आप सब 'पाखी' को बहुत प्यार करते हैं...

सोमवार, जुलाई 26, 2010

हम बच्चों की बड़ी धूम है....

आजकल हम बच्चों की बड़ी धूम है। आप लोग इत्ता प्यार जो करते हैं। हमारी शरारतों को देखते हैं-मुस्काते हैं और भी बहुत कुछ करते हैं। हम बच्चों के ढेर सारे ब्लॉग हैं, जिनके माध्यम से हमारे ममा-पापा आप तक हमारी छोटी-छोटी बातें पहुंचाते हैं. बच्चों के लिए भी ढेर सारे ब्लॉग हैं, जहाँ ढेर सारी अच्छी-अच्छी रचनाएँ पढने को मिलती हैं. ये सभी ब्लॉग आप हमारे ब्लॉग की साइड बार में देख सकते हैं. पहले तो अधिकतर बड़े लोगों की ही चर्चा होती थी, अब तो हम बच्चों के ब्लॉगों की चर्चा भी खूब होने लगी है. यह सिलसिला आरंभ हुआ चर्चा मंच से, जहाँ रवि अंकल और कभी-कभी मयंक दादा जी हम बच्चों की बातें करते, हमारे ब्लॉगों की चर्चा करते...फिर पता नहीं क्या हुआ कि चर्चा मंच पर वो सिलसिला टूट गया. खैर.....
********************************************
डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री "मयंक" दादा जी ने तो हम बच्चों के लिए पूरा 'बाल चर्चा मंच' ही शुरू कर दिया. हर ब्लॉग की खट्टी-मीठी बातें और खूबसूरत चित्र...यहाँ तो चर्चा पूरे पायदान की तरह चलती है. कभी कोई नंबर एक तो कभी कोई नंबर एक. आप भी देखिये ना इसे. और हाँ, दादा जी ने यह भी लिखा कि-
बच्चों के ब्लॉगों के साथ भी पक्षपात।
मॉडरेशन की मार!
चोर की दाढ़ी में तिनका!"
आत्मप्रकाशन" मन की हार!!
*****************************************
'सरस-पायस' पर रवि अंकल बच्चों के ब्लागस की खूब सरस-चर्चा कर रहे हैं. इसे भी देखना ना भूलियेगा. अब देखिये ना, उन्होंने मेरे लिए क्या लिखा-
आजकल सबसे अधिक चर्चा में है : पाखी!
कोई उसके लिए कविता लिख रहा है!
कोई उसकी दुनिया के लिए सुंदर हैडर बनाकर दे रहा है!
उसे श्रेष्ठ नन्ही ब्लॉगर का सम्मान भी मिल चुका है!
लैपटॉप उसे मिल ही चुका है!
और अब ... ... । अब तो पाखी ने छायांकन भी शुरू कर दिया है!
पाखी ने अपनी माँ की बहुत सुंदर तस्वीर खींची है!
अब तो श्रेष्ठ छायाकार का ख़िताब भी उससे दूर नहीं रह गया!
पाखी की माँ का जन्म-दिन भी निकट है!
उसकी समझ में नहीं आ रहा है कि वह अपनी माँ को क्या उपहार दे! आप भी उसकी मदद कर सकते हैं! ♥ + ♥
************************************************
अब लीजिये, आपको एक बात और बताती हूँ। हम बच्चों की नन्हीं दुनिया के लिए तो एक अलग से एग्रीगेटर - हिंदी में बच्चों के और बच्चों के लिए ब्लोग्स भी है. इस पर आपको पूरी बाल-दुनिया ही दिखेगी. किसी ब्लॉग पर पोस्ट लगी और यहाँ हाजिर..है ना मजेदार. इस मजेदार वाकये के पीछे हैं आदि के पापा
....चलते-चलते बच्चों के लिए शुरू एक और ब्लॉग के बारे में भी तो बता जाऊँ- बाल-दुनिया, इसके पीछे हैं मेरी प्यारी ममा. आप भी अपनी रचनाएँ और ड्राइंग इसमें भेज सकते हैं.
(इसे मेरे लिए लिखा पापा ने, ताकि आफिस में मैं उन्हें परेशान ना करूँ और शांति से काम करने दूँ.)
एक टिप्पणी भेजें