आप सब 'पाखी' को बहुत प्यार करते हैं...

बुधवार, नवंबर 14, 2012

बाल-दिवस पर अक्षिता (पाखी) 'जी न्यूज' पर

आज बाल-दिवस है।।चाचा नेहरु का जन्मदिन। वैसे चाचा नेहरु तो इलाहाबाद के थे और आजकल मैं भी यहीं पर हूँ। चाचा नेहरु को बच्चों से बहुत प्यार था, इसीलिए उनका जन्म-दिन 'बाल-दिवस' के रूप में मनाया जाता है। वे भी बचपन में हम बच्चों जैसी ही शरारतें किया करते थे। एक बार तो उन्होंने पिंजरे से तोते हो ही उड़ा दिया और कहा कि सभी को आजादी का हक है। तो ऐसे थे चाचा नेहरु।
मेरे लिए तो यह दिन और भी यादगार है। इसी दिन पिछले साल मुझे आर्ट और ब्लागिंग के लिए 'राष्ट्रीय बाल पुरस्कार' भी मिला था।
  
  
आज भी आप मुझे जी न्यूज (उ.प्र.-उत्तराखंड) पर बाल-दिवस की स्टोरी में देख सकते हैं। चाचा नेहरु के गृह नगर इलाहाबाद से लिंक कर चलाई जा रही इस स्टोरी में मुझे एक 'नन्हीं ब्लागर' और भारत की सबसे कम उम्र की 'राष्ट्रीय बाल पुरस्कार' विजेता रूप में उपलब्धियों पर चर्चा करते हुए लिखा गया है कि 'यदि आज चाचा नेहरु जिन्दा होते तो अक्षिता पर गर्व करते।''
बाल-दिवस पर आप सभी को ढेर सारी बधाइयाँ। आप सबका आशीर्वाद और प्यार तो आज मिलेगा ही।

रविवार, नवंबर 11, 2012

जगमग दीपावली आ गई

आजकल तो त्यौहारों की धूम है। अभी नवरात्र ख़त्म हुए, अब दीपावली का त्यौहार। दीपावली से पहले धनतेरस और छोटी दीपावली। दीपावली का त्यौहार मुझे बहुत अच्छा लगता है
लक्ष्मी-गणेश जी की पूजा, ढेर सारी रौशनी, दीयों की जगमग कतार, घर पर जगमगाती लड़ियाँ, फिर आतिशबाजी और मिठाइयाँ भला कैसे भूल सकती हूँ।
मुझे तो घर में दीये सजाना बहुत अच्छा लगता है, पर आतिशबाजी और पटाखे छोड़ना ज्यादा अच्छा नहीं लगता। कित्ता प्रदूषण होता है इससे। लोग हफ्ते भर पहले से ही पटाखे छुड़ाने लगते हैं जो कि मुझे बिलकुल नहीं पसंद है।दीपावली पर रंगोली बनाना भी कितना भाता है....ढेर सारे रंग और कल्पनाएँ । इस धनतेरस पर मैंने अपने लिए एक सोना का सिक्का भी ख़रीदा।
आप अभी लोगों को धनतेरस औए दीपावली पर ढेर सारी शुभकामनायें।
आप सबके आशीर्वाद और स्नेह का इंतजार रहेगा ।

मंगलवार, नवंबर 06, 2012

उ.प्र. के मुख्यमंत्री द्वारा 'अवध सम्मान' पर ममा-पापा को बधाई

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री अखिलेश यादव ने 1 नवम्बर, 2012 को हमारे पापा श्री कृष्ण कुमार यादव और मामा श्रीमती आकांक्षा यादव को ‘न्यू मीडिया एवं ब्लागिंग’ में उत्कृष्टता के लिए एक भव्य कार्यक्रम में ‘अवध सम्मान’ से सम्मानित किया. जी न्यूज़ द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम का आयोजन ताज होटल, लखनऊ में किया गया था, जिसमें विभिन्न विधाओं में उत्कृष्ट कार्य करने वालों को सम्मानित किया गया। ममा-पापा के साथ सम्मानित होने होने वाले अन्य लोग थे- वरिष्ठ साहित्यकार श्री विश्वनाथ त्रिपाठी, चर्चित लोकगायिका श्रीमती मालिनी अवस्थी, ज्योतिषाचार्य पं. के. ए. दुबे पद्मेश, वरिष्ठ आई.एस. अधिकारी श्री जय शंकर श्रीवास्तव इत्यादि .ममा-पापा के साथ इस कार्यक्रम में मैं भी पहुंची। इस कार्यक्रम का जी न्यूज (उत्तर प्रदेश/उत्तराखंड) पर लाइव प्रसारण भी हुआ। आप भी इस प्रोग्राम के कुछेक फोटोग्राफ्स देखें-
             (उ.प्र. के मुख्यमंत्री श्री अखिलेश यादव द्वारा ममा-पापा को अवध सम्मान )

                         (उ.प्र. के मुख्यमंत्री श्री अखिलेश यादव के साथ ममा-पापा)

                                                 (ममा-पापा का संबोधन)

                                            (सम्मान के बाद ममा-पापा के साथ)

                                    (सम्मान-समारोह में ममा-पापा के साथ)

(सम्मान-समारोह के बाद उ.प्र. के मुख्यमंत्री श्री अखिलेश यादव के साथ ग्रुप-फोटोग्राफ)


!! ममा-पापा को इस सम्मान पर ढेर सारी बधाइयाँ और प्यार !!

बुधवार, अक्टूबर 31, 2012

गले में पायथन..ये हैं अपूर्वा


 हमारी सिस्टर अपूर्वा दो साल की हो गईं हैं, उनकी शरारतें भी खूब बढ़ रही हैं.


पिछले दिनों वह मार्केट से अपने टॉय के रूप में एक पायथन पसंद कर लाई.  




अब उसे भोलेनाथ शंकर जी की तरह अपने गले में डालकर दिन भर घर में धमाल मचाती हैं.
आप भी देखें अपूर्वा का यह नटखटपन और बचपना.

मंगलवार, अक्टूबर 30, 2012

फूल तोड़ना अच्छी बात नहीं..




आपको फूल (Flower ) अच्छे लगते हैं. मुझे तो बहुत अच्छे लगते हैं. तभी तो मैं इनके खूब सारे चित्र भी बनती हूँ. ढेर सारे रंग-बिरंगे, कित्ती प्यारी-प्यारी ख़ुशबू...मन करता है कि सारी सुगंध मेरे पास आ जाये. पर ऐसा थोड़े ही हो सकता है.
 
हाँ, मुझे एक बात बिलकुल अच्छी नहीं लगती कि लोग इन फूलों को तोड़ लेते हैं और फिर फेंक देते हैं. फूल तो खिलते हुए अपनी डाली पर ही अच्छे लगते हैं. 

शनिवार, अक्टूबर 27, 2012

हैप्पी बर्थ-डे टू अपूर्वा : happy Birthday to Apoorva

आज 27 अक्तूबर, 2012 है. आज का दिन हमारे लिए खास मायने रखता है. आज ही के दिन हमारी प्यारी सी सिस्टर अपूर्वा का जन्म हुआ था. 

 
अपूर्वा मेरी सबसे प्यारी दोस्त भी तो है. दिन भर हम खूब मस्ती करते हैं.
 


आज के दिन के लिए मैंने अपूर्वा के लिए ढेर सारे बैलून्स, ट्वायज़,  फ्लावर्ज़, केक और चाकलेट ख़रीदे हैं और प्यारी सी ड्रेस भी !!
अपूर्वा को उसके सेकण्ड हैप्पी बर्थ-डे पर दीदी की तरफ से खूब सारा प्यारा और बधाइयाँ ..पार्टी तो अभी बाकी है !!
!! Wish u Very-Very happy Birthday Apoorva !!

बुधवार, अक्टूबर 24, 2012

हम भी राम बन सकते हैं...

!! विजयदशमी पर पर आप सभी को ढेर सारी बधाइयाँ !!
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बच्चो, आपका फेवॅरिट त्योहार दशहरा आ चुका है। मुझे मालूम है कि इसका आप लोग वर्ष भर इंतजार करते हैं, क्योंकि आपको रामलीला जो देखना होता है! कितनी तालियां पीटते हैं हम लोग, जब रामायण सीरियल या रामलीला पंडालों में राम के हाथों रावण मारा जाता है! लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि रावण को मार गिराने वाले राम भी हमारी और आपकी तरह आम इनसान थे! बच्चो, यदि हम रामायण के कुछ प्रसंगों से कुछ सीख लें, तो हम भी राम की तरह महान बन सकते हैं।
क्षमाशील होते हैं वीर
लंका पर चढाई करने से पहले रावण अपने कई राक्षस गुप्तचरों को राम के बारे में जानकारी हासिल करने के लिए उनके पास भेजता है। गुप्तचर पकडे भी जाते हैं। लेकिन राम उन्हें क्षमा कर देते हैं। लक्ष्मण द्वारा पूछने पर राम बताते हैं कि जो व्यक्ति क्षमाशील होते हैं, वे ही वीर होते हैं। कायर या डरपोक व्यक्ति कभी भी दूसरे व्यक्ति की गलतियों को क्षमा नहीं करता है। दोस्तो, हमारे आस-पास भी ऐसे कई व्यक्ति मौजूद हैं, जिनका व्यवहार और विचार हमें अच्छा नहीं लगता है। लेकिन हमें उन पर गुस्सा करने के बजाए उन्हें क्षमा करने की कोशिश करनी चाहिए! संभव हो कि उस व्यक्ति में और कई अच्छे गुण भी मौजूद हों। इसलिए यदि बच्चो आपको राम जैसा बनना है, तो हमें क्रोधित होने के बजाय संबंधित व्यक्ति को क्षमा कर देना चाहिए।
करें लोगों की मदद
बच्चो, हमने रामायण में देखा कि राम जहां एक ओर, राक्षसों से ऋषि-मुनियों की रक्षा करते हैं, वहीं दूसरी ओर, सुग्रीव जैसे जरूरतमंद और गरीब शबरी की सहायता भी राम ही करते हैं। बच्चो आप भी जरूरतमंदों की जरूर मदद करें। यदि आपके किसी दोस्त को आपकी छोटी-मोटी मदद जैसे -कॉपी-किताब आदि की जरूरत पडे, तो उन्हें जरूर दें। यदि आपके आसपास गरीब बच्चे रहते हैं, तो पढने-लिखने में उनकी मदद करें।
मिल-जुल कर करें काम
बच्चो, हम सभी जानते हैं कि राम बहुत वीर योद्धा थे। वे चाहते, तो अकेले ही रावण को युद्ध में हरा सकते थे। लेकिन उन्होंने ऐसा नहीं किया। उन्होंने लंका तक सेतु बनाने और रावण तथा उसकी सेना से युद्ध करने में वानरों, यहां तक कि एक नन्हीं गिलहरी की भी सहायता ली। क्या आपको इससे कुछ सीख मिली? जी हां, आप कोई भी काम करें, तो सभी यार-दोस्तों के साथ मिलकर करें। जैसे-यदि आपको अपने आस-पास की हरियाली बढाने के लिए पेड लगाना है, तो स्वयं के साथ-साथ अपने दोस्तों को भी पेड लगाने को कहें। जरा सोचिए, यदि सभी दोस्त मिलकर पेड लगाएंगे, तो धरती पर पेडों की संख्या कितनी अधिक हो जाएगी? इसलिए कहा भी गया है कि सभी ऊंगलियां मिलती हैं, तो मुठ्ठी बनती है और तभी हम अपनी ताकत का इजहार करते हैं।
न पालें घमंड
हम रामायण सीरियल में देखते हैं कि रावण बहुत पराक्रमी था। वह न केवल बलवान और वीर था, बल्कि विद्वान भी था। साथ ही साथ, वह घमंडी भी था। उसे अपने वीर होने का बहुत घमंड था। वह सोचता था कि दुनिया में उसके समान कोई दूसरा वीर नहीं है, जो उसे युद्ध में पराजित कर सके! लेकिन राम ने उसे युद्ध में पराजित कर दिया। बच्चो, आप भी कभी यह घमंड न पालें कि सदा आप ही अपनी क्लास में फ‌र्स्ट आते रहेंगे, या किसी खेल में आप ही चैंपियन होंगे! हो सकता है कि घमंड में आपका ध्यान पढाई या खेल से हट जाए! इसलिए बच्चो अपने ऊपर गर्व जरूर करें, लेकिन घमंड नहीं।
जिद न करें
रामायण की कहानियों में हम देखते हैं कि दशरथ की तीन रानियों में एक रानी कैकेयी थीं। वे परम वीर महिला थीं। बच्चो जैसा कि हम सभी जानते हैं कि अपनी दासी मंथरा के कहने पर उन्होंने अपने पति राजा दशरथ से अपनी मांग मनवाने की जिद कर बैठीं। उन्होंने यह मांग भी की कि राम को वनवास मिले और भरत को राजगद्दी। उनकी इस जिद के कारण, एक ओर राजा दशरथ की मृत्यु हो गई, तो दूसरी ओर, राम-सीता और लक्ष्मण को वन जाना पडा! बच्चो कभी-कभी आप लोग भी किसी गलत मांग को लेकर जिद कर बैठते हैं। ऐसा करने से न केवल आपका नुकसान होता है, बल्कि इससे आपके मम्मी-पापा भी दुखी हो जाते हैं। जैसे आप दूसरों की देखा-देखी महंगे मोबाइल खरीदने का जिद अपने पापा-मम्मी से कर बैठते हैं। यह सही नहीं है, क्योंकि मोबाइल आपकी पढाई में बाधा पहुंचा सकता है, आपका रिजल्ट खराब हो सकता है। इसलिए बच्चो, यदि आप रामायण के डायलॉग का अनुकरण करते हैं, तो रामायण के हीरो राम के जीवन के प्रेरक प्रसंगों को अपनाने की बात भी सोचें।
 
 

शनिवार, अक्टूबर 20, 2012

अगर मछली (Fish) आसमान में उड़े तो...

मछली (fish ) भला किसे नहीं अच्छी लगती. कित्ते सारे रंग की फिश होती हैं. अंडमान में तो समुद्र में ढेर सारी रंग-बिरंगी फिश दिखती थीं. उन्हें देखना बहुत अच्छा लगता था.
 
कई बार मैं सोचती हूँ कि अगर फिश आसमान में उड़े तो कित्ता मजा आए. फिर तो फिश को कोई न पकड़ पाए..वह फुर्र से आसमान में उड़ जाएगी.
 
मैं तो अपनी ड्राइंग में फिश को उड़ते हुए दिखाती हूँ. अब देखिये न मेरी इन ड्राइंगज को.
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 

गुरुवार, अक्टूबर 18, 2012

काश मैं भी चिड़िया होती...

 
यह देखिये, मैंने बनाई एक प्यारी सी चिड़िया का चित्र. जब मैं सुबह स्कूल जाती हूँ तो मेरे लॉन में ढेर सारी चिड़िया दिखती हैं. कोई फुदकती है, कोई चहचहाती है, कोई आराम से बैठी होती है तो कोई कभी यहाँ-कभी वहाँ उड़ती नजर आती है.
 
मैं सोचती हूँ कि काश मैं भी चिड़िया होती तो दूर आसमान तक घूम कर आती !!

मंगलवार, अक्टूबर 16, 2012

ढेर सारी खुशियाँ लाया नवरात्र..

आज से नवरात्र के दिन शुरू हो रहे हैं. फिर दशहरा और दिवाली भी आयेगी..मुझे तो यह सब बहुत अच्छा लगता है. कितने सारे फेस्टिवल अपने यहाँ मनाये जाते हैं और हर फेस्टिवल पर कुछ न कुछ विशेष होता है. नवरात्र में तो पूरे नौ दिन तक मां की पूजा होगी, मंदिर सजेंगें, झांकी सजेगी, ढेर सारे पकवान बनेंगें....कितना सुन्दर अहसास लगता है.

मुझे तो दशहरे का बेसब्री से इंतजार है. इलाहाबाद में तो दशहरा धूमधाम से मनाया जाता है. मैंने तो मामा-पापा को अभी से बता दिया है कि मुझे इस बार दशहरे पर रावण का जलना नजदीक से देखना है. वैसे मैं यह नहीं समझ पाती कि जब हर साल रावण को जला दिया जाता है, तो अगली बार वह फिर कैसे बड़े सज-धज के साथ आ जाता है...आप भी सोचियेगा इसका जवाब और मुझे भी बताइयेगा.

आप सभी को नवरात्र पर ढेर सारी बधाइयाँ और प्यार ..आप सबका आशीर्वाद और स्नेह तो मुझे मिलेगा ही !!

शुक्रवार, अक्टूबर 12, 2012

प्यारे-प्यारे ट्वायज़...

आपको ट्वायज़ अच्छे लगते हैं. मुझे तो बहुत अच्छे लगते हैं. मेरे और अपूर्व के पास ढेर सारे ट्वायज़ हैं. हम तो खूब मस्ती करते हैं इनके साथ. कई बार तो एक ही ट्वॉय ममा-पापा को दो-दो खरीदने पड़ते हैं, क्योंकि हम दोनों को ही वही सेम ट्वॉय चाहिए होता है.

(बेड पर सो रहे ट्वायज़)
(मेरे प्यारे टेडी बियर)
(कित्ते आराम से सो रहा है मेरा प्यारा टेडी-बियर)
(अपने टेडी बियर को मैं सैर भी कराती हूँ)
(मेरा प्यारा Puppy)
(मेरा प्यारा Cub)
()
(मेरी प्यारी साईकिल)

मंगलवार, अक्टूबर 02, 2012

बच्चों के बापू...


देश के प्यारे गाँधी बाबा,
बच्चों के बापू कहलाए।
सत्य-अहिंसा की नीति से,
देश को आजादी दिलवाए।
 
सूरज से चमकें बापू जी,
कभी न हिम्मत हारे थे।
अंग्रेजों को मार भगाया,
पीछे-पीछे सारे थे।
 
हम बच्चों के प्यारे बापू,
सपनों में जब आते हैं।
सत्य, अहिंसा, दया, धर्म,
देश-प्रेम का पाठ पढ़ाते हैं।
 
(आज राष्ट्रपिता महात्मा गाँधी जी का जन्मदिन है. इस दिन पर पढ़िए पापा की यह प्यारी सी कविता)

शनिवार, सितंबर 08, 2012

अब सबका अधिकार है पाना...


शिक्षा है अनमोल खजाना,
इसको कोई भूल न जाना।
विद्या और संस्कार है देती,
अब सबका अधिकार है पाना।

शिक्षित हो आगे बढ़ें हम,
जग में नाम कमाएंगे।
प्रगति पथ पर हो अग्रसर,
सुंदर काम कर जाएंगे।

शिक्षा देती है संस्कार,
बन विनम्र करें उपकार।
सद्गुण सारे अपनाएं,
उजियारा फिर फैलाएं।

पुस्तकों से परे भी सोचें,
सब शिक्षित खुशहाल बनें।
ज्ञान को आपस में बाँटें,
भारत अपना महान बने।

(आज 8 सितम्बर को विश्व शिक्षा दिवस है. पढने, पढ़ाने और लोगों को इस तरफ प्रेरित करने का दिन. आज के इस दिन पर पापा श्री कृष्ण कुमार यादव जी की यह खास कविता)

बुधवार, सितंबर 05, 2012

हैप्पी टीचर्स-डे...

आज शिक्षक दिवस (Teachers day) था. हम बच्चों ने इसे अपने स्कूल में खूब इंजॉय किया. आज तो हमारी जल्द ही छुट्टी भी हो गई. वैसे, हमारी टीचर जी बहुत प्यारी हैं. वह हमें कई नई-नई बातें बताती हैं और ढेर सारे खेल भी खिलाती हैं।

आपको पता है 'टीचर्स-डे' के रूप में हम अपने देश के राष्ट्रपति रहे डा. सर्वपल्ली राधाकृष्णन जी का जन्म दिवस सेलिब्रेट करते हैं. डा. सर्वपल्ली राधाकृष्णन जी एक बहुत अच्छे शिक्षक भी थे. टीचर जी ने हमें उनके जीवन से जुडी और भी कई बातें बताईं. ममा-पापा ने भी बताया कि अपने टीचर जी का हमेशा सम्मान करना चाहिए.

टीचर्स डे पर हम लोगों ने टीचर जी को प्यारे-प्यारे फूल, कार्ड्स और गिफ्ट देकर इस दिवस की बधाई दी...आप सभी लोगों को भी इस दिन पर ढेर सारी बधाइयाँ, आखिर आप सबसे भी तो हम कुछ-न-कुछ सीखते रहते हैं !!

गुरुवार, अगस्त 30, 2012

Meet the e-kid with the GoI award for blogging : Hindustan Times

Allahabad's five year old Akshitaa Yadav draws and paints her sketches and her father puts them on her blog Pakhi ki Duniya.

Her theme sketches made her the youngest blogger in the country and the recipient of the National Child Award for art and blogging November 14, 2011 at Vighyan Bhawan. The award was given to her in New Delhi by the Government of Indian Official on behalf of the President.

Akshitaa (Pakhi) was awarded 'Best Baby blogger' award for her blog 'Pakhi ki duniya' at Hindi Bhawan, New Delhi.

Sources reveal that the Government of India awarded a blogger for the first time. Currently Akshitaa is studying at Girls High School in Allahabad says a proud KK Yadav father of Akshitaa.
KK Yadav, Director Postal Services in Allahabad and her mother Akanksha Yadav, are alos a popular blog writers. On Monday the were conferred "Best Couple Blogger of the Decade" in the international bloggers meet at Rai Umanath Bali Auditorium for their valuable contribution to a meaningful blogging.

Akshitaa who was present with her parents there said, My papa operates blogs for me, I speak he writes and put them on my blog."

KK Yadav shares his experience of Department of Posts with his readers through his blog "Dakia Dak Laya" and "Shabd Srijan ki Ore" is more based on social issues while Dakia … is just about postal issues.

While, his wife Akanksha Yadav is active through her blog "Shabd Shikhar" she mostly writes about women empowerment and women related issues. "Yes women empowerment is an important issue which often remains neglected. So I try to raise a debate over issues like dowry, education, service and exploitation of women at working places besides that I also discuss literature and poetry."

Not only this, grandfather of Akshitaa is also an active blogger. Ram Shiv Murti Yadav is known for his blog Yadukul which mostly raises religious issues and some burning issues of Yadav community.

Courtesy : Hindustan Times, 29 August 2012
(A report by Anupam Srivastava: anupam.srivastava@hindustantimes.com)