राइडिंग की व्यवस्था कराई.

यह तो मेरी पहली एलीफैंट-राइडिंग थी, सो डर भी लग रहा था की कहीं हाथी-राजा मुझे गिरा न दें.

पर ममा-पापा के रहते डर कैसा...

महावत जी भी तो साथ-साथ चल रहे थे..

कित्ता मजा आ रहा है जंगल के बीच से गुजरते हुए...और हाथी के बड़े-बड़े कान देखकर तो और भी मजा आ रहा था.पर नीचे देखो तो कित्ता डर भी लग रहा था.

एलीफैंट-राइडिंग में तो मुझे बहुत मजा आया...अब तो जब भी हैवलाक जाउंगी, इसका मजा लूंगी. चल मेरे हाथी...








रविवार, सितंबर 26, 2010

डाटर्स-डे पर पाखी की ड्राइंग...

आपको पता है, आज डाटर्स डे (Daughters Day) है. डाटर्स-डे पर मुझे क्या करना है...सोचती हूँ आज ममा-पापा को खूब प्यार करूँ. पर ममा-पापा को तो मैं वैसे भी प्यार करती हूँ, फिर इसके लिए किसी दिन की क्या जरुरत. मैं तो वैसे भी प्यारी बिटिया रानी हूँ. आप लोग भी मुझे कित्ता प्यार करते हैं. पापा ने यह तो बताया कि डाटर्स-डे सितंबर माह के चौथे रविवार को मनाया जाता है, पर क्यों मनाया जाता है, यह नहीं बताया...चलिए कोई बात नहीं, आप सब अपनी इस प्यारी सी नन्हीं पाखी को ढेर सारा प्यार और आशीर्वाद देते रहिएगा, आखिर मैं प्यारी बिटिया रानी जो हूँ.



डाटर्स-डे पर मैंने इक ड्राइंग भी बनाई. इसमें मैंने अपनी जैसी ढेर सारी गर्ल्स बनाईं, ये सब डाटर्स-डे पर खूब मस्ती कर रही हैं. इस पर मैंने अपना व ममा का नाम लिखकर पापा को प्रजेंट कर दिया. पापा को तो यह बहुत पसंद आई, आप भी बताइयेगा कि मेरी यह ड्राइंग आपको कैसी लगी...और हाँ, मुझे ढेर सारा प्यार देना भी ना भूलियेगा !!


रविवार, अगस्त 01, 2010

फ्रैंडशिप- डे की बधाई

आज पहली तारीख है. कुछ मीठा हो जाये आज पहली तारीख है. आज दोस्तों का दिन है, पहली तारीख है. संडे भी है, आज पहली तारीख है. यह सब मैं इसलिए गा रही हूँ क्योंकि आज फ्रैंडशिप-डे है. आप सभी को इस दिन पर ढेर सारी बधाई और प्यार !!

बुधवार, जून 16, 2010

पाखी की पेंटिंग..बढ़िया है ना !!

इस संडे को मैंने एक पेंटिंग बनाई. उसमें ढेर सारे रंग भरें-काले, पीले, नीले, लाल और भी कई. अब आप बताइए कि आपको कैसी लगी मेरी यह पेंटिंग...बढ़िया है ना !!

बुधवार, मई 19, 2010

नेवी शिप आईएनएस राणा पर एक दिन

इस संडे को मैं भारतीय नौसेना के जहाज देखने गई. अंडमान में आ तो गई हूँ, पर अभी तक जल यान की सैर करना बाकी है. अक्सर हेलीकाप्टर या क्रूज से ही हम लोग घूमने जाते हैं. पर अब सोच रही हूँ कि पानी के जहाज में भी किसी दिन सैर कर आऊं।
पिछले दिनों पूर्वी बेड़े के जहाज अंडमान-निकोबार द्वीप समूह द्वीपों के दौरे पर थे , जिनमें आईएनएस राणा, आईएनएस रणवीर, आईएनएस रंजीत, आईएनएस ज्योति, आईएनएस कुलिश, आईएनएस कृपण, आईएनएस किर्च तथा आईएनएस खुकरी शामिल थे. गमन-आगमन के दौरान विदेशों में तैनाती के लिए दक्षिण पूर्व एशिया के मार्ग में पूर्वी बेड़ा आता है।
पूर्वी बेड़े के जहाज अंडमान सागर में अपनी उपस्थिति और निगरानी मिशन अक्सर चलते रहते हैं. हम आईएनएस राणा पर गए और उसे खूब मजे से देखा.
कित्ता विशाल था यह जहाज. यह जहाज युद्ध के समय कम आता है और इस पर हेलीकाप्टर भी उतर सकता है. इस पर तोप, रडार, मिसाइल जैसे तमाम टेक्नालाजी लगी हुई हैं ताकि लड़ाई में दुश्मनों को यह जवाब दे सके. हम केबिन के अन्दर भी गए और वहाँ से बाहर का नजारा भी देखा. केबिन के अन्दर बैठकर कैप्टन और अन्य लोग पूरी गतिविधियों पर निगाह रखते हैं. अन्दर का दृश्य तो बड़ा रोमांचकारी लग रहा था. यह पूर्णतया वातानुकूलित था. चार बार तो हमें सीढियाँ चढ़नी पड़ीं. भारतीय नौसेना के इस जहाज को देखने में बड़ा मजा आया और बहुत कुछ सीखने-जानने को भी मिला. चलते-चलते हमने कैप्टन के केबिन में साथ बैठकर चाय और जूस पिया और उन्हें धन्यवाद भी दिया.