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गुरुवार, जून 25, 2020

International Yoga Day Celebration with Family : सोशल डिस्टेंसिंग के साथ 'सेहत का योग'

'अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस' पर हमने अपने परिवार के साथ घर पर रहकर योगाभ्यास किया। कोरोना महामारी के चलते इस वर्ष भारत सरकार ने लोगों से घर पर रहकर परिवार के साथ 21 जून को योग दिवस मनाने की अपील की थी।  घर पर परिवार के साथ योग करने का अलग ही आनंद है। स्वस्थ रहने के लिए योग को अपने जीवन में अपनाना जरुरी है । हमें तो योगाभ्यास करना अच्छा लगता है। यह हमें मानसिक व बौद्धिक तौर पर सशक्त, शांत व ओजस्वी बनाता है। योग विश्व को भारतीय संस्कृति की अनुपम भेंट है, स्वस्थ और निरोगी जीवन का आधार है। साल के सबसे लम्बे दिन (21 जून) पर सबकी लम्बी उम्र और स्वस्थ जीवन के लिए शुभकामनाएं। अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं ।


















शनिवार, मई 23, 2020

Lock Down : लॉकडाउन में पढ़ाई के साथ-साथ क्रिएटिविटी, वायलिन बजाने का आनंद

लॉक डाउन में घर में रहते हुए पढ़ाई के साथ-साथ क्रिएटिविटी भी जरूरी है। आजकल घर पर मैं वायलिन 🎻🎼 बजाने का आनंद भी ले रही  हूँ। 




शनिवार, जनवरी 11, 2020

Little blogger Akshitaa (Pakhi) in Amar Ujala : अक्षिता की अनोखी 'पाखी की दुनिया' की अमर उजाला में चर्चा

अक्षिता की अनोखी 'पाखी की दुनिया' : अमर उजाला, लखनऊ में नन्ही ब्लॉगर अक्षिता (पाखी) की चर्चा, 11 जनवरी, 2020 । 


शुक्रवार, नवंबर 15, 2019

Little Blogger Akshitaa (Pakhi) : भारत की सबसे कम उम्र की राष्ट्रीय बाल पुरस्कार विजेता, नन्ही ब्लॉगर अक्षिता (पाखी)

21वीं सदी टेक्नॉलाजी की है। आज बच्चे  कलम बाद में पकड़ते हैं , मोबाइल, टेलीवीजिन, कम्प्यूटर व लैपटॉप पर हाथ पहले से ही फिराने लगते हैं। ऐसे में उनका सृजनात्मक दायरा भी बढ़ रहा है। ऐसी ही एक नन्ही प्रतिभा हैं- अक्षिता (पाखी) यादव। 12 वर्षीया अक्षिता न सिर्फ नन्ही ब्लॉगर के रूप में लोकप्रिय हैं, बल्कि भारत सरकार द्वारा सबसे कम उम्र में 'राष्ट्रीय बाल पुरस्कार' से भी सम्मानित हैं। वर्ष 2011 में  मात्र 4 साल 8 माह की आयु में आर्ट और ब्लॉगिंग के लिए उन्हें ‘राष्ट्रीय बाल पुरस्कार‘ से विज्ञान भवन, नई दिल्ली में सम्मानित किया गया। भारत सरकार ने भी पहली बार किसी प्रतिभा को ब्लॉगिंग विधा के लिए सम्मानित किया। हिंदी के एक लाख से ज्यादा ब्लॉगों में  इनका ब्लॉग “पाखी की दुनिया” ( http://pakhi-akshita.blogspot.in/) काफी प्रसिद्ध है। 100 से ज्यादा देशों में देखे-पढ़े जाने वाले इस ब्लॉग पर  500 से भी ज्यादा पोस्ट प्रकाशित हो चुकी हैं। 24 जून 2009 को आरम्भ  इस ब्लॉग पर अक्षिता की रचनाएँ , ड्राइंग, पेंटिंग्स, फोटोग्राफ और जीवन के महत्वपूर्ण पलों की तमाम बातें शामिल हैं। अक्षिता फेसबुक (https://www.facebook.com/AkshitaaSingh/) पर भी उपलब्ध है, जहाँ 2,100 से भी ज्यादा लोग उनके पेज को लाइक करते हैं। अक्षिता के पिता कृष्ण कुमार यादव लखनऊ परिक्षेत्र के निदेशक डाक सेवाएं हैं व मम्मी आकांक्षा यादव एक कॉलेज में प्रवक्ता रही हैं। दोनों ही जन चर्चित साहित्यकार व सक्रिय ब्लॉगर भी हैं। 
 25 मार्च 2007 को कानपुर में जन्मी अक्षिता सिटी मॉन्टेसरी स्कूल, अलीगंज, लखनऊ में कक्षा 7 की छात्रा हैं । बडी होकर आई.ए.एस ऑफिसर बनने की तमन्ना रखने वाली अक्षिता को ब्लॉगिंग के साथ-साथ  ड्राइंग, कविता, बुक रीडिंग, सिंगिंग, ट्रेवलिंग, सुडोकू, पजल्स जैसे माइंड गेम बहुत पसंद हैं। 

 देश-दुनिया में आयोजित होने वाले तमाम अंतर्राष्ट्रीय ब्लॉगर्स सम्मेलन में भी अक्षिता की प्रतिभा को सम्मानित किया गया। वर्ष 2011 में नई दिल्ली में हुए प्रथम अंतर्राष्ट्रीय ब्लॉगर सम्मेलन में उत्तराखंड के तत्कालीन मुख्यमंत्री एवं सम्प्रति भारत सरकार के मानव संसाधन विकास मंत्री डा. रमेश पोखरियाल ”निशंक” ने अक्षिता को ‘श्रेष्ठ नन्ही ब्लॉगर‘ के सम्मान से नवाजा। वर्ष 2015 में  श्रीलंका में हुए अंतर्राष्ट्रीय ब्लॉगर सम्मेलन में अक्षिता को ”परिकल्पना जूनियर सार्क ब्लॉगर सम्मान” से सम्मानित किया गया। 

देश की तमाम पत्र-पत्रिकाओं में अक्षिता की रचनाएँ व ड्राइंग प्रकाशित हुई हैं, वहीं आकाशवाणी और तमाम चैनलों पर भी उनके इंटरव्यू प्रकाशित हो चुके हैं। उत्तर प्रदेश हिंदी संस्थान, लखनऊ द्वारा प्रकाशित पुस्तक “...और हमने कर दिखाया“ (देश के कुछ प्रतिभावान बच्चों की कहानियाँ) में भी “नन्ही ब्लॉगर पाखी की ऊँची उड़ान“ शीर्षक से एक अध्याय शामिल किया गया है।








भारत की सबसे कम उम्र की राष्ट्रीय बाल पुरस्कार विजेता, नन्ही ब्लॉगर अक्षिता (पाखी) यादव 
(साभार)

अक्षिता (पाखी) को मात्र 4 साल 8 माह की आयु में वर्ष 2011 में भारत सरकार द्वारा बाल दिवस पर ’राष्ट्रीय बाल पुरस्कार’ से विज्ञान भवन में सम्मानित किया गया था। 'बाल दिवस' के बहाने एक बार फिर से अक्षिता की चर्चा !!


बुधवार, जनवरी 02, 2019

नव वर्ष पर अक्षिता (पाखी) ने भी लिया संकल्प : बेटियों के लिए कुछ करुँगी


नए साल पर मेरा संकल्प होगा कि समाज में बेटियों के लिये कुछ अच्छा किया जाये। आज भी बेटियों के प्रति समाज में दोहरी सोच है, इसे बदलने की जरूरत है। इसकी पहल हमें अपने आसपास से करनी होगी। जो बेटियाँ पढ़ने के लिये स्कूल नहीं जा पातीं, उनके माँ-बाप को समझाना होगा। कई बार उनके साथ पैसों की समस्या होती है,यदि हम अपने जेब खर्च व अन्य स्रोतों से उनकी मदद कर सकें तो बेहतर होगा। अगली क्लास में प्रमोशन के बाद अपनी किताबें और नोट बुक रद्दी में डाल देने की बजाय उन लोगों को देना चाहिये, जिनके जीवन में इससे शिक्षा का प्रकाश पहुँचे। नए साल में मेरा यह संकल्प होगा कि इस क्षेत्र में मैं कार्य करते हुये लोगों की सोच बदल सकूँ।                                                    (साभार : दैनिक जागरण, लखनऊ, 2 जनवरी, 2019)

-अक्षिता (पाखी) यादव
(राष्ट्रीय बाल पुरस्कार विजेता)


Akshitaa (Pakhi) Yadav
National Child Awardee (For Art & Blogging)






शुक्रवार, जुलाई 06, 2018

Main Hoon Beti Award to Akshitaa (Pakhi)

बेटियाँ अपनी मौजूदगी से पूरी दुनिया में अपना नाम रोशन कर रही हैं। इसी क्रम में भारत की सबसे कम उम्र की राष्ट्रीय बाल पुरस्कार विजेता एवं  नन्ही ब्लॉगर अक्षिता यादव (पाखी) को किंग जॉर्ज मेडिकल कॉलेज, लखनऊ में ''मैं हूँ बेटी अवार्ड'' से 5 जुलाई, 2018 को सम्मानित किया गया। हैप्पी ऑवर्स स्कूल, जोधपुर में कक्षा 6 की छात्रा अक्षिता के पिता श्री कृष्ण कुमार यादव राजस्थान पश्चिमी क्षेत्र, जोधपुर के निदेशक डाक सेवाएँ पद पर पदस्थ हैं और मम्मी श्रीमती आकांक्षा एक कॉलेज में प्रवक्ता रही हैं। यादव दम्पति चर्चित ब्लॉगर और साहित्यकार भी हैं। 
 देश के विभिन्न क्षेत्रों में समाज और राष्ट्र के हित में कार्य कर रही नन्ही ब्लॉगर अक्षिता (पाखी) यादव  सहित बहुमुखी प्रतिभा की 73 बालिकाओं/महिलाओं को उक्त सम्मान आरोग्य दर्पण के तत्वाधान में किंग जॉर्ज मेडिकल विश्वविद्यालय, लखनऊ में प्रदान किया गया। अक्षिता (पाखी) की अनुपस्थिति में यह सम्मान उनकी बुआ सुश्री किरन यादव ने ग्रहण किया। 

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के तौर पर जरीना उस्मानी, अध्यक्ष राज्य महिला आयोग, उत्तर प्रदेश, विशिष्ट अतिथि आशिमा मेहरोत्रा, निदेशक पर्यटन मंत्रालय, भारत सरकार, आईपीएस अधिकारी अशोक कुमार वर्मा, डॉ. विनोद जैन, डीन, किंग जॉर्ज मेडिकल विश्वविद्यालय, लखनऊ, कार्यक्रम के संयोजक  राम प्रकाश वर्मा इत्यादि मौजूद थे। अध्यक्षता विधान परिषद् सदस्य राजबहादुर सिंह चंदेल ने की। 
गौरतलब है कि अक्षिता (पाखी) यादव को इससे पूर्व विज्ञान भवन नई  दिल्ली में भारत सरकार द्वारा ’राष्ट्रीय बाल पुरस्कार',  अंतर्राष्ट्रीय  ब्लॉगर्स सम्मलेन, नई दिल्ली में ’वर्ष की श्रेष्ठ नन्ही ब्लॉगर’ एवं ”हिंदी साहित्य निकेतन परिकल्पना सम्मान-2010” अवार्ड और  अंतर्राष्ट्रीय ब्लॉगर सम्मेलन, श्री लंका  में  ”परिकल्पना कनिष्ठ सार्क ब्लॉगर सम्मान” से सम्मानित किया जा चुका है।