आप सब 'पाखी' को बहुत प्यार करते हैं...

बुधवार, मई 26, 2010

सपने में आई परी


पता है कई कल मेरे सपने में एक प्यारी सी परी आई। उसको देखकर मैं बहुत खुश हुई. उसके साथ मैं खूब खेली और खूब इंजॉय किया. और हैं, परी के साथ मैं असमान में भी घुमने गई. नन्हें-नन्हें टिमटिमाते तारे कित्ते सुन्दर लग रहे थे. जब भी में परी से कुछ माँगती तो परी अपनी जादू की छड़ी घुमाती और सब हाजिर. परी ने मुझे गाने भी सुनाये और ढेर सारे खिलौने व चाकलेट भी दिए. ॥अचानक मेरी नीद खुल गई तो देखा वहां कुछ नहीं था. न कोई परी और न ही खिलौने व गिफ्ट. फिर तो मैं जोर-जोर से रोने लगी. मम्मी-पापा भी जग गए और मुझे प्यार से चुप कराया कि परी तो सपनों में आती है और प्यार करके चली जाती है. मैंने सोचा कि काश कहीं सच्ची सी परी होती जो मुझे कभी भी छोड़ कर नहीं जाती तो कित्ता अच्छा लगता...!

परी तो आ नहीं सकती, फिर मैंने मम्मी-पापा को अपने इस सपने पर एक प्यारा सा गीत लिखने को कहा, आप भी पढ़िए न और बताइए कि मेरा सपना, मेरी परी और यह गीत कैसा है-

पाखी ने सपने में देखा
इक प्यारी सी परी
आसमां से उतरी वो
हाथों में लिए छड़ी।

हाथों में लिए छड़ी
जादू खूब दिखाती
ढेर सारी बातें करती
गीत भी गुनगुनाती।

पाखी के संग खूब खेलती
प्यार से इठलाती
पाखी को संग ले
आसमां की सैर कराती।

झिलमिल तारों में
पाखी भी खो जाती
चाकलेट-गिफ्ट पाकर
पाखी खूब खुश हो जाती।
(इस पोस्ट की चर्चा साप्ताहिक काव्य मंच–२( संगीता स्वरुप) चर्चा मंच-170 के अंतर्गत भी देखें)

56 टिप्‍पणियां:

माधव( Madhav) ने कहा…

बहुत अच्छा , परी को दुबारा आने के लिए बोलना चाहिए था

Mrityunjay Kumar Rai ने कहा…

प्यारे और नेक बच्चों के सपने में भी अच्छे और प्यारे लोग ( परियां , angel ) आते है , आप हमेशा नेक बनी रहना , हमेशा सपने में परियां आयेंगी

Urmi ने कहा…

सपनों में परी का आना बहुत ही अच्छा होता है! तुम तो इतनी प्यारी हो पाखी की तुम्हारे सपने में सब अच्छे अच्छे प्यारे प्यारे लोग ही आयेंगे! फिर से तुम्हारे सपने में परी आए तो बहुत अच्छा होगा!

जयकृष्ण राय तुषार ने कहा…

badhai pakhi bahut sundar kavita

डॉ टी एस दराल ने कहा…

असल की परी तो मम्मी होती है । वो सब कुछ करती है , जो परी करती है , और हकीकत में ।
सुन्दर कविता पाखी की ।

संगीता स्वरुप ( गीत ) ने कहा…

प्यारा सा सपना और प्यारी सी कविता अच्छी लगी....

Bhanwar Singh ने कहा…

वाह, मेरे सपने में आई एक नन्हीं परी...शानदार. कविता भी मजेदार लगी.

Shyama ने कहा…

झिलमिल तारों में
पाखी भी खो जाती
चाकलेट-गिफ्ट पाकर
पाखी खूब खुश हो जाती।
...काश हमारे सपनों में भी पारी आती तो हमें भी ये सब मिलता न. पाखी अच्छी है, तभी तो उसके सपने में आती है.

हिंदी साहित्य संसार : Hindi Literature World ने कहा…

पाखी की बातें प्यारी-प्यारी, ठीक परियों की तरह...शुभकामनायें.

हिंदी साहित्य संसार : Hindi Literature World ने कहा…

मम्मी-पापा ने तो पाखी के लिए बाल-गीत भी बड़ा सुन्दर लिखा. इसे मैं अपनी भांजी को सुनाउंगी .

Unknown ने कहा…

पाखी भी तो परी है. पाखी कल मेरे सपने में आई थी.

Shahroz ने कहा…

परी के सपने में तो परी ही आयेगी...पाखी को प्यार.

बेनामी ने कहा…

पाखी, आपको परी ने जो चाकलेट व गिफ्ट दिए, उसमें हमारा भी हिस्सा. नहीं तो कुट्टी हो जाएगी. कविता तो लाजवाब लिखी मम्मी-पापा ने, आखिर परी बिटिया जो है.

Akshitaa (Pakhi) ने कहा…

@ माधव,

क्या करूँ, जब तक बोलती नींद ही खुल गई. अगली बार मिलते ही बोलूंगी.

Akshitaa (Pakhi) ने कहा…

@ Mritunjaya Uncle,

आप हमेशा नेक बनी रहना , हमेशा सपने में परियां आयेंगी/....ऐसा ही करुँगी, परी को फिर से बुलाना जो है.

Akshitaa (Pakhi) ने कहा…

@ Babli Aunty,

आप भी तो प्यारी हो. परियों की तरह ढेर सारे गीत लिखती हो.

Akshitaa (Pakhi) ने कहा…

@ दराल दादा जी,

सही कहा आपने. असली परी तो मम्मी ही होती है...जो रोज बढ़िया गीत सुनाती, ढेर सारी बात बताती और चाकलेट भी खिलाती हैं.

Akshitaa (Pakhi) ने कहा…

@ Rashmi Aunty,

हमें भी बताना कि दीदी को कैसी लगी ये कविता.

Akshitaa (Pakhi) ने कहा…

@ Ratnesh Uncle,

वो तो मैं हूँ ही...और आपको खूब चाकलेट भी दिए थे न.

Akshitaa (Pakhi) ने कहा…

@ अभिलाषा आंटी,
आप तो बहुत चालाक हो. पहले आप चाकलेट खिलाओ.

Dr. Brajesh Swaroop ने कहा…

अरे यहाँ तो परियों की बातें..मनभावन बातें..मनभावन चित्र..मनभावन गीत और मनभावन अक्षिता.

raghav ने कहा…

जहाँ पाखी रहेगी, वहां तो परियां ही आयेंगी . आखिरकार आप किस परी से कम हो.

raghav ने कहा…

बाल गीत तो गुनगुनाने वाला है.

मन-मयूर ने कहा…

Pakhi, My sweet Angel...U r so cute. Lovely poem.

शरद कुमार ने कहा…

पाखी, इस गीत को आप भी गाकर सुनाओ तो परी फिर से सपनों में आयेगी.

Amit Kumar Yadav ने कहा…

और हैं, परी के साथ मैं असमान में भी घुमने गई. नन्हें-नन्हें टिमटिमाते तारे कित्ते सुन्दर लग रहे थे. जब भी में परी से कुछ माँगती तो परी अपनी जादू की छड़ी घुमाती और सब हाजिर.

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पाखी जब अगली बार परी आए तो मेरे लिए भी कुछ माँग लेना.

Amit Kumar Yadav ने कहा…

पाखी के संग खूब खेलती
प्यार से इठलाती
पाखी को संग ले
आसमां की सैर कराती।
..Kya kahne pakhi ke..love.

editor : guftgu ने कहा…

पाखी ने सपने में देखा
इक प्यारी सी परी
आसमां से उतरी वो
हाथों में लिए छड़ी।..यही परी तो हमारे भी सपनों में आई थी और पूछ रही थी कि आप पाखी को जानते हैं.

संजय भास्‍कर ने कहा…

कविता अच्छी लगी....

अंजना ने कहा…

पाखी सपने मे परी का आना तो अच्छा फल है । सुख समृध्दि,ख्याति का शुभ संकेत है पाखी तुम्हारे लिए...
परी पर रची ये कविता बहुत ही बढिया है।

Akanksha Yadav ने कहा…

पाखी की परी तो बड़ी प्यारी है. पाखी अच्छे कम करेगी तो परी फिर से सपनों में आयेगी.

Razi Shahab ने कहा…

बहुत उम्दा व लाजवाब

Dr. Brajesh Swaroop ने कहा…

Pakhi, aj apka geet maine kisi ko sunaya. usne bahut pasand kiya.

बेनामी ने कहा…

जितनी प्यारी तुम्हें परी, तुम हमको उससे प्यारी।
ज्यादा चोकलेट से होती, दांतों की बीमारी।।

Akshitaa (Pakhi) ने कहा…

@ शरद अंकल,

सच्ची..फिर जो जरुर गाऊन्गी. .

Akshitaa (Pakhi) ने कहा…

@ Amit Uncle,

..पर क्या मांगूगी, ये भी तो बताइए आप.

Akshitaa (Pakhi) ने कहा…

@ Mohd. Ghazi Uncle,

फिर अपने क्या कहा ??

Akshitaa (Pakhi) ने कहा…

@ Sweet Mumma,

सही कहा ममा अपने..मैं तो अच्छे काम ही करती हूँ. नो शरारत.

Akshitaa (Pakhi) ने कहा…

@ Dr. Brajesh Uncle,

Kisko sunaya uncle ji..ham bhi to janen.

Akshitaa (Pakhi) ने कहा…

@ rakesh Uncle,

Thanks. Sahi kaha apne, isiliye main to kam choclate khati hoon.

Ashok Singh Raghuvanshi ने कहा…

पाखी बेटा आप तो ख़ुद ही परी जैसी हो। आपको परियोँ की क्या जरूरत?

पंकज मिश्रा ने कहा…

बहुत खूब पाखी। क्या कहने। बहुत अच्छा।
http://udbhavna.blogspot.com/

बेनामी ने कहा…

badhai ho pakhi tumhaare sapne mein pari aayi....

बेनामी ने कहा…

aur kavita bhi bahut achhi likhi hai.....
aur pari phir se aaye to usse dubaara aane ka waada bhi kara lena....

बेनामी ने कहा…

aur haan mere blog par...
तुम आओ तो चिराग रौशन हों.......
regards
http://i555.blogspot.com/

दीनदयाल शर्मा ने कहा…

अक्षिता बिटिया, आपके सपने में आई परी पर कविता तो बहुत ही बढ़िया लिखी है.. कितनी ख़ुशी की बात है...कि आपके मम्मी पापा आपका इतना ख्याल रखते हैं...आप भी मम्मी पापा का कहना मानती हो न.. मेरी ओर से अच्छी कविता के लिए बधाई..

Ashish (Ashu) ने कहा…

मेरी प्यारी पाखी तुम सपनो की परी के लिये रोती हो पर जीवन मे परी भगवान खुदा जो कुछ भी हॆ वो सब तुम्हारे सामने मां के रूप मे हे..मां तुम्हारी हर विश को बिना कहे समझ जाती हॆ बिना मागे ढेर सारे प्यार भरे फूल अपने आचंल मे समेटे हमारे सिर पर अपना स्नेह भरा रखती हॆ..हा तुम्हारी कविता बहुत अच्छी हॆ...

Ashish (Ashu) ने कहा…

ओह लो मे तो देखा ही नही आपके दराल दादा जी ने भी यही बात कही हे..अब तो कम से कम दादा जी की बात को याद रखना ऒर रोना नही..

संगीता स्वरुप ( गीत ) ने कहा…

आपकी यह पोस्ट चर्चा मंच के साप्ताहिक काव्य मंच पर मंगलवार १.०६.२०१० के लिए ली गयी है ..
http://charchamanch.blogspot.com/

Akshitaa (Pakhi) ने कहा…

@ अशोक सिंह अंकल,

आप कहते हो तो मान लेती हूँ.

Akshitaa (Pakhi) ने कहा…

@ shekhar Uncle,

पक्का, इस बार परी से अगली बार आने का प्रामिस भी लेना नहीं भूलूंगी.

और आपके ब्लॉग पर भी हो आई और इक्जाम के लिए गुड लक.

Akshitaa (Pakhi) ने कहा…

@ दीनदयाल अंकल जी,

मैं तो मम्मी-पापा की अच्छी बिटिया हूँ. उनका कहा मानती हूँ.

और अब आपने आपने ब्लॉग पर पोस्ट लगाना आरंभ कर दिया है, मजा आता है आपके ब्लॉग पर जाकर.

Akshitaa (Pakhi) ने कहा…

@ Ashu Uncle,

U r so sweet. Achhi-achhi baten karte ho ap. apne sahi kaha man se badhkar koi nahin...aur ye kavita maine nahin mammi-papa ne likhi hai mere dream par.

Akshitaa (Pakhi) ने कहा…

@ sangeeta swarup Aunty,

Thanks a lot Aunty ji.

editor : guftgu ने कहा…

पाखी जी, फिर सपने में परी आई कि नहीं. जरुर बताइयेगा.

Ram Shiv Murti Yadav ने कहा…

पाखी की तरह ही परी भी बड़ी प्यारी है..और परी वाली कविता तो बड़ी मनभावन लगी. आशीष व प्यार.