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गुरुवार, अप्रैल 22, 2010

विश्व पृथ्वी दिवस पर खूब पौधे लगायें

आपको पता है आज विश्व पृथ्वी दिवस है. आज स्कूल में टीचर ने भी बताया और कहा कि हमें पेड़-पौधों की रक्षा करनी चाहिए. पहले तो पेड़ काटो नहीं और यदि काटना ही पड़े तो एक की जगह दो पेड़ लगाना चाहिए।

पेड़-पौधे धरा के आभूषण हैं, उनसे ही पृथ्वी की शोभा बढती है। (इस वृक्ष पर लिखा है- पुरखों सी पेड़ों की छाया, शीतल कर दे जलती काया )


पहले जंगल होते थे तो खूब हरियाली होती, बारिश होती और सुन्दर लगता पर अब जल्दी बारिश भी नहीं होती, खूब गर्मी भी पड़ती है। (इस चित्र में फारेस्ट के मायने लिखे हुए हैं)। लगता है भगवान जी नाराज हो गए हैं. यह तो टेंशन वाली बात हुई ना। इसलिए आज सभी लोग संकल्प लेंगें कि कभी भी किसी पेड़-पौधे को नुकसान नहीं पहुँचायेंगे, पर्यावरण की रक्षा करेंगे, अपने चारों तरफ खूब सारे पौधे लगायेंगे और उनकी नियमित देख-रेख भी करेंगे !!




पुरखों सी पेड़ों की छाया,


शीतल कर दे जलती काया.


***विश्व पृथ्वी दिवस पर खूब पौधे लगायें और धरती को सुन्दर व स्वच्छ बनायें***


( इस पोस्ट की चर्चा झिलमिल करते सजे सितारे (चर्चा मंच-131) के अंतर्गत भी देखें )



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