आप सब 'पाखी' को बहुत प्यार करते हैं...

शुक्रवार, जून 22, 2018

अक्षिता व अपूर्वा को उपहार में मिली पुस्तकें - 'मुझे बनना है UPSC टॉपर' और 'शादी बंदर मामा की'


माउंट आबू प्रवास के दौरान वहाँ के SDM निशांत जैन अंकल ने हमें अपनी पुस्तकें 'मुझे बनना है UPSC टॉपर' और 'शादी बंदर मामा की' हमें (अक्षिता (पाखी) और अपूर्वा) उपहारस्वरूप दीं। 2015 बैच के IAS हिन्दी टॉपर  निशांत जैन अंकल एक अच्छे लेखक व बाल साहित्यकार भी हैं। आपका बहुत-बहुत धन्यवाद।


अक्षिता और 'पाखी की दुनिया' से  अब फेसबुक पर भी जुड़ सकते हैं -

गुरुवार, जून 21, 2018

International day of Yoga : अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस

विश्व भर में 'अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस' 21 जून को मनाया जाता है। यह दिन वर्ष का सबसे लंबा दिन होता है और योग भी मनुष्य को दीर्घ जीवन प्रदान करता है। पहली बार यह दिवस 21 जून 2015 को मनाया गया, जिसकी पहल भारत के प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी ने 27 सितम्बर 2014 को संयुक्त राष्ट्र महासभा में अपने भाषण से की थी, जिसमें उन्होंने कहा:
(Akshitaa (Pakhi) celebrating International day of Yoga, 21 June, 2018)

"योग भारत की प्राचीन परंपरा का एक अमूल्य उपहार है यह दिमाग और शरीर की एकता का प्रतीक है; मनुष्य और प्रकृति के बीच सामंजस्य है; विचार, संयम और पूर्ति प्रदान करने वाला है तथा स्वास्थ्य और भलाई के लिए एक समग्र दृष्टिकोण को भी प्रदान करने वाला है। यह व्यायाम के बारे में नहीं है, लेकिन अपने भीतर एकता की भावना, दुनिया और प्रकृति की खोज के विषय में है। हमारी बदलती जीवन- शैली में यह चेतना बनकर, हमें जलवायु परिवर्तन से निपटने में मदद कर सकता है। तो आयें एक अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस को गोद लेने की दिशा में काम करते हैं।"   —नरेंद्र मोदी, संयुक्त राष्ट्र महासभा
(Apurva celebrating International day of Yoga, 21 June, 2018)
जिसके बाद 21 जून को " अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस" घोषित किया गया। 11 दिसम्बर 2014 को संयुक्त राष्ट्र में 177 सदस्यों द्वारा 21 जून को " अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस" को मनाने के प्रस्ताव को मंजूरी मिली। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के इस प्रस्ताव को 90 दिन के अंदर पूर्ण बहुमत से पारित किया गया, जो संयुक्त राष्ट्र संघ में किसी दिवस प्रस्ताव के लिए सबसे कम समय है।

Positive mind
Positive vibes
(In Picture : Akshitaa (Pakhi) and Apurva celebrating International day of Yoga, 21 June, 2018)

मंगलवार, जून 05, 2018

विश्व पर्यावरण दिवस पर पौधारोपण

आज विश्व पर्यावरण दिवस है। प्रकृति और पर्यावरण का संरक्षण बेहद जरुरी है। आज हमारे परिवार के सभी सदस्यों ने पौधारोपण किया।  मम्मी-पापा, मेरी प्यारी सिस्टर अपूर्वा और मैंने !
 Plant a tree, water a tree, save a life, save the earth. Let's pledge to make the world a greener place.
Every plant matters,, let's conserve environment by planting all type of plants 

The little efforts we make at a personal level add up to make a big difference in the end. Let us pray we get to save the only world that we have.


Save Trees, Save Earth, Save Environment.

The planet does not belong to us, we belong to the planet. Save it... Protect it and most importantly respect it.  

Take care of the earth & she will take care of you.


सोचिए, यदि हमारे आस-पास पेड़-पौधे न हों, मुस्कुराते फूल न हों, चिड़ियों की चहचहाहट न हो, भिन्न-भिन्न ऋतुएं न हों ......तो सब कुछ कितना सूना लगेगा। सो, अभी भी देर नहीं हुई है। यदि पहले से संजीदगी न रही हो तो अभी से शुरुआत कर लें !!
और हाँ, चलते-चलते यह प्यारी सी कविता भी, जिसमें एक खूबसूरत सन्देश भी छुपा है।  जिसने भी लिखी, उन्हें धन्यवाद के साथ -

 मैंने एक चिड़िया पाली..!
एक दिन वो उड़ गयी..!!

फिर मैंने  एक गिलहरी पाली..!
एक दिन वो भी चली गयी..!

फिर मैंने एक दिन एक पेड़ लगाया ..!
दोनों वापिस आ गये...!!


!! विश्व पर्यावरण दिवस की ढेर सारी शुभकामनाएँ !! 

शनिवार, जून 02, 2018

Drawing of Apurva in Kids Zone of the Times of India

हमारी प्यारी सिस्टर अपूर्वा जैसे-जैसे बड़ी हो रही हैं,इनकी क्रिएटिविटी भी बढ़ती जा रही है । ये भी हमारी तरह प्यारी-प्यारी ड्राइंग बनाती हैं । अभी इनकी एक ड्राइंग टाइम्स ऑफ इंडिया न्यूज पेपर में पब्लिश हुई है। टाइम्स ऑफ इंडिया में यह इनकी तीसरी ड्राइंग है।  आप भी इसे यहाँ देख सकते हैं-
Drawing of Apurva in Kids Zone of the Times of India, Jaipur, Rajasthan on 2nd June, 2018.
अपूर्वा की प्रतिष्ठित अख़बार टाइम्स ऑफ़ इण्डिया (जयपुर, राजस्थान) के किड्स जोन में प्रकाशित ड्राइंग 



(Apurva Yadav)




सोमवार, मई 21, 2018

एक शाम चोखी ढाणी, जयपुर में (Chokhi Dhani, The 5 Star Ethnic Village Resort, Jaipur)


इस बार हम पिंक सिटी जयपुर गए तो चोखी ढाणी रिजॉर्ट भी गए। पिछली बार  जब मैं जयपुर आई थी तो यहाँ जाना रह गया था, तभी पापा ने प्रामिस किया था कि समर वेकेशंस में अगली बार हम यहाँ जरूर जायेंगे। जब हम शाम को 7 बजे यहाँ पहुंचे तो हल्की-हल्की बारिश हो रही थी, पर घूमने का आनंद दुगुना हो गया। यहाँ पर हमने खूब इंजोय किया और ढेर सारी पिक्चर्स और सेल्फी भी क्लिक कीं।

राजस्थानी ग्रामीण संस्कृति की विभिन्न झलकियों को अपने में सहेजे यह रिजॉर्ट एक सुखद अनुभव कराता है। यहाँ तो पूरा हाट बाजार बसा हुआ है। मम्मी-पापा ने तो कुल्हड़ में चाय का आनंद लिया तो  मैंने व  अपूर्वा ने आइसक्रीम का।  फिर, पपेट शो, मैजिक शो को खूब इंजोय किया। बाईस्कोप, भूल-भुलैया, साँप-सीढ़ी के खेल के साथ निशानेबाजी के करतब व विभिन्न तरह के झूले का आनंद भी लिया। बोटिंग के साथ-साथ कैमेल व एलिफैंट राइडिंग का लुत्फ़ भी यहाँ लिया जा सकता है। 

राजस्थान का परम्परागत  कालबेलिया डांस और  घूमर डांस भी यहाँ खूब दिखा। इसके बाद तो हम टायर्ड फील करने लगे। हर एक घंटे बाद यहाँ डिनर मिलता है, जिसके लिए एडवांस में ही पास लेना पड़ता है। हम लोग डिनर के लिए गए। रॉयल परिवेश में हमने राजस्थानी थाली का खूब जायका लिया। हल्के संगीत के साथ कैन्डल लाइट डिनर का आनंद ही कुछ और था ।  

डिनर के बाद हमने यहाँ  हल्दीघाटी के युद्ध को देखा, जिसे बहुत सुंदर ढंग से जीवंत किया गया है। फिर, तिरुपति बाला जी व वैष्णो देवी मंदिर भी गए। अंत में कला-ग्राम में हमने राजस्थान के हैंडीक्राफ्ट का भी अवलोकन किया और वहाँ से कुछेक चीजें खरीदीं। 















वाकई घूमने के लिए यह एक शानदार जगह है। आप भी जयपुर जाइए तो चोखी ढाणी (Chokhi Dhani, The 5 Star Ethnic Village Resort, Jaipur) जरूर जाइएगा। 

शनिवार, मई 05, 2018

जोधपुर में सेल्फी प्वाइंट @ I Love Jodhpur

जोधपुर में हम लोगों को रहते हुए तीन साल से भी ज्यादा हो गए हैं।  इस दौरान हम लोगों ने यहाँ खूब इंजॉय किया।  तमाम फोर्ट्स,पैलेसेज़, हवेलीज के साथ-साथ यहाँ के इतिहास और संस्कृति को भी समझने का मौका मिला। जोधपुर वैसे भी टूरिस्ट्स के लिए एक खूबसूरत जगह है। 
हाल ही में जोधपुर, राजस्थान में आने वाले टूरिस्ट्स और यूथ्स को आकर्षित करने हेतु  'शास्त्री सर्किलपार्क' और 'अशोक उद्यान' में सेल्फी प्वाइंट बनाये गए हैं। 'शास्त्री सर्किल' में I Love Jodhpur तो अशोक उद्यान में I Love Sun City लिखा गया है। 
लोगों में इसके साथ अपनी सेल्फी और तस्वीर लेने का क्रेज खूब देखने को मिल रहा है, फिर भला हम कैसे पीछे रहते। मम्मी-पापा और प्यारी सिस्टर अपूर्वा के साथ हमने भी खूब पिक्चर्स लीं।



 आप भी जब जोधपुर घूमने आएं तो इस सेल्फी प्वाइंट पर अपनी पिक्चर जरूर लें। 


Pictures at Selfie Point, Shastri Circle Park, Jodhpur, Rajasthan



मंगलवार, अप्रैल 03, 2018

Akshitaa (Pakhi) for 'Main Hoon Beti Awards - 2018'

नन्ही ब्लॉगर अक्षिता (पाखी) 'Main Hoon Beti Awards - 2018' के लिए नॉमिनेट हुई हैं। अक्षिता भारत की सबसे कम उम्र की "राष्ट्रीय बाल पुरस्कार" विजेता के साथ-साथ नन्ही ब्लॉगर के रूप में भी ख्याति-प्राप्त हैं। कृपया नीचे दिए गए वेब-ब्लॉग लिंक पर जाकर Akshitaa (Pakhi) के समर्थन में लिखकर अपना शुभाशीष और स्नेह दें और इसके लिए अन्य लोगों को भी प्रेरित करें !! 

अक्षिता अब क्लास 6 में : नया क्लास, नई बुक्स, नए दोस्त, नई टीचर्स...



आज का दिन दिन मेरे लिए बहुत खास है। आज मैं नई क्लास में प्रमोट हो गई हूँ । अब मैं क्लास-6 की स्टूडेंट हूँ । मेरी प्यारी सिस्टर अपूर्वा भी अब क्लास 2 में आ गई है। 


स्कूल का पहला दिन कितना महत्वपूर्ण होता है । नई टीचर्स, नए दोस्त और उससे भी बढ़कर नई-नई बुक्स। क्लास 6 में तो स्लेबस भी ज्यादा है, सो ज्यादा पढ़ना भी पड़ेगा। नई क्लास के लिए आप सभी की प्यार भरी विशेज़ भी तो मिलेंगी।

रविवार, अप्रैल 01, 2018

Save the Environment : पेड़-पौधे लगाएं, धरती को कूल बनाएँ

अप्रैल माह की शुरुआत के साथ ही गर्मियाँ भी आरंभ हो गई हैं। अप्रैल की शुरुआत ही "अप्रैल फूल" बनाने के साथ होती है । पर अब जरूरत है कि लोगों को "अप्रैल फूल" बनाने के बजाय एक पेड़ लगाकर इसे "अप्रैल कूल" के रूप में मनाया जाए। हम सबकी यह  एक छोटी सी मुहिम धरती को "कूल" बनाने में मददगार हो सकती है।



Instead of making "April Fool", plant at least one tree and make "April Cool".

This small campaign of your's may help making this earth "Cool".

गुरुवार, नवंबर 30, 2017

अपूर्वा दिखेंगी 'बाल साहित्य की धरती' बाल पत्रिका के कवर पेज पर

हमारी प्यारी सिस्टर अपूर्वा का एक मनमोहक चित्र, उत्तराखंड से प्रकाशित हिंदी बाल पत्रिका 'बाल साहित्य की धरती' (वर्ष 1, अंक 7, नवंबर 2017,  सम्पादक-श्री रावेन्द्र कुमार रवि) के कवर पेज पर लगाया गया है। 
अपूर्वा की यह खूबसूरत तस्वीर माउन्ट आबू में ली गई थी, जिसमें ये स्थानीय ड्रेस में नजर आ रही हैं। आप सभी का स्नेह और प्यार भी अपूर्वा को मिलना चाहिए।  

मंगलवार, नवंबर 14, 2017

बाल दिवस पर विशेष : अक्षिता (पाखी) को सबसे कम उम्र में ”राष्ट्रीय बाल पुरस्कार” पाने का गौरव

बाल दिवस की बात हो तो उन बाल प्रतिभाओं का जिक्र  भी जरूरी हो जाता है, जिन्होंने कम उम्र में ही सफलता के नये कीर्तिमान रचे। भारत सरकार द्वारा हर साल 14 नवम्बर को विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट उपलब्धि हासिल करने वाले बच्चों को ’राष्ट्रीय बाल पुरस्कार’ प्रदान किये जाते हैं। चार वर्ष से पन्द्रह वर्ष की आयु-वर्ग के बच्चे इस पुरस्कार को प्राप्त करने के पात्र हैं। पर इसे सबसे कम उम्र में प्राप्त करने का गौरव जोधपुर में रह रही अक्षिता (पाखी) को प्राप्त है। वर्ष 2011 में मात्र 4 साल 8 माह की आयु में ही अक्षिता को  'कला’ और ’ब्लॉगिंग’ के लिए भारत सरकार  द्वारा बाल दिवस पर  ’राष्ट्रीय बाल पुरस्कार’ से  विज्ञान भवन  में नवाजा गया। अक्षिता ने इसे जहाँ सबसे कम उम्र में पाने का कीर्तिमान बनाया, वहीं ब्लॉगिंग के लिए भी भारत सरकार द्वारा राजकीय स्तर पर प्रथम सम्मान-पुरस्कार पाने का गौरव प्राप्त किया। यही नहीं, इससे पूर्व अक्षिता को नई दिल्ली में अप्रैल, 2011 में हुए अंतर्राष्ट्रीय ब्लॉगर सम्मेलन में उत्तराखंड के तत्कालीन मुख्यमंत्री डा. रमेश पोखरियाल ”निशंक” द्वारा ‘श्रेष्ठ नन्ही ब्लॉगर‘ के सम्मान से भी नवाजा जा चुका है।


 हैपी आवर्स  स्कूल, जोधपुर  में कक्षा 5  की छात्रा अक्षिता बड़ी होकर आई.ए.एस ऑफिसर बनने की तमन्ना रखती है।  उसके  पिता श्री कृष्ण कुमार यादव राजस्थान पश्चिमी क्षेत्र, जोधपुर के निदेशक डाक सेवाएं पद पर पदस्थ हैं व मम्मी श्रीमती आकांक्षा एक कालेज में प्रवक्ता रही हैं। दोनों ही जन चर्चित साहित्यकार व सक्रिय ब्लॉगरभी हैं।

 अक्षिता के पिता श्री कृष्ण कुमार यादव बताते हैं कि, अक्षिता को शुरू से ही ड्राइंग बनाना बहुत अच्छा लगता है। उसके बनाए चित्रों को सहेजने और अक्षिता की गतिविधियों को ब्लॉग के माध्यम से  लोगों के सामने प्रस्तुत करने के  विचारस्वरुप  24 जून 2009 को  “पाखी की दुनिया” (http://pakhi-akshita.blogspot.in/ ) नाम से अक्षिता का ब्लॉग अस्तित्व में आया। देखते ही देखते करीब एक लाख से अधिक हिन्दी ब्लॉगों में इस ब्लॉग की रेटिंग बढ़ती गई और आज इस ब्लॉग पर 460  से भी ज्यादा पोस्ट प्रकाशित हो चुकी हैं और 260  से ज्यादा लोग इसका अनुसरण करते हैं। इस ब्लॉग पर अकल्पनीय प्रतिक्रियाएं  प्राप्त हुईं और 100 से ज्यादा देशों में इसे देखा-पढ़ा जाता है। अक्षिता और उसका ब्लॉग ‘पाखी की दुनिया‘ फेसबुक (https://www.facebook.com/AkshitaaSingh/ ) पर भी उपलब्ध है, जहाँ 1883  लोग इसे पसंद करते हैं।

अक्षिता को देश-दुनिया में तमाम सम्मान भी प्राप्त हुए हैं। अंतर्राष्ट्रीय ब्लॉगर सम्मेलन, श्री लंका (25 मई 2015) में उसे ”परिकल्पना कनिष्ठ सार्क ब्लॉगर सम्मान” से सम्मानित किया जा चुका है। विभिन्न मंचों पर महिला एवं बाल विकास मंत्री, भारत सरकार, श्रीमती कृष्णा तीरथ, उत्तराखंड के मुख्यमंत्री डा. रमेश पोखरियाल ”निशंक”, केंद्रीय हिंदी संस्थान के उपाध्यक्ष डा. अशोक चक्रधर, फिल्म अभिनेत्री शबाना आजमी, सांसद डिम्पल यादव और दबंग फेम म्यूजिक-कम्पोजर वाजिद खान भी इस नन्ही ब्लॉगर को सम्मानित कर चुके हैं।  

 21वीं सदी टेक्नालाजी की है। आज बच्चा कलम बाद में पकड़ता है, मोबाइल, टेलीवीजिन कम्प्यूटर व लैपटॉप पर हाथ पहले से ही फिराने लगता है। ऐसे में नन्ही प्रतिभा अक्षिता (पाखी) को देखकर यही कहा जा सकता है कि प्रतिभा उम्र की मोहताज नहीं, बशर्तें उसे अनुकूल वातावरण व परिवेश मिले। अक्षिता (पाखी) को श्रेष्ठ नन्ही ब्लॉगर और सबसे कम उम्र में राष्ट्रीय बाल पुरस्कार मिलना यह दर्शाता है कि बच्चों में आरंभ से ही सृजनात्मक-शक्ति निहित होती है। उसे इग्नोर करना या बड़ों से तुलना करने की बजाय यदि उसे बाल-मन के धरातल पर देखा जाय तो उसे पल्लवित-पुष्पित किया जा सकता है।









अक्षिता को सबसे कम उम्र में ”राष्ट्रीय बाल पुरस्कार” पाने का गौरव,
डाक निदेशक कृष्ण कुमार यादव व आकांक्षा यादव की पुत्री अक्षिता ने नन्ही ब्लॉगर के रूप में प्राप्त की ख्याति