आप सब 'पाखी' को बहुत प्यार करते हैं...

बुधवार, मई 19, 2010

नेवी शिप आईएनएस राणा पर एक दिन

इस संडे को मैं भारतीय नौसेना के जहाज देखने गई. अंडमान में आ तो गई हूँ, पर अभी तक जल यान की सैर करना बाकी है. अक्सर हेलीकाप्टर या क्रूज से ही हम लोग घूमने जाते हैं. पर अब सोच रही हूँ कि पानी के जहाज में भी किसी दिन सैर कर आऊं।
पिछले दिनों पूर्वी बेड़े के जहाज अंडमान-निकोबार द्वीप समूह द्वीपों के दौरे पर थे , जिनमें आईएनएस राणा, आईएनएस रणवीर, आईएनएस रंजीत, आईएनएस ज्योति, आईएनएस कुलिश, आईएनएस कृपण, आईएनएस किर्च तथा आईएनएस खुकरी शामिल थे. गमन-आगमन के दौरान विदेशों में तैनाती के लिए दक्षिण पूर्व एशिया के मार्ग में पूर्वी बेड़ा आता है।
पूर्वी बेड़े के जहाज अंडमान सागर में अपनी उपस्थिति और निगरानी मिशन अक्सर चलते रहते हैं. हम आईएनएस राणा पर गए और उसे खूब मजे से देखा.
कित्ता विशाल था यह जहाज. यह जहाज युद्ध के समय कम आता है और इस पर हेलीकाप्टर भी उतर सकता है. इस पर तोप, रडार, मिसाइल जैसे तमाम टेक्नालाजी लगी हुई हैं ताकि लड़ाई में दुश्मनों को यह जवाब दे सके. हम केबिन के अन्दर भी गए और वहाँ से बाहर का नजारा भी देखा. केबिन के अन्दर बैठकर कैप्टन और अन्य लोग पूरी गतिविधियों पर निगाह रखते हैं. अन्दर का दृश्य तो बड़ा रोमांचकारी लग रहा था. यह पूर्णतया वातानुकूलित था. चार बार तो हमें सीढियाँ चढ़नी पड़ीं. भारतीय नौसेना के इस जहाज को देखने में बड़ा मजा आया और बहुत कुछ सीखने-जानने को भी मिला. चलते-चलते हमने कैप्टन के केबिन में साथ बैठकर चाय और जूस पिया और उन्हें धन्यवाद भी दिया.

44 टिप्‍पणियां:

राजा कुमारेन्द्र सिंह सेंगर ने कहा…

इत्ता बड़ा जहाज..........बड़ा मजा आया होगा देख कर......चलो तुम्हारे सहारे हमने भी सैर कर ली....
जय हिन्द, जय बुन्देलखण्ड

Ashish (Ashu) ने कहा…

अरे वाह..अपनी पाखी तो वाकई बडी हो गयी हे..पर पाखी पापा को धन्यवाद कहना आखिर पापा ही तो घुमाने ले गये थे वॆसे क्या पता आज कल अपनी पाखी बहुत प्यारी प्यारी बाते करती हॆ क्या पता पापा को खुद ही ले कर गयी हो..:)कॆप्टन की चेयर पर पापा को बॆठने दिया की नही?

नीरज मुसाफ़िर ने कहा…

भई पाखी,
जैसी ड्रेस कैप्टेन ने पहन रखी है बिल्कुल ऐसी ही ड्रेस हमारी भी है। लेकिन कन्धे पर और छाती पर रैंक और मेडल नहीं होते।
वैसे कैप्टेन क्या तुम्हारे रिश्तेदार थे??

संजय भास्‍कर ने कहा…

BAHUT HI SUNDER TASVIRE HAI........

संजय भास्‍कर ने कहा…

बहुत ही सुन्‍दर प्रस्‍तुति ।

Udan Tashtari ने कहा…

ये अच्छा हुआ कि पाखी के कारण हमने भी कम से कम आई एन एस नजदीक से देख लिया तस्वीरों मे. बहुत अच्छा लगा.

Shubham Jain ने कहा…

areee wah paakhi tumne to bahut maze kiye...itne bade jahaj per kitna maja aaya hoga...chalo tumhare saath saath humme bhi ins dekh liya...

डॉ टी एस दराल ने कहा…

अरे पाखी , आपको कैप्टेन ने फोटो लेने से नहीं रोका क्या ?
यहाँ तो हर चीज़ पर फोटो लेना मना है , ऐसा लिखा रहता है ।
वैसे आपके साथ शिप की सैर करके मज़ा आ गया ।

माधव( Madhav) ने कहा…

बहुत ही सुन्‍दर प्रस्‍तुति

raghav ने कहा…

इतना बड़ा जहाज. हम तो पहली बार देख रहे हैं..शानदार.

Amit Kumar Yadav ने कहा…

नाम तो खूब सुना था. पाखी की बदौलत INS के दर्शन भी हो गए...बधाई.

Amit Kumar Yadav ने कहा…

और पाखी की फोटो तो बड़ी सुन्दर आई है मम्मी-पापा के साथ.

Unknown ने कहा…

पाखी, अंडमान में रहकर पूरे मजे ले रही है..काश हम भी वहाँ होते.

Ram Shiv Murti Yadav ने कहा…

बहुत सुन्दर पाखी...आशीष व शुभकामनायें.

मन-मयूर ने कहा…

पाखी, अब तो हमारा मन भी जहाज पर घूमने को कह रहा है...

हिंदी साहित्य संसार : Hindi Literature World ने कहा…

वाह पाखी. आपने साथ मम्मी-पापा को भी घुमा लाई..समझदार हो गई है लाडली बिटिया.

Dr. Brajesh Swaroop ने कहा…

मजेदार है पाखी...बधाई.

editor : guftgu ने कहा…

यही तो घूमने-फिरने के दिन हैं..मस्ती ही मस्ती..पाखी प्यारी लग रही है.

editor : guftgu ने कहा…

यही तो घूमने-फिरने के दिन हैं..मस्ती ही मस्ती..पाखी प्यारी लग रही है.

Dr. Zakir Ali Rajnish ने कहा…

अरे वाह, काश हमें भी ऐसा मौका मिलता।
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क्या हमें ब्लॉग संरक्षक की ज़रूरत है?
नारीवाद के विरोध में खाप पंचायतों का वैज्ञानिक अस्त्र।

बेनामी ने कहा…

arre waah paakhi maza to bahut aaya hoga.....

बेनामी ने कहा…

arre haan...
mere blog par bhi jaroor aana....
meri nayi kavita ko tumhara intzaar hai....

sandhyagupta ने कहा…

chalo tumhari aankhon se humne bhi dekh liya!

Shahroz ने कहा…

पाखी तो बड़ी घुमक्कड़ निकली...खूबसूरत जानकारी व लाजवाब चित्र..बधाई.

शरद कुमार ने कहा…

अब तो पाखी के अंडमान के चित्रों की प्रदर्शनी लगानी पड़ेगी. लोग इसी बहाने अंडमान से रु-ब-रु तो होंगें. ..अति सुन्दर.

Akshitaa (Pakhi) ने कहा…

@ Ashish Uncle,

थैंक्स..बातें तो आप भी प्यारी-प्यारी करते हो. सही बताऊँ..बैठने दिया था. मम्मी-पापा की अच्छी बिटिया हूँ.

Akshitaa (Pakhi) ने कहा…

@ नीरज जाट अंकल,

कैप्टन अंकल हमारे अच्छे दोस्त हैं.

Akshitaa (Pakhi) ने कहा…

@ दराल दादा जी,

यहाँ जब भी नेवी शिप आते हैं तो लोगों को उसे देखने के लिए खोला जाता है.

Akshitaa (Pakhi) ने कहा…

@ ersymops Uncle,

तो चलिए घूम आते हैं. साथ में ढेर सारी चाकलेट और आइस क्रीम भी लाइयेगा.

Akshitaa (Pakhi) ने कहा…

@ Shekhar Suman Uncle,

Apke blog par Jarur Aungi...

Akshitaa (Pakhi) ने कहा…

@ शरद अंकल,

सही सोचा आपने. अब जल्दी से स्पांसरशिप भी ढूंढ़ लीजिये...

Akshitaa (Pakhi) ने कहा…

@ Shahroj Aunty,

मैं तो घुमक्कड़ हूँ ही...

Shyama ने कहा…

इतना बड़ा समुद्र और उसमें खड़ा इतना बड़ा जहाज....कितना अच्छा लगा होगा इसे देखना. मैं तो सिर्फ कल्पना कर सकता हूँ पाखी.

S R Bharti ने कहा…

बड़ा विशाल शिप है...पाखी को अच्छा लगा तो हमें भी अच्छा लगा.

Bhanwar Singh ने कहा…

Interesting...!!

बेनामी ने कहा…

इत्ता बड़ा जहाज..........बड़ा मजा आया होगा देख कर......चलो तुम्हारे सहारे हमने भी सैर कर ली....

रावेंद्रकुमार रवि ने कहा…

पाखी जी तो हमें यहीं से
पूरा अंडमान-निकोबार द्वीप समूह दिखा ही देंगी!
--
इस ब्लॉग पर आना बहुत सुखद रहता है!
--
हम भी उड़ते
हँसी का टुकड़ा पाने को,
क्योंकि इंद्रधनुष के सात रंग मुस्काए!

Urmi ने कहा…

इतना सुन्दर और विशाल जहाज देखकर तो मुझे भी घूमने जाने का मन कर रहा है! बहुत मज़ा आया होगा! सुन्दर चित्र हैं!

जयकृष्ण राय तुषार ने कहा…

priya pakhi tum bade hokar indian navy me officier bano.badhai

Ashok Singh Raghuvanshi ने कहा…

रोमांचक

Ashok Singh Raghuvanshi ने कहा…

रोमांचक

Akshitaa (Pakhi) ने कहा…

@ रवि अंकल,

इस ब्लॉग पर आना बहुत सुखद रहता है!

आपका आशीष व प्यार बना रहे.

Akshitaa (Pakhi) ने कहा…

@ तुषार अंकल,

तब तो शिप में घूमने में खूब मजा आयेगा. और आपको भी घुमाएंगे.

soni garg goyal ने कहा…

Very Good Dear ......late aane ke liye sorry.....