आप सब 'पाखी' को बहुत प्यार करते हैं...

गुरुवार, मई 26, 2011

...पाखी की दो ड्राइंग !!


मेरी ड्राइंग देखे तो आप लोगों को कई दिन हो गए न. इसीलिए इस बार एक की जगह दो ड्राइंग बनाई है. अब जल्दी से बताइयेगा कि इस ड्राइंग में आपने क्या-क्या देखा...!!

बुधवार, मई 18, 2011

नन्ही सी है तन्वी प्यारी

डॉ. नागेश पांडेय "संजय" अंकल ने हमारी सिस्टर अपूर्वा (तन्वी) के लिए इक प्यारी सी कविता लिखी है. इसके लिए नागेश अंकल को ढेर सारा प्यार और आभार. आप भी पढ़िए और बताइयेगा कि यह कविता आपको कैसी लगी....


नन्ही सी है तन्वी प्यारी,
करती है अब शैतानी .
कभी नाचती, कभी कूदती,
कभी खेलती है पानी .
कभी पकड़ कर बाल नोचती,
कभी फाड़ देती पुस्तक .
डाँटो तो सो जाती है पर
उठकर करती है बक-बक .


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डा. नागेश पांडेय 'संजय'/शिक्षा : एम्. ए. {हिंदी, संस्कृत }, एम्. काम. एम्. एड. , पी. एच. डी. [विषय : बाल साहित्य के समीक्षा सिद्धांत }, स्लेट [ हिंदी, शिक्षा शास्त्र ];/१९८६ से बाल साहित्य के क्षेत्र में सक्रिय,बाल साहित्य के अतिरिक्त बड़ों के लिए भी गीत एवं कविताओं का सृजन./प्रतिष्ठित पत्र- पत्रिकाओं में बच्चों के लिए कहानी , कविता , एकांकी , पहेलियाँ और यात्रावृत्त प्रकाशित./ रचनाओं के अंग्रेजी, पंजाबी , गुजराती , सिंधी , मराठी , नेपाली , कन्नड़ , उर्दू , उड़िया आदि अनेक भाषाओं में अनुवाद ./अनेक रचनाएँ दूरदर्शन तथा आकाशवाणी के नई दिल्ली , लखनऊ , रामपुर केन्द्रों से प्रसारित .

प्रकाशित पुस्तकेंआलोचना ग्रन्थ : बाल साहित्य के प्रतिमान ;
कविता संग्रह : तुम्हारे लिए ;
बाल कहानी संग्रह : १. नेहा ने माफ़ी मांगी २. आधुनिक बाल कहानियां ३. अमरुद खट्टे हैं ४. मोती झरे टप- टप ५. अपमान का बदला ६. भाग गए चूहे ७. दीदी का निर्णय ८. मुझे कुछ नहीं चहिये ९. यस सर नो सर ;
बाल कविता संग्रह : १. चल मेरे घोड़े २. अपलम चपलम ;
बाल एकांकी संग्रह : छोटे मास्टर जी
सम्पादित संकलन : १. न्यारे गीत हमारे २. किशोरों की श्रेष्ठ कहानियां ३. बालिकाओं की श्रेष्ठ कहानियां

सम्प्रति : विभागाद्यक्ष , बी. एड. राजेंद्र प्रसाद पी. जी. कालेज , मीरगंज, बरेली ।
संपर्क : डॉ. नागेश पांडेय "संजय" ,सुभाष नगर , शाहजहाँपुर, उत्तर प्रदेश (भारत) - 242001।

अंतर्जाल पर डॉ. नागेश पांडेय 'संजय' एवं अभिनव सृजन के माध्यम से सक्रियता.

गुरुवार, मई 12, 2011

आकाशवाणी पर भी गूंजेगी पाखी की मासूम बातें


आज मैं पहली बार रेडियो-रिकार्डिंग के लिए गई, आकाशवाणी पोर्टब्लेयर में. यह पोर्टब्लेयर रेडियो स्टेशन में दोपहर में 12 बजे से स्टार्ट हुई और 12:20बजे तक चली. पहले तो मुझे समझ में ही नहीं आ रहा था कि यह कैसे होगा, पर जब वहाँ गई तो खूब मजा आया. ललिता डिग्गा आंटी ने मुझे ढेर सारे सवाल पूछे और मैंने बता दिए- मेरे स्कूल का नाम, मेरी क्लास, ममा-पापा और तन्वी की बातें, मेरी हाबी, मेरा ब्लॉग ..और अपनी प्यारी राइम भी तो मैंने सुनाई...के. जी. -I से हम लोगों को हिंदी भी पढाई-सिखाई जा रही है. अभी एक महीने क्लास चला तो खूब सारी हिंदी राइम टीचर जी ने सुनाई. यह वाली राइम तो मैंने रेडियो पर भी रिकार्ड कराई-

सा-रे-गा-मा गाएंगें
गाँधी पार्क जायेंगें.
चिड़ियाघर में भालू है
हम उससे डर जायेंगें.

ABCD भूले हैं
मरीना-पार्क में झूले हैं.
अंकल के संग जायेंगें
भेल-पूरी खायेंगें.


खूब देर तक वो मेरे से सवाल पूछतीं, मेरी छुट्टियों के बारे में, घूमने के बारे में, बीच पर मस्ती के बारे में, मेरी फेवरेट चीजें..और भी बहुत कुछ. मेरी यह रिकार्डिंग 'बाल-जगत' के तहत 15 मई, 2011, संडे को सुबह 8:45 पर पोर्टब्लेयर रेडियो स्टेशन पर सुनाई जाएगी, फिर तो मैं भी अपनी आवाज़ रेडियो पर सुनूगी...मैं तो उस दिन के लिए सोच कर अभी से बहुत एक्साइटेड हूँ.






रविवार, मई 08, 2011

मेरी ममा सबसे प्यारी...

आपको पता है आज मदर्स डे है. हर साल मई माह के दूसरे रविवार को यह सेलिब्रेट किया जाता है. मैं तो अपनी ममा से बहुत प्यार करती हूँ. ममा के बिना कोई काम तक नहीं करती.

आज मदर्स डे पर मैंने सुबह जगते ही ममा को विश किया और उन्हें एक प्यारा सा कार्ड और चाकलेट दिया. साथ में प्यारे-प्यारे गुलाब के फूल भी दिया और अपनी एक ड्राइंग भी दी. आज संडे भी है, सो पापा भी घर पर रहेंगे. शाम को हम लोग मरीना पार्क घूमने जायेंगे, जहाँ मैं खूब झूले झूलूँगी, स्लैडिंग करुँगी, सी-सा पर मस्ती करुँगी, हैंगिंग राड और स्प्रिंगी हार्स इंजॉय करुँगी. समुद्र के किनारे दूर तक घुमूंगी और बोटिंग भी करुँगी. और जब थक जायेंगे तो पापा हम लोगों को किसी रेस्तरां में शानदार डिनर कराएँगे.

मेरी ममा बहुत बढ़िया है। मुझे पता है कई बार मैं उन्हें बहुत परेशान करती हूँ पर ममा कभी बुरा नहीं मानती. मुझे ढेर सारा प्यार-दुलार देती हैं. मेरी ममा सबसे प्यारी हैं.




मम्मी मेरी सबसे प्यारी,
मैं मम्मी की राजदुलारी।
मम्मी प्यार खूब जताती,
अच्छी-अच्छी चीजें लाती।
करती जब मैं खूब धमाल,
तब मम्मी खींचे मेरे कान।
मम्मी से हो जाती गुस्सा,
पहुँच जाती पापा के पास।
पीछे-पीछे तब मम्मी आती,
चाॅकलेट देकर मुझे मनाती।
थपकी देकर लोरी सुनाती,
मम्मी की गोद में मैं सो जाती।















शुक्रवार, मई 06, 2011

लेखन की अभिमन्यु अक्षिता उर्फ़ पाखी को सलाम

(अख्तर खान 'अकेला' अंकल ने अपने ब्लॉग Akhtar Khan Akela पर आशीर्वचन रूप में मेरे लिए जो कुछ भी लिखा है, बड़ा प्यारा लगा. 'अकेला' अंकल के इस स्नेह और प्यार से अभिभूत हूँ और उनकी यह पोस्ट यहाँ पर साभार आप सभी के साथ शेयर कर रही हूँ)


लेखन की अभिमन्यु अक्षिता उर्फ़ पाखी को मेरा सलाम अर्ज़ है. जी हाँ, एल. के. जी. की एक छोटी सी मासूम बच्ची, जिसके हँसने-खेलने के दिन हो, जिस उम्र के बच्चों को लोग सेंसलेस कहते हैं वही बच्चा अगर अपनी लेखनी, अपने विचारों से, बेस्ट ब्लागर अवार्ड प्राप्त करले, तो बस ख़ुशी से सीना चौड़ा हो जाता है.

अक्षिता (पाखी) का जन्म 25 मार्च, 2007 को हुआ और वर्तमान में वह पोर्टब्लेयर, अंडमान में रह रही हैं. कहते हैं कि अंग्रेजों के ज़माने में यहाँ लोगों को काले पानी की सजा देकर प्रताड़ित किया जाता था और अंडमान-निकोबार केवल इसी सेलुलर जेल के लिए प्रसिद्ध था, लेकिन आज अंडमान-निकोबार और पोर्टब्लेयर को मासूम पाखी पर भी गर्व होने लगा है और अतर्राष्ट्रीय ब्लागिंग की दुनिया अब अक्षिता उर्फ़ पाखी के नाम से जानी जाने लगी है.

इंडियन ब्लागिंग(indiblogger.in) पर 78 वीं रैंक लेकर ब्लागिंग में प्रमुख स्थान प्राप्त करने वाली अक्षिता (पाखी) एक तेज़ तर्रार लेखिका और वक्ता श्रीमती आकांक्षा यादव के गर्भ में पली और शायद अभिमन्यु की तरह ही उन्होंने गर्भ में उसे ब्लागिंग का पाठ पढ़ डाला. उनके पिता कृष्ण कुमार यादव जो कि एक बेहतरीन ब्लागर हैं और दोनों लोग मिलकर शब्द-शिखर, शब्द सृजन की ओर, डाकिया डाक लाया, बाल दुनिया, सप्तरंगी प्रेम, उत्सव के रंग के साथ-साथ 'पाखी की दुनिया' में पाखी के बचपन के अनुभवों को ब्लागरों से शेयर कर रहे हैं इनके आचार-विचार और सुझाव इस ब्लागिंग की दुनिया को हसीन बना रहे है. अभी केवल एल. के. जी. में पढ़ रही एक छोटी सी मुन्नी सी बच्ची पाखी की ब्लागिंग को देखें तो आँखें चकित रह जाती हैं और मन सोचने लगता है, 'कोई काम नहीं है मुश्किल जब किया इरादा पक्का!' पाखी देश का ही नहीं बल्कि विश्व का ऐसा नाम है, जिसके माता-पिता पाखी की भावनाओं, विचारों और उसकी गतिविधियों को ब्लागिंग के माध्यम से शेयर कर रहे हैं और ब्लागिंग की दुनिया इस पाखी से प्रभावित है. अभी पिछले दिनों 30 अप्रैल, 2011 को उत्तराखंड के मुख्यमंत्री ने जब पाखी को सबसे नन्हीं ब्लागर (Best Bay Blooger Award) का अवार्ड दिया, तो पाखी के माता-पिता का सीना गर्व से चौड़ा हो गया, लेकिन हम भी पाखी के अंकल हैं उसकी छोटी बहन तन्वी के अंकल हैं, अत: हमारा भी सीना गर्व से चौड़ा हुआ जाता है और मन करता है कि पंख लगाकर उड़ें और पोर्टब्लेयर पहुँच कर बिटिया पाखी को गोद में लेकर ढेर सारा प्यार कर, ढेर सारा आशीर्वाद देकर वापस लौट आयें और कह दें कि ब्लागिंग की दुनिया की अभिमन्यु 'पाखी' हमारी ब्लागिंग की आन-बान और शान है !!

- अख्तर खान 'अकेला'
कोटा, राजस्थान
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अख्तर खान 'अकेला' : उर्दू, हिन्दी एवं पत्रकारिता में स्नातकोत्तर, विधि स्नातक और PGD जर्नलिज्म : सम्प्रति वकालत के पेशे में तल्लीन : ह्यूमन रिलीफ सोसायटी के महासचिव : अंतर्जाल पर Akhtar Khan Akela ब्लॉग के माध्यम से सक्रिय.

गुरुवार, मई 05, 2011

4 साल की उम्र में इतना बड़ा इनाम सुन हैरान हो जाएंगे आप


4 साल की उम्र में इतना बड़ा इनाम सुन हैरान हो जाएंगे आप...यह मैं नहीं कह रही हूँ, बल्कि आज 5 मई, 2011 के 'दैनिक भास्कर'' अख़बार में प्रकाशित एक रिपोर्ट है. आप भी इसे पूरा पढ़िए.

पोर्ट ब्लेयर. अंडेमान निकोबार द्वीप समूह की चार वर्षीय अक्षिता यादव को हिंदी साहित्य निकेतन परिकल्पना ने बेस्ट बेबी ब्लॉगर अवॉर्ड 2011 से नवाजा है। नई दिल्ली के हिंदी भवन में आयोजित इंटरनेशनल ब्लॉगर कॉन्फ्रेंस में उत्तराखंड के मुख्यमंत्री रमेश पोखरियाल निशंक ने अक्षिता को यह अवॉर्ड दिया।

अक्षिता के पिता कृष्ण कुमार यादव ने बताया कि इस कार्यक्रम में 51 ब्लॉगर्स ने हिस्सा लिया। ‘पाखी की दुनिया’ केजी 1 की छात्रा अक्षिता को नकद इनामी राशि के अलावा प्रमाणपत्र और मोमेंटो दिया गया। कृष्ण कुमार ने बताया अक्षिता को ड्रॉइंग और पेंटिंग में बहुत रुचि है।

जब हमने देखा कि उसकी पेंटिंग में कुछ खास है तो हमने जून 2009 से इन्हें पाखी की दुनिया ब्लॉग पर पोस्ट करना शुरू कर दिया। इस ब्लॉग की लोकप्रियता का पता इसी से लगता है कि यह 100 प्रमुख हिंदी ब्लॉग में से एक है। इसे 140 ब्लॉगर फॉलो कर रहे हैं। राजस्थान के जाने-माने लेखक दीनदयाल शर्मा अक्षिता की प्रतिभा से इतने प्रभावित हुए कि उन्होंने अपनी किताब छुन-छुन के कवर पेज पर उसका फोटो लिया है।

(इसे पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करें)

रविवार, मई 01, 2011

अक्षिता (पाखी) को बेस्ट बेबी ब्लागर अवार्ड





कल देर शाम हिंदी भवन, दिल्ली में 'हिंदी साहित्य निकेतन', परिकल्पना डाट काम, और नुक्कड़ डाट काम द्वारा आयोजित अंतर्राष्ट्रीय हिंदी ब्लॉगर सम्मलेन में मुझे 'बेस्ट बेबी ब्लागर अवार्ड' का ख़िताब मिला. यह पुरस्कार उत्तरांचल के मुख्यमंत्री श्री रमेश पोखरियाल 'निशंक' जी द्वारा दिया गया. मेरा मन तो कार्यक्रम में जाने का था, पर पायलट लोगों की हड़ताल के चलते ऐनवक्त पर फ्लाईट कैंसिल हो जाने के चलते मैं वहाँ जा न सकी. मेरा सम्मान वहाँ चाचू अमित कुमार यादव जी ने ग्रहण किया.

इसके लिए 'हिंदी साहित्य निकेतन'के डा. गिरिजाशरण अग्रवाल दादा जी, परिकल्पना डाट काम के श्री रवीन्द्र प्रभात अंकल जी और नुक्कड़ डाट काम के श्री अविनाश वाचस्पति अंकल जी के साथ-साथ आप सभी के आशीर्वाद और स्नेह के लिए ढेर सारा प्यार और आभार !!

उन सभी अंकल और आंटी जी लोगों को भी बधाई, जिन्हें इस सम्मलेन में अवार्ड मिले !!

(अन्य फोटोग्राफ का नजारा यहाँ लें)

बुधवार, अप्रैल 27, 2011

पाखी की सिस्टर अपूर्वा छ माह की..आपका आशीर्वाद !


आज मेरी सिस्टर अपूर्वा (तन्वी) पूरे 6 माह की हो गई. अब तो उसके साथ खूब मस्ती करती हूँ. अभी मुझे वो गीगी बोलती है. अच्छा लगता है, जब मैं सो रही होती हूँ तो मेरे बाल पकड़कर खूब खींचती है, मतलब गीगी जग जाओ. अब तो खूब हंसती और मुस्कुराती भी है. मुझे रोज सुबह ममा-पापा के साथ स्कूल छोड़ने जाती है और फिर लेने भी तो आती है. मैं तो अपनी बहना को बहुत प्यार करती हूँ.

आज तो आप सब का आशीर्वाद और प्यार भी मेरी प्यारी सिस्टर अपूर्वा (तन्वी) को चाहिए !!

मंगलवार, अप्रैल 26, 2011

पाखी बनी क्लास-मानीटर


आज स्कूल की बातें. आपको तो मैंने बताया ही था कि अब मैं नर्सरी से के.जी.-I में चली गई हूँ. नई-नई बुक्स, नई-नई टीचर और कित्ती नई-नई बातें सीखने को मिलती हैं. मेरी नई क्लास टीचर का नाम सुमन मिस है. वह तो मुझे बहुत प्यार करती हैं.पहले नर्सरी में क्लास 7:30-9:30 तक था, पर अब तो 7:30 से 11:00 बजे तक हो गया है.

अब मैं अपने क्लास की मानीटर (Class Monitor) भी बन गई हूँ. सबसे पहले सुबह माइक लेकर प्रेयर करवाती हूँ. सभी बच्चों की कापी भी अब मैं ही कलेक्ट करती हूँ. जब भी कहीं जाना होता है तो सबसे आगे खड़ी होती हूँ, फिर मेरे पीछे सभी लोग लाइन लगाते हैं. मुझे तो यह भी देखना होता है कि सभी लोग सीधी लाइन में खड़े हैं या नहीं. इक बात और, जब क्लास टीचर क्लास में नहीं होती हैं तो मुझे क्लास का अनुशासन भी मेन्टेन करना होता है. यदि कोई मेरी बात नहीं मानता है तो मैं टीचर जी को बता देती हूँ, फिर टीचर जी उस बच्चे को समझाती भी हैं कि अच्छे बच्चों जैसा बिहैव करो. ..तो देखा मेरी जिम्मेदारी कित्ती बढ़ गई है.

..इक बात तो बताना भूल ही गई, मेरे इस ब्लॉग पर अब 150 पोस्ट हो गई हैं. यह ब्लॉग 24 जून, 2009 को आरंभ हुआ था. यह 151 वीं पोस्ट है !!

सोमवार, अप्रैल 18, 2011

सूरज दादा तो खूब परेशान करते हैं..

अब गर्मी आ गई है. सूरज दादा तो खूब परेशान करने लगे हैं. यह तो बड़ी टेंशन की बात है.यह तो अच्छा है कि मेरा स्कूल सुबह से ही आरंभ होकर 11 बजे बंद हो जाता है. जब मैं स्कूल से आती हूँ तो उस समय तो बाहर खूब गर्मी पड़ रही होती है. अब छुटियाँ भी होने वाली हैं. फिर तो पूरे मई-जून माह घूमना ही घूमना है. तब तक तो बारिश भी हो जानी चाहिए, नहीं तो धूप में घूमने का मजा भी ख़राब हो जायेगा. बस दस दिन की पढाई, फिर दो महीने की लम्बी छुट्टी...!! मेरी इस ड्राइंग को भी तो देखिये. इसमें सूरज दादा दिख रहे हैं. एक पेड़ भी है और मेरा प्यारा रैबिट भी. मैंने अपनी भी तो पिक्चर बनाई है...देखा सब गर्मी से कित्ते परेशान हैं !!

मंगलवार, अप्रैल 12, 2011

राम नवमी की बधाइयाँ

!! राम नवमी पर्व पर आप सभी को बधाइयाँ, और मुझे तो आप लोगों का आशीर्वाद और प्यार मिलेगा ही !!

मंगलवार, अप्रैल 05, 2011

दो खुशियाँ : अपूर्वा का अन्नप्राशन और अक्षिता (पाखी) के.जी.-I में

नव संवत्सर और नव रात्रि का दिन तो मेरे लिए बहुत शुभ रहा. इस दिन दो अच्छे कार्य हुए.
 नव संवत्सर और नव रात्रि के दिन अर्थात 4 अप्रैल से हमारा स्कूल आरंभ हो गया मतलब छुट्टियाँ ख़त्म. और अब तो मैं नर्सरी से के.जी.-I में चली गई. नई-नई बुक्स, नई क्लास टीचर, नया क्लास रूम और कुछ नए फ्रेंड्स भी. वाकई कल मेरा क्लास का पहला दिन तो बहुत मजेदार रहा.
नव संवत्सर और नव रात्रि के दिन ही मेरी सिस्टर अपूर्वा (तन्वी) का अन्न-प्राशन संस्कार भी संपन्न हो गया. चाँदी की कटोरी में, चाँदी के चम्मच से अपूर्वा (तन्वी) के मुँह में खीर...वाह मेरे भी मुँह में पानी आ गया.

कित्ता शुभ समाचार सुनाया, अब आप लोग हमें ढेर सारा आशीर्वाद और प्यार भी तो दीजिये...

शुक्रवार, अप्रैल 01, 2011

पाखी के हैप्पी बर्थ-डे की झलकियाँ

मेरा हैप्पी बर्थ-डे 25 मार्च को मनाया गया. बर्थ-डे फंक्शन की कुछ झलकियाँ आप भी देखें.

तो कैसा लगा आपको मेरा बर्थ-डे फंक्शन !!

गुरुवार, मार्च 31, 2011

अब फ़ाइनल की बारी है..दे घुमा के...!!

विश्व कप क्रिकेट का खुमार आजकल चारों तरफ है, फिर हम बच्चे भला कैसे पीछे रह सकते हैं. 2 अप्रैल को विश्व कप क्रिकेट-2011 का फ़ाइनल होगा. देखते हैं यह चमचमाती ट्राफी कौन ले जाता है ? मुझे तो लगता है कि अपनी इण्डिया जीतेगी और आपको...!!


!! सेमी-फ़ाइनल में तो जीत गए..अब फ़ाइनल की बारी है..दे घुमा के...!!

सोमवार, मार्च 28, 2011

पाखी के जन्मदिन पर कवितायेँ और कार्टून का भी उपहार

मेरे जन्मदिन पर आप सभी की शुभकामनाओं और प्यार के लिए बहुत सारा प्यार और आभार. मेरे जन्मदिन पर आप सभी ने बधाई और प्यार दिया।

दीनदयाल शर्मा अंकल जी ने मेरे जन्मदिन पर विश करने हेतु 'बचपन' ब्लॉग पर दो कवितायेँ लिखीं. शर्मा अंकल जी तो बहुत प्यारी-न्यारी सी कविता लिखते हैं... Happy birthday pakhi by Deendayal Sharma जन्मदिन की तुम्हें बधाई सबकी राज दुलारी, पाखी तुम हो कितनी मोहक, लगती सबको प्यारी.. आकांक्षा - के. के. की बिटिया, तन्वी की हो बहना , जो मांगो मिल जाता तुमको, माने सारे कहना. आज कटेगा केक गज़ब का, पाखी के घर प्यारा.. अलग थलग होगा ये सबसे, होगा बिल्कुल न्यारा... नाम करो जग में तुम रोशन, भारत की बनो ढाल.. शुभकामनायें देते हैं.. जियो हजारों साल.. ************************* जन्मदिन मुबारक पाखी / दीनदयाल शर्मा पांच बरस की हो गई पाखी, सुन लो मेरी बात... मम्मी से कुछ काम सीख लो, जीवन की सौगात... थोड़ा तन्वी को खिलाना.. सीखो घर को सजाना.. खूब हँसना - हँसाना.. सीखो रूठों को मनाना.. कभी ड्राइंग बनाना.. कभी रंगोली सजाना.. कभी पापा जी पर बैठ कर घोड़ा दौड़ाना.. खूब पढ़ कर अव्वल आना.. विद्या पूँजी को बढ़ाना.. नाम जग में कमाना... फिर ज़माना दीवाना.. जन्मदिन हो मुबारक.. तुम जिओ हजारों साल.. दुआएं सबकी साथ तुम्हारे.. तुम भारत की हो भाल... दीनदयाल शर्मा, बाल साहित्यकार, हनुमानगढ़ जं.,राजस्थान ******************************************************************************** मेरा जन्म कानपुर में हुआ, सो कानपुर के लोगों से अभी भी लगाव बना हुआ है. मेरे लिए कानपुर से डा0 दुर्गाचरण मिश्र दादा जी ने एक प्यारी सी कविता भेजी है. इसे उन्होंने हमारे कानपुर में रहने के दौरान लिखा था, पर अब इसे परिमार्जित करते हुए नए सिरे से भेजा है- प्यारी-न्यारी पाखी अक्षिता (पाखी) मेरा नाम है सब करते मुझको प्यार मम्मी-पापा की लाडली मिलता जी भर खूब दुलार। कानपुर नगर में जन्म लिया 25 मार्च 2006, दिन शनिवार मम्मी-पापा हुए प्रफुल्लित पूरा हुआ सपनों का संसार। दादा-दादी, नाना-नानी सब देखने को हुए बेकरार मौसी, बुआ, मामा-मामी, चाचू लाए खूब उपहार। नन्हीं सी नटखट गुडि़या सब रिझायें बार-बार कितनी प्यारी किलकारी घर में आये खूब बहार । मम्मी-पापा संग आ गई अब, अण्डमान-निकोबार यहाँ की दुनिया बड़ी निराली प्रकृति की छाई है बहार । कार्मेल स्कूल में हुआ एडमिशन प्लेयिंग, डांसिंग, ड्राइंग से प्यार एल.के.जी. में पढ़ने जाती मिला नए दोस्तों का संसार । समुद्र तट पर खूब घूमती देखती तट और पहाड़ खूब जमकर मस्ती करती और जी भरकर धमाल । मिल गई इक प्यारी बहना खुशियों का बढ़ा संसार तन्वी उसका नाम है करती उसको मैं खूब प्यार । डा0 दुर्गाचरण मिश्र, अर्थ मंत्री- उत्तर प्रदेश हिंदी साहित्य सम्मलेन, अध्यक्ष- साहित्य मन्दाकिनी (साहित्यिक संस्था), 248 सी-1 इंदिरानगर, कानपुर-208026 *****************************************************************************


कानपुर से ही एस. आर. भारती अंकल ने भी एक प्यारी सी कविता लिखी है- पाखी लगती सबसे प्यारी. सबकी है वो राजदुलारी. आज उसका जन्मदिन आया. यह देख है मन हर्षाया। पाखी जियो हजारों साल. मस्ती करो और धमाल. यूँ ही खूब कमाओ नाम. जन्मदिन पर यही पैगाम। एस. आर. भारती मैनेजर- नेशनल स्पीड पोस्ट सेंटर, कानपुर ***********************************************************************


मेरी पोस्ट पर आकर 'एक कविता पाखी के लिये' भी तो लिखी गिरिजा कुलश्रेष्ठ नानी जी ने- सतरंगी किरणों ने सुबह सजाई रंगोली । आसमान में गाए चहके, चिडियों की टोली । जन्म-दिवस हो तुम्हें मुबारक, पाखी प्यारी-प्यारी । दुनिया भर में छा जाए मीठी मुस्कान तुम्हारी । जो भी चाहो हासिल करलो पीछे रहो न पलभर, स्वस्थ और सानन्द रहो , शतवर्ष जिओ हँस-हँसकर । गिरिजा कुलश्रेष्ठ, व्याख्याता, ग्वालियर, मध्य प्रदेश ************************************************************************************* मेरा बर्थ-डे हो तो भला ममा कहाँ पीछे रहने वाली हैं... सब हैप्पी बर्थ-डे गाओ... जन्मदिन है पाखी का खूब करो धमाल जमके आज खाओ सब हो जाओ लाल-लाल। सब हैप्पी बर्थ-डे गाओ मस्ती करो, मौज मनाओ पाखी, तन्वी, कुहू, ख़ुशी सब मिलकर बैलून फुलाओ। आईसक्रीम और केक खाओ कोई भी न मुँह फुलाओ कितना प्यारा बर्थ-डे केक सब हैप्पी बर्थ-डे गाओ। **************** मेरे जन्मदिन पर ममा ने एक प्यारी सी कविता लिखी है. मैं तो यह कविता सुनकर बहुत खुश हुई- आँखों में भविष्य के सपने चेहरे पर मधुर मुस्कान है अक्षिता को देखकर लगता है दिल में छुपाये कई अरमान है। अक्षिता के मन में इतनी उमंगें नन्हीं सी यह जान है प्यारी-प्यारी ड्राइंग बनाती देखकर सब हैरान हैं। ज्ञान पथ पर है तत्पर गुणों की यह खान है भोली सी सूरत इसकी हमें इस पर अभिमान है। ******************************************************************************* इन प्यारी-प्यारी कविताओं के साथ में ये प्यारा सा कार्टून भी तो है. इसे काजल कुमार अंकल ने मेरे मेल पर 'Have a Cartoon Gift on Your Birthday' रूप में भेजा था.


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हिंदी ब्लागरों के जन्मदिन पर तो बधाई मिलनी ही थी...


अब इत्ती सारी बधाइयाँ मिली हैं तो मैं बहुत खुश हूँ. इसके अलावा बर्थडे पर लिखी मेरी पोस्ट, अन्य पोस्टों, ई-मेल, ऑरकुट, फेसबुक, ट्विटर और पापा के मोबाईल पर प्राप्त सभी बधाई संदेशों और आप सभी के प्यार-स्नेह और आशीर्वाद के लिए मेरी तरफ से ढेर सारा प्यार और आभार !!

गुरुवार, मार्च 24, 2011

पाखी का हैप्पी बर्थ-डे आया (25 मार्च)


मेरा हैप्पी बर्थ-डे आ ही गया. कल 25 मार्च को मेरा हैप्पी बर्थ-डे है. यहाँ अंडमान रिसोर्ट में मेरे बर्थ-डे की तैयारियां चल रही हैं. ढेर सारे लोग जो आयेंगें. आप सभी लोग आमंत्रित हैं मेरे बर्थ-डे में.
एक और अच्छी खबर है, अब मैं नर्सरी से LKG में चली गई हूँ. कल मेरा नर्सरी का रिजल्ट आ गया. 4 अप्रैल से स्कूल भी शुरू हो जायेगा. तब तक तो मस्ती ही मस्ती है.

यह देखिये कित्ता प्यारा केक...कल तक तो इसी से काम चलाना होगा.



!! जन्म-दिन पर आप सभी के प्यार और आशीर्वाद का इंतजार रहेगा !!

मंगलवार, मार्च 22, 2011

आप भी पानी बचाइए...

आज विश्व जल दिवस है. मेरे चारों तरफ तो पानी ही पानी फैला है. पर वो पानी खरा है, इसलिए पी नहीं सकती.मैं सोच रही थी कि अगर पानी नहीं होगा तो फिर क्या होगा. है ना टेंशन की बात.


मैं बीच पर मस्ती कैसे करुँगी.


फिर बारिश में मैं कैसे खेलूँगी.


इन प्यारे-प्यारे फूलों को कैसे देखूंगी.


..इन प्यारी-प्यारी चिड़ियों का क्या होगा ?


यह सुरेन्द्र वर्मा अंकल जी का बनाया हुआ कार्टून देखिये, फिर तो पानी की महत्ता पता ही चल जाएगी.


अब आप भी जल्दी से पानी बचाने में लग जाइये...SAVE WATER !!

गुरुवार, मार्च 17, 2011

रंग-बिरंगी होली आई...


होली का त्यौहार आने वाला है. अंडमान में मेरी यह दूसरी होली है. पर तन्वी की तो अभी यह पहली ही होली है. स्कूल की छुट्टियाँ भी हो चुकी हैं और यहाँ अंडमान में खूब बारिश हो रही है. यह महीना तो मेरे लिए वैसे भी महत्वपूर्ण है. होली के ठीक पाँच दिन बाद 25 मार्च को मेरा जन्मदिन जो है. इस होली पर आप सभी को पापा की होली पर लिखी यह बाल-कविता शेयर करती हूँ-

होली आई, होली आई
रंग-बिरंगी होली आई
आओ पाखी, आओ तन्वी
मिलजुल सभी मनाएं होली।

पाखी ने भर ली पिचकारी
आई है अब किसकी बारी
उसने सबको ही रँग डाला
लाल, गुलाबी, नीला, काला।

आई अब गुलाल की बारी
संग में गुझिया की तैयारी
सब मिलकर गुझिया खाएं
पाठ प्यार का रोज पढ़ाएं।

मिलजुल बन जाएं हमजोली
ऐसी प्यारी है यह होली।
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...इस होली पर यह ध्यान देना भी न भूलियेगा !!

अब बारी है होली पर आप सबके आशीर्वाद और ढेर सरे प्यार की..मेरे और तन्वी दोनों के लिए !!