आप सब 'पाखी' को बहुत प्यार करते हैं...

गुरुवार, मई 06, 2010

जब पाखी बनी खरगोश (Rabbit)

जब मैं कानपुर में कंगारू किड्स, प्ले स्कूल में पढ़ती थी तो हमारी टीचर हमें खूब हँसाती थीं. रोज नए-नए रूप में आतीं- कभी भालू, तो कभी शेर, कभी तोता, कभी खरगोश, कभी बिल्ली तो कभी बन्दर..बड़ा मजा आता था. हर हफ्ते हम लोगों को भी कुछ न कुछ टास्क दिया जाता था. एक दिन स्कूल पार्टी में हम सभी बच्चों को कुछ-न-कुछ बनना था. उस दिन मैं खरगोश बनी थी. घर पर ली गई उन तस्वीरों को आप भी देखें और बतायें कि आपकी पाखी खरगोश बनकर कैसी लग रही है...गुमसुम सा खरगोश..सोच में डूबा खरगोश..मस्ती के मूड में खरगोश...कुछ कह रहा है ये खरगोश ..

( इस पोस्ट की चर्चा आज ख़ुशी का दिन फिर आया (चर्चा मंच - 147) के अंतर्गत भी देखें )









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