आप सब 'पाखी' को बहुत प्यार करते हैं...

गुरुवार, अप्रैल 22, 2010

विश्व पृथ्वी दिवस पर खूब पौधे लगायें

आपको पता है आज विश्व पृथ्वी दिवस है. आज स्कूल में टीचर ने भी बताया और कहा कि हमें पेड़-पौधों की रक्षा करनी चाहिए. पहले तो पेड़ काटो नहीं और यदि काटना ही पड़े तो एक की जगह दो पेड़ लगाना चाहिए।

पेड़-पौधे धरा के आभूषण हैं, उनसे ही पृथ्वी की शोभा बढती है। (इस वृक्ष पर लिखा है- पुरखों सी पेड़ों की छाया, शीतल कर दे जलती काया )


पहले जंगल होते थे तो खूब हरियाली होती, बारिश होती और सुन्दर लगता पर अब जल्दी बारिश भी नहीं होती, खूब गर्मी भी पड़ती है। (इस चित्र में फारेस्ट के मायने लिखे हुए हैं)। लगता है भगवान जी नाराज हो गए हैं. यह तो टेंशन वाली बात हुई ना। इसलिए आज सभी लोग संकल्प लेंगें कि कभी भी किसी पेड़-पौधे को नुकसान नहीं पहुँचायेंगे, पर्यावरण की रक्षा करेंगे, अपने चारों तरफ खूब सारे पौधे लगायेंगे और उनकी नियमित देख-रेख भी करेंगे !!




पुरखों सी पेड़ों की छाया,


शीतल कर दे जलती काया.


***विश्व पृथ्वी दिवस पर खूब पौधे लगायें और धरती को सुन्दर व स्वच्छ बनायें***


( इस पोस्ट की चर्चा झिलमिल करते सजे सितारे (चर्चा मंच-131) के अंतर्गत भी देखें )



मंगलवार, अप्रैल 20, 2010

शिप पर चली गाड़ी, फिर माउन्ट हैरियट का नजारा

इस बार मैं माउन्ट हैरियट (Mount Harriet) पर घूमने गई. ब्रिटिश काल में माउन्ट हैरियट चीफ कमिश्नर का ग्रीष्मकालीन आवास था। इसका नामकरण कर्नल आर. सी. टाईटलर की पत्नी हेरियट के नाम पर हुआ, जिसने 1862 के दौरान इस क्षेत्र को चीफ कमिशनर के ग्रीष्मकालीन आवास के रूप में चुना। पोर्टब्लेयर से सड़क द्वारा 55 व नाव द्वारा 15 किलोमीटर की दूरी पर अवस्थित माउन्ट हेरियट (Mount Harriet) दक्षिण अंडमान का सबसे उंचा पहाड़ (Highest peak of South Andman) भी है। पिकनिक, ट्रेकिंग व चिड़ियों को देखने के लिए यह उत्तम स्थल है।वाकई इसे देखना अद्भुत नज़ारा था. यहाँ जाने के लिए हमारी गाड़ी को शिप से जाना पड़ा. हम गाड़ी में ही बैठे रहे और कुछ देर बाद शिप ने हमारी गाड़ी को उस पर उतार दिया. माउन्ट हैरियट का नजारा देखने के लिए हमें माउन्ट हैरियट नेशनल पार्क (Mount Harriet National Park) में प्रवेश करना पड़ा. वर्तमान में माउन्ट हेरियट 46.62 वर्ग कि0मी0 क्षे. में राष्ट्रीय पार्क के रूप में विस्तृत है और नवम्बर 1996 में इसे आरक्षित वन के रूप में चिन्हित किया गया। घने जंगलों से हरा-भरा यह पार्क कभी डरावना लगता कभी रोमांचकारी. हमारी गाड़ी धीरे-धीरे सड़क के रास्ते ऊँचाइयों पर बढती जाती. हम यहाँ पर वन विभाग के रेस्ट हॉउस (Rest House) में ठहरे. लकड़ी का बना ये पुराना रेस्ट हॉउस देखकर बड़ा अच्छा लगा. माउन्ट हैरियट (Mount Harriet) से नार्थ बे बीच (North bay beach) को देखना बड़ा मजेदार रहा. यहाँ नार्थ बे पर अवस्थित लाइट-हॉउस (Light House) भी देखा जा सकता है.
माउन्ट हैरियट (Mount Harriet) पार्क में बने निकोबारी हट (Nikobari Hut) के क्या कहने. देखिये न मेरी जानदार फोटो. यहाँ पर पार्क में झूला झूलने का भी आनंद लिया.
एक ऐतिहासिक धरोहर यह भी.

अंडमान-निकोबार (Andaman & Nicobar Islands) में हर जगह साईट सीन देखने के लिए हट(Hut) बनी हुई हैं. इक हट यहाँ भी. थोड़ा सा आराम भी जरुरी है. आप भी जब कभी अंडमान आयें तो माउन्ट हैरियट (Mount Harriet) की सैर जरुर करें. खूब मजा आयेगा !!

( इस पोस्ट की चर्चा झिलमिल करते सजे सितारे (चर्चा मंच-131) के अंतर्गत भी देखें )

शुक्रवार, अप्रैल 16, 2010

स्कूल में आज पाखी का पहला दिन

आज से मेरा स्कूल आरंभ हो गया. अब मैं नर्सरी में पढने जा रही हूँ. यहाँ पोर्टब्लेयर में स्थित कार्मेल स्कूल में मेरा एडमिशन हुआ है. पता है, आज तो क्लास में अधिकतर बच्चे रो रहे थे. सभी को अपने मम्मी-पापा की याद आ रही थी. मैं भी कानपुर में जब प्ले स्कूल में पहली बार गई थी, तो खूब रोई थी। पर अब मैं नहीं रोती। अच्छी बच्ची हो गई हूँ। आज पहले दिन टीचर ने ढेर सारी राइम सुनाई और हम लोग भी साथ-साथ गाते रहे. टीचर ने हम बच्चों को चाकलेट भी दी. कित्ता मजा आ रहा था बहुत दिन बाद स्कूल जाने में.

घर आकर भी खूब मस्ती की

और थोड़ी सी पढाई भी !!

( इस पोस्ट की चर्चा “महक उठा मन” (चर्चा मंच-124) के अंतर्गत भी देखें )

गुरुवार, अप्रैल 15, 2010

ब्लागोत्सव -2010 की कला दीर्घा में पाखी की अभिव्यक्ति

आज का दिन खुशियों भरा दिन है। पहली बार ब्लॉग की दुनिया से जुड़े लोग ब्लागोत्सव मना रहे हैं। ब्लागोत्सव-2010 आज से आरंभ भी हो चुका है, जरुर जाइएगा वहाँ पर। वहाँ पर कला दीर्घा में आज अक्षिता(पाखी) की अभिव्यक्ति भी देखिएगा। इस उत्सव के इस सूत्र वाक्य पर भी ध्यान दें- अनेक ब्लॉग नेक ह्रदय।

जब पहली बार मैंने इस उत्सव के बारे में सुना था तो बड़ी उदास हुई थी की हम बच्चों के लिए वहां कुछ नहीं है। फिर मैंने इसके मुख्य संयोजक रवीन्द्र प्रभात अंकल जी को लिखा कि- हम बच्चे इसमें अपनी ड्राइंग या कुछ भेज सकते हैं कि नहीं। जवाब में रवीन्द्र अंकल ने बताया कि अक्षिता जी! क्षमा कीजिएगा बच्चों के लिए तो मैने सोचा ही नही जबकि बिना बच्चों के कोई भी अनुष्ठान पूरा ही नही होता, इसलिए आप और आपसे जुड़े हुए समस्त बच्चों को इसमें शामिल होने हेतु मेरा विनम्र निवेदन है...देखा कितने प्यारे अंकल हैं रवीन्द्र जी। हम बच्चों का कित्ता ख्याल रखते हैं। अले भाई, जब बच्चे नहीं रहेंगे तो उत्सव कैसे पूरा होगा।

तो आप सब भी इस उत्सव में शरीक हों और हाँ अपनी प्यारी पाखी की कविता ' नन्हीं गौरैया' और दो ड्राइंग वहाँ देखना न भूलियेगा... और अपनी टिप्पणियों से जरुर अवगत कराइयेगा, नहीं तो मुझे कैसे पता चलेगा कि आपको कैसा लगा।
!! ब्लागोत्सव-2010 में कला दीर्घा में आज : अक्षिता(पाखी) की अभिव्यक्ति में आप सभी का स्वागत है !!

सोमवार, अप्रैल 12, 2010

मम्मी-पापा की लाडली


अक्षिता (पाखी) मेरा नाम है
सब करते मुझको प्यार
मम्मी-पापा की लाडली
मिलता जी भर खूब दुलार।

कानपुर नगर में जन्म लिया
25 मार्च 2006, दिन शनिवार
मम्मी-पापा हुए प्रफुल्लित
पूरा हुआ सपनों का संसार।

दादा-दादी, नाना-नानी
सब देखने को हुए बेकरार
मौसी, बुआ, मामा-मामी, चाचू
ले आए खूब सारे उपहार।

नन्हीं सी नटखट गुड़िया
सब रिझायें बार-बार
कितनी प्यारी किलकारी
घर में आये खूब बहार ।

मम्मी-पापा संग आ गई
अब, अण्डमान-निकोबार
यहाँ की दुनिया निराली
प्रकृति की छाई बहार ।

कार्मेल स्कूल में लिया एडमिशन
प्लेयिंग, डांसिंग, ड्राइंग से प्यार
नर्सरी में अब पढ़ने जाती
मिला नए दोस्तों का संसार।

समुद्र तट पर खूब घूमती
देखती बीच और पहाड़
खूब जमकर मस्ती करूँ
और जी भरकर धमाल ।

बुधवार, अप्रैल 07, 2010

पाखी की हैवलॉक द्वीप (Havelock island) यात्रा

पिछले दिनों हम हैवलॉक द्वीप (Havelock island) घूमने गए. अंडमान (Andman)में यह जगह मुझे सबसे अच्छी लगती है, अत: जब भी मन करता है, हम हेलीकाप्टर से वहाँ पहुँच जाते हैं. छुट्टियाँ की छुट्टियाँ और खूब मस्ती व धमाल भी. हैवलॉक द्वीप (Havelock island) सबसे अधिक पर्यटकों के आवागमन वाला और सबसे लोकप्रिय द्वीप है जो पोर्टब्लेयर (Portblair) के उत्तर-पूर्व में लगभग 38 कि0मी0 दूर स्थित है।
हैवलॉक द्वीप (Havelock island) पर हम डॉल्फिन रिसॉर्ट (Dolphin Resorts) में रुके.
डॉल्फिन रिसॉर्ट के सामने ही विजयनगर तट (Vijaynagar beach) है। वहाँ मैंने जमकर धमाल किया.
शाम को हम राधानगर (Radhanagar beach) तट पर गए. यह अंडमान व निकोबार द्वीप समूह (Andaman & Nicobar Islands) का सबसे खूबसूरत तट है. यह तट विदेशी सैलानियों (Foreigner tourists) की पहली पसंद है। यह एशिया का द्वितीय सबसे लम्बा तट है। 2 किलोमीटर लम्बा और औसतन 30-40 मीटर चौड़े राधानगर तट को टाइम मैग्जीन (Time magazine) ने एक सर्वेक्षण में एशिया का सर्वोत्तम समुद्र-तट (Best beach of the Asia) करार दिया है। राधानगर तट तट अत्यंत सुंदर है और सभी प्रकृति प्रेमियों एवं उत्साही व्यक्तियों के लिए आकर्षण का केन्द्र हैं। यहां पर रेत की ढलानें ज्यादातर समकोण पर मिलती है, इससे मिलन बिंदु पर ज्यादा पानी जमा होने की सम्भावना होती हैं। यहां पानी वाकई गहरा हो सकता हैं। इस तट पर उजली रेत, लम्बे पेड़ और सामने से लगातार आती समुद्र की लहरें ऐसा सम्मिश्रण बनाते हैं कि कोई भी उसमें डूबे बिना नहीं रह सकता। वाकई यहाँ पर बड़ा मजा आया.
वहाँ तट पर बैठकर मैंने रेत में चित्रकारी भी की. राधानगर तट पर ठहरने के लिए इस तरह के खूबसूरत हटनुमा रिसॉर्ट भी हैं. राधानगर तट पर शाम को सूरज डूबने (Sun set) का दृश्य भी बड़ा सुहाना होता है.
और हाँ, हैवलॉक (Havelock island) और पोर्टब्लेयर (Portblair) के बीच क्रूज़ (Makruzz) से यात्रा का आनंद कभी न भूलने वाला अनुभव है.
ये देखो हम सबसे पहले आकर क्रूज़ (Makruzz)में बैठ गए.
आप भी कभी अंडमान आयें तो हैवलॉक द्वीप (Havelock island) पर अवश्य जाएँ और राधा नगर तट (Radhanagar beach) पर समुद्र में स्नान और रेत पर मस्ती का मौका न चूकें. इसके बिना अंडमान की यात्रा (Travel) अधूरी है. मेरी तो यह सबसे पसंदीदा जगह बन चुकी है.

















सोमवार, अप्रैल 05, 2010

पाखी के जन्मदिन से जुड़े लिंक्स

25 मार्च को मेरे जन्म दिन पर तमाम लोगों ने बधाइयाँ और आशीष दिया। कुछ ब्लाग्स पर उस दिन मेरे जन्म दिन को लेकर पोस्ट भी लिखी गईं और बाद में कुछ ब्लाग्स पर इसकी चर्चा भी हुई. यह आप सभी का बड़प्पन और प्यार है. इन सभी ब्लाग्स के लिंक यहाँ साभार दे रही हूँ, ताकि इन्हें एक जगह सहेजा जा सके. यदि कोई लिंक इस सम्बन्ध में छूट गया हो तो जरुर बताइयेगा !!


आज अक्षिता का जन्मदिन है : हिंदी ब्लागरों के जन्मदिन

जन्म-दिवस पर पाखी के लिए उपहार : सरस पायस

नन्हीं-मुन्नी ब्लोगर अक्षिता को जन्म-दिन की शुभकामनायें : ताका-झाँकी


एक परिवार जिसके सभी सदस्य करते हैं ब्लागिंग : नव-सृजन

पाखी को जन्म-दिवस की बधाइयाँ : शब्द सृजन की ओर

हैप्पी बर्थडे टू पाखी : शब्द-शिखर

एक परिवार जिसके सभी सदस्य करते हैं ब्लागिंग : भड़ास

पाखी को जन्मदिन की बधाई : यदुकुल

आज (25 मार्च) मेरा जन्म-दिन है : पाखी की दुनिया

पाखी के जन्म-दिन की झलकियाँ : पाखी की दुनिया

मुस्कानों की सुंदर झाँकी : चर्चा मंच

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चलते-चलते एक नजर इधर भी....

मम्मी मेरी सबसे प्यारी : माँ

मम्मी मेरी सबसे प्यारी : शब्द-शिखर

मैं भी पढ़ना सीख रही हूँ : सरस पायस

मन ललचाती : नन्हा मन

ख़ुशियों की बरसात : चर्चा मंच





शनिवार, अप्रैल 03, 2010

पाखी की जनगणना हो गई और आपकी...

आपकी जनगणना हुई क्या..मेरी तो आज हो गई. मेरे जन्म के बाद पहली बार जनगणना हो रही है, सो पहली बार मैं इसका हिस्सा बनी हूँ. सोचिये मेरे जैसे कितने प्यारे-प्यारे बच्चे/बच्चियाँ इन 10 सालों में आए होंगे और सभी की अब जनगणना होगी. और हाँ, जन्मदिन पर उपहार में मिली मेरी सायकिल को भी जनगणना करने वाली आंटी ने नोट किया. इसके अलावा टी.वी., कंप्यूटर , गाड़ी और भी कई चीजों के बारे में पूछा और नोट किया. अब इंतजार रहेगा कि कब ये गणना पूरी होगी और हमें अपने देश कि वास्तविक जनसँख्या पता चलेगी....एक बात और मैं सोच रही थी कि मैं तो यहाँ उत्तर प्रदेश से आई हूँ और वहाँ भी मेरे दादा-दादी जब जनगणना करने वाले अंकल/आंटी को अपने परिवार के बारे में बताएँगे तो कहीं मेरी गिनती वहाँ भी तो नहीं हो जाएगी, फिर तो मेरे जैसे कितने लोगों की गिनती दो-दो बार हो जाएगी। फ़िलहाल अपनी जनगणना होने से मैं खुश हूँ !!

बुधवार, मार्च 31, 2010

अंडमान में रिमझिम-रिमझिम बारिश

रिमझिम-रिमझिम बारिश तो मुझे बहुत भाती है. आज इन्तजार पूरा हुआ. अंडमान में पहली बारिश आज हुई. कल रात को भूकंप और आज दोपहर में बारिश. भूकंप के समय तो मैं बिस्तर पर कूद रही थी, मुझे लगा कि मेरे कूदने से बिस्तर हिल रहा है. पर कुछ ही क्षण में पता चला कि यह भूकंप जी हैं, जो हमें झूला झुला रहे हैं...फिलहाल बारिश की बातें. अभी तो यहाँ भी थोड़ी-थोड़ी गर्मी पड़ने लगी थी, पर अब बारिश इसी तरह हुई तो मजा आ जायेगा. बारिश में यहाँ घूमने में भी मजा आयेगा. नो गर्मी, नो टेंशन. खूब घुमूंगी और मस्ती करूँगीं !!

मंगलवार, मार्च 30, 2010

पाखी ने बनाया चित्र

ये चित्र मैंने बनाया है. कैसा है...

शुक्रवार, मार्च 26, 2010

पाखी के जन्म-दिन की झलकियाँ

कल 25 मार्च को मेरा जन्म-दिन था. जमकर मस्ती की दिन भर. अभी तो अंडमान में आई हूँ, यहाँ स्कूल में अभी-अभी एडमिशन लिया है..15 अप्रैल से स्कूल खुलेगा..फिर मेरे भी नए-नए दोस्त. फ़िलहाल उनके बिना ही बड़ों के साथ बर्थ-डे का आनंद लिया. केक काटा, मिठाई, चाकलेट और आइस-क्रीम खाई ..साथ में डिनर बाहर होटल में. खूब सारे गिफ्ट भी मिले- प्यारी-प्यारी बार्बी गुड़िया, विडियो गेम, इंग्लिश लर्नर, टैडी बियर, मिकी माउस, पू, डोरा, हवा में उड़ने वाला हेलीकाप्टर, कलरिंग आइटम्स, सुन्दर-सुन्दर ड्रेस, सुन्दर सी गणेश जी की मूर्ति, छुक-छुक ट्रेन, सायकिल, हवाई-जहाज, नन्हाँ सा हाथी, पियानो..और भी बहुत कुछ, जो अभी खोलकर देखना है. आपने बर्थ-डे की कुछ फोटोग्राफ यहाँ लगा रही हूँ, बताइएगा कि कैसी लगीं-

ये रहा मेरा बर्थ-डे केक

अब केक काटने की तैयारी
ये काटा मैंने बर्थ-डे केक
हैपी बर्थ-डे टू पाखी...मम्मा-पापा ने खिलाया केक
अब आई उपहारों की बारी
उपहार में छोटी सी सायकिल भी

अब सभी लोग ग्रुप फोटोग्राफ के लिए तैयार
अरे आप लोग तो छूट गए...एक और ग्रुप फोटोग्राफ कैसी लग रही हैं हम लोग..क्यूट न
बड़े लोगों की बड़ी-बड़ी बातें (चीफ जनरल मैनजर, BSNL श्री डी.पी. परिहार अंकल, भूगोल-रीडर श्री एस. सी. चतुर्वेदी अंकल, पापा श्री के.के. यादव, द्वीप-लहरी के संपादक श्री व्यासमणि त्रिपाठी अंकल, डाक अधीक्षक श्री आदक अंकल)थोड़ी सी आइस-क्रीम मैं भी खा लूं
और ये रही मैं मम्मा-पापा के साथ

( इस पोस्ट की चर्चा मुस्कानों की सुंदर झाँकी (चर्चा मंच-103) के अंतर्गत भी देखें )





















































































गुरुवार, मार्च 25, 2010