फ़िलहाल मैं लखनऊ में हूँ और 14 नवम्बर को दिल्ली में यह सम्मान ग्रहण करने के बाद 16 नवम्बर को पोर्टब्लेयर लौट रही हूँ.
इस उपलब्धि पर आप सभी के आशीर्वाद और स्नेह की आकांक्षी हूँ !!
लेखन की अभिमन्यु अक्षिता उर्फ़ पाखी को मेरा सलाम अर्ज़ है. जी हाँ, एल. के. जी. की एक छोटी सी मासूम बच्ची, जिसके हँसने-खेलने के दिन हो, जिस उम्र के बच्चों को लोग सेंसलेस कहते हैं वही बच्चा अगर अपनी लेखनी, अपने विचारों से, बेस्ट ब्लागर अवार्ड प्राप्त करले, तो बस ख़ुशी से सीना चौड़ा हो जाता है.
अक्षिता (पाखी) का जन्म 25 मार्च, 2007 को हुआ और वर्तमान में वह पोर्टब्लेयर, अंडमान में रह रही हैं. कहते हैं कि अंग्रेजों के ज़माने में यहाँ लोगों को काले पानी की सजा देकर प्रताड़ित किया जाता था और अंडमान-निकोबार केवल इसी सेलुलर जेल के लिए प्रसिद्ध था, लेकिन आज अंडमान-निकोबार और पोर्टब्लेयर को मासूम पाखी पर भी गर्व होने लगा है और अतर्राष्ट्रीय ब्लागिंग की दुनिया अब अक्षिता उर्फ़ पाखी के नाम से जानी जाने लगी है.
इंडियन ब्लागिंग(indiblogger.in) पर 78 वीं रैंक लेकर ब्लागिंग में प्रमुख स्थान प्राप्त करने वाली अक्षिता (पाखी) एक तेज़ तर्रार लेखिका और वक्ता श्रीमती आकांक्षा यादव के गर्भ में पली और शायद अभिमन्यु की तरह ही उन्होंने गर्भ में उसे ब्लागिंग का पाठ पढ़ डाला. उनके पिता कृष्ण कुमार यादव जो कि एक बेहतरीन ब्लागर हैं और दोनों लोग मिलकर शब्द-शिखर, शब्द सृजन की ओर, डाकिया डाक लाया, बाल दुनिया, सप्तरंगी प्रेम, उत्सव के रंग के साथ-साथ 'पाखी की दुनिया' में पाखी के बचपन के अनुभवों को ब्लागरों से शेयर कर रहे हैं इनके आचार-विचार और सुझाव इस ब्लागिंग की दुनिया को हसीन बना रहे है. अभी केवल एल. के. जी. में पढ़ रही एक छोटी सी मुन्नी सी बच्ची पाखी की ब्लागिंग को देखें तो आँखें चकित रह जाती हैं और मन सोचने लगता है, 'कोई काम नहीं है मुश्किल जब किया इरादा पक्का!' पाखी देश का ही नहीं बल्कि विश्व का ऐसा नाम है, जिसके माता-पिता पाखी की भावनाओं, विचारों और उसकी गतिविधियों को ब्लागिंग के माध्यम से शेयर कर रहे हैं और ब्लागिंग की दुनिया इस पाखी से प्रभावित है. अभी पिछले दिनों 30 अप्रैल, 2011 को उत्तराखंड के मुख्यमंत्री ने जब पाखी को सबसे नन्हीं ब्लागर (Best Bay Blooger Award) का अवार्ड दिया, तो पाखी के माता-पिता का सीना गर्व से चौड़ा हो गया, लेकिन हम भी पाखी के अंकल हैं उसकी छोटी बहन तन्वी के अंकल हैं, अत: हमारा भी सीना गर्व से चौड़ा हुआ जाता है और मन करता है कि पंख लगाकर उड़ें और पोर्टब्लेयर पहुँच कर बिटिया पाखी को गोद में लेकर ढेर सारा प्यार कर, ढेर सारा आशीर्वाद देकर वापस लौट आयें और कह दें कि ब्लागिंग की दुनिया की अभिमन्यु 'पाखी' हमारी ब्लागिंग की आन-बान और शान है !!
- अख्तर खान 'अकेला'
कोटा, राजस्थान
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अख्तर खान 'अकेला' : उर्दू, हिन्दी एवं पत्रकारिता में स्नातकोत्तर, विधि स्नातक और PGD जर्नलिज्म : सम्प्रति वकालत के पेशे में तल्लीन : ह्यूमन रिलीफ सोसायटी के महासचिव : अंतर्जाल पर Akhtar Khan Akela ब्लॉग के माध्यम से सक्रिय.
(पढने में सुविधा के लिए पूरी रिपोर्ट को हू-ब-हू यहाँ पढ़ सकते हैं- प्रतिभा उम्र की मोहताज नहीं, बशर्तें उसे अनुकूल वातावरण मिले। ऐसे ही वातावरण में पली-बसी अक्षिता (पाखी) को वर्ष 2010 की श्रेष्ठ नन्हीं ब्लॉगर का खिताब मिला है। अक्षिता का 'पाखी की दुनिया' http://pakhi-akshita.blogspot.com/ नाम से ब्लॉग है। 25 मार्च, 2007 को कानपुर में जन्मी अक्षिता वर्तमान में कार्मेल स्कूल, पोर्टब्लेयर में नर्सरी में पढ़ती हैं। अक्षिता के पिता कृष्ण कुमार यादव अंडमान-निकोबार द्वीप समूह के निदेशक, डाक सेवा पद पर पदस्थ हैं और मम्मी आकांक्षा यादव उप्र के एक कालेज में प्रवक्ता हैं। दोनों ही चर्चित साहित्यकार व सक्रिय ब्लॉगर भी हैं। अक्षिता की रूचि ड्राइंग में भी है. पहले तो उसके मम्मी-पापा ने उसकी ड्राइंग पर ध्यान नहीं दिया, लेकिन बाद में उन्होंने इन चित्रों को ब्लॉग के माध्यम से लोगों तक पहुंचाने की कोशिश की.)
आप सभी को हम बच्चों के ब्लॉगस तो खूब भाते हैं ना. तभी तो हम लोगों के ममा-पापा हम बच्चों की बातें आपके सामने लाते हैं. कुछ ब्लॉगस तो हम बच्चों के लिए प्यारी-प्यारी कवितायेँ, कहानी और तमाम बातें भी लेकर आते हैं. दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान अख़बार में आज 16 सितम्बर, 2010 को 'ब्लॉग की क्रिएटिव दुनिया' के तहत भारत मल्होत्रा अंकल ने बच्चों से जुड़े ब्लॉगस की चर्चा की है. इसमें हम होंगे कामयाब, पाखी की दुनिया, बाल-दुनिया, अक्षयांशी, BAL SAJAG, सरस पायस , नन्हा मन का उल्लेख किया गया है. इसे आप इस लिंक पर जाकर देख सकते हैं- ब्लॉग की क्रिएटिव दुनिया .फिर भी इसे यहाँ साभार दे रही हूँ-
(प्रकाशित आर्टिकल का चित्र साभार : Hindi Blogs in Media)
हुर्रे..आपको पता है मेरा ब्लॉग एक साल का हो गया. आज मैं आपके साथ अपने ब्लॉग के एक साल होने की ख़ुशी सेलिब्रेट करूँगीं. 'पाखी की दुनिया' ब्लॉग जून, 2009 में आरंभ हुआ था और इसकी पहली पोस्ट 24 जून, 2009 को मैं हूँ पाखी । पर 24 जून तो मुझे याद ही नहीं आया कि मेरा ब्लॉग एक साल का हो गया. पर कोई बात नहीं, इसका बर्थ-डे आज सेलिब्रेट कर लेते हैं. तो ये रहा बर्थ-डे केक.
इस ब्लॉग पर अभी तक इस पर कुल 70 पोस्ट प्रकाशित की गई हैं. इस पर मेरे प्यारे ममा-पापा आप लोगों को मेरी गतिविधियों के बारे में बताते रहते हैं। कई बार कुछ रोचक और संदेशप्रद पोस्ट भी प्रकाशित की जाती हैं. आप सभी लोगों को मेरा ब्लॉग अच्छा लगता है, आपके कमेंट्स मुझे और भी अच्छा करने के लिए मोटिवेट करते हैं. चिटठा जगत पर 'पाखी की दुनिया' का सक्रियता क्रमांक 147 है और विभिन्न ब्लॉगों पर इसके 20 हवाले दिए जा चुके हैं. हमारे ब्लॉग को 65 जन अनुसरण करते हैं अर्थात हर एक पोस्ट पर हमें लगभग एक फालोवर मिले. अपने ब्लॉग की साइड में हमने उन ब्लॉगों के लिंक भी लगा रखे हैं, जहाँ हम बच्चों से समबन्धित रचनाएँ, जानकारियाँ मिलती हैं. आप सभी लोगों ने जिस तरह से अपना प्यार-आशीर्वाद-स्नेह दिया है, यूँ ही देतें रहें. और आपके लिए यह केक भी-
आप लोगों के आशीर्वाद और प्यार के चलते ही लोकसंघर्ष-परिकल्पना द्वारा आयोजित ब्लागोत्सव-2010 में वर्ष की श्रेष्ठ नन्ही चिट्ठाकारा का ख़िताब भी हमें हासिल हुआ. रवीन्द्र प्रभात अंकल ने लिखा कि- ''एक ऐसी नन्ही ब्लोगर जिसके तेवर किसी परिपक्व ब्लोगर से कम नहीं....जिसकी मासूमियत में छिपा है एक समृद्ध रचना संसार...जो अपने मस्तिस्क की आग को बड़ी होकर पूरी दुनिया के हृदय तक पहुंचाना चाहती है.''..ये रहा वो सम्मान. 
अक्षिता पाखी हिंदी ब्लॉग जगत की एक ऐसी मासूम चिट्ठाकारा, जिसकी कविताओं और रेखाचित्र से ब्लोगोत्सव की शुरुआत हुयी और सच्चाई यह है कि उसकी रचनाओं की प्रशंसा हिंदी के कई महत्वपूर्ण चिट्ठाकारों से कहीं ज्यादा हुयी । यदि अक्षिता को ब्लोगोत्सव का सुपर स्टार कहा जाए तो शायद न कोई अतिश्योक्ति होगी और न शक की गुंजाईश ही । इसीलिए उसे ब्लोगोत्सव की टीम ने "वर्ष की श्रेष्ठ नन्ही चिट्ठाकारा" का खिताब देते हुए सम्मानित करने का निर्णय लिया है । "जानिये अपने सितारों को" के अंतर्गत आज प्रस्तुत है उनसे पूछे गए कुछ व्यक्तिगत प्रश्नों के उत्तर-