नन्ही ब्लॉगर अक्षिता (पाखी) 'Main Hoon Beti Awards - 2018' के लिए नॉमिनेट हुई हैं। अक्षिता भारत की सबसे कम उम्र की "राष्ट्रीय बाल पुरस्कार" विजेता के साथ-साथ नन्ही ब्लॉगर के रूप में भी ख्याति-प्राप्त हैं। कृपया नीचे दिए गए वेब-ब्लॉग लिंक पर जाकर Akshitaa (Pakhi) के समर्थन में लिखकर अपना शुभाशीष और स्नेह दें और इसके लिए अन्य लोगों को भी प्रेरित करें !!
आप सब 'पाखी' को बहुत प्यार करते हैं...
मंगलवार, अप्रैल 03, 2018
अक्षिता अब क्लास 6 में : नया क्लास, नई बुक्स, नए दोस्त, नई टीचर्स...
आज का दिन दिन मेरे लिए बहुत खास है। आज मैं नई क्लास में प्रमोट हो गई हूँ । अब मैं क्लास-6 की स्टूडेंट हूँ । मेरी प्यारी सिस्टर अपूर्वा भी अब क्लास 2 में आ गई है।
स्कूल का पहला दिन कितना महत्वपूर्ण होता है । नई टीचर्स, नए दोस्त और उससे भी बढ़कर नई-नई बुक्स। क्लास 6 में तो स्लेबस भी ज्यादा है, सो ज्यादा पढ़ना भी पड़ेगा। नई क्लास के लिए आप सभी की प्यार भरी विशेज़ भी तो मिलेंगी।
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रविवार, अप्रैल 01, 2018
Save the Environment : पेड़-पौधे लगाएं, धरती को कूल बनाएँ
अप्रैल माह की शुरुआत के साथ ही गर्मियाँ भी आरंभ हो गई हैं। अप्रैल की शुरुआत ही "अप्रैल फूल" बनाने के साथ होती है । पर अब जरूरत है कि लोगों को "अप्रैल फूल" बनाने के बजाय एक पेड़ लगाकर इसे "अप्रैल कूल" के रूप में मनाया जाए। हम सबकी यह एक छोटी सी मुहिम धरती को "कूल" बनाने में मददगार हो सकती है।
Instead of making "April Fool", plant at least one tree and make "April Cool".
This small campaign of your's may help making this earth "Cool".
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गुरुवार, नवंबर 30, 2017
अपूर्वा दिखेंगी 'बाल साहित्य की धरती' बाल पत्रिका के कवर पेज पर
हमारी प्यारी सिस्टर अपूर्वा का एक मनमोहक चित्र, उत्तराखंड से प्रकाशित हिंदी बाल पत्रिका 'बाल साहित्य की धरती' (वर्ष 1, अंक 7, नवंबर 2017, सम्पादक-श्री रावेन्द्र कुमार रवि) के कवर पेज पर लगाया गया है।
अपूर्वा की यह खूबसूरत तस्वीर माउन्ट आबू में ली गई थी, जिसमें ये स्थानीय ड्रेस में नजर आ रही हैं। आप सभी का स्नेह और प्यार भी अपूर्वा को मिलना चाहिए।
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मंगलवार, नवंबर 14, 2017
बाल दिवस पर विशेष : अक्षिता (पाखी) को सबसे कम उम्र में ”राष्ट्रीय बाल पुरस्कार” पाने का गौरव
बाल दिवस की बात हो तो उन बाल प्रतिभाओं का जिक्र भी जरूरी हो जाता है, जिन्होंने कम उम्र में ही सफलता के नये कीर्तिमान रचे। भारत सरकार द्वारा हर साल 14 नवम्बर को विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट उपलब्धि हासिल करने वाले बच्चों को ’राष्ट्रीय बाल पुरस्कार’ प्रदान किये जाते हैं। चार वर्ष से पन्द्रह वर्ष की आयु-वर्ग के बच्चे इस पुरस्कार को प्राप्त करने के पात्र हैं। पर इसे सबसे कम उम्र में प्राप्त करने का गौरव जोधपुर में रह रही अक्षिता (पाखी) को प्राप्त है। वर्ष 2011 में मात्र 4 साल 8 माह की आयु में ही अक्षिता को 'कला’ और ’ब्लॉगिंग’ के लिए भारत सरकार द्वारा बाल दिवस पर ’राष्ट्रीय बाल पुरस्कार’ से विज्ञान भवन में नवाजा गया। अक्षिता ने इसे जहाँ सबसे कम उम्र में पाने का कीर्तिमान बनाया, वहीं ब्लॉगिंग के लिए भी भारत सरकार द्वारा राजकीय स्तर पर प्रथम सम्मान-पुरस्कार पाने का गौरव प्राप्त किया। यही नहीं, इससे पूर्व अक्षिता को नई दिल्ली में अप्रैल, 2011 में हुए अंतर्राष्ट्रीय ब्लॉगर सम्मेलन में उत्तराखंड के तत्कालीन मुख्यमंत्री डा. रमेश पोखरियाल ”निशंक” द्वारा ‘श्रेष्ठ नन्ही ब्लॉगर‘ के सम्मान से भी नवाजा जा चुका है।
हैपी आवर्स स्कूल, जोधपुर में कक्षा 5 की छात्रा अक्षिता बड़ी होकर आई.ए.एस ऑफिसर बनने की तमन्ना रखती है। उसके पिता श्री कृष्ण कुमार यादव राजस्थान पश्चिमी क्षेत्र, जोधपुर के निदेशक डाक सेवाएं पद पर पदस्थ हैं व मम्मी श्रीमती आकांक्षा एक कालेज में प्रवक्ता रही हैं। दोनों ही जन चर्चित साहित्यकार व सक्रिय ब्लॉगरभी हैं।
अक्षिता के पिता श्री कृष्ण कुमार यादव बताते हैं कि, अक्षिता को शुरू से ही ड्राइंग बनाना बहुत अच्छा लगता है। उसके बनाए चित्रों को सहेजने और अक्षिता की गतिविधियों को ब्लॉग के माध्यम से लोगों के सामने प्रस्तुत करने के विचारस्वरुप 24 जून 2009 को “पाखी की दुनिया” (http://pakhi-akshita.blogspot.in/ ) नाम से अक्षिता का ब्लॉग अस्तित्व में आया। देखते ही देखते करीब एक लाख से अधिक हिन्दी ब्लॉगों में इस ब्लॉग की रेटिंग बढ़ती गई और आज इस ब्लॉग पर 460 से भी ज्यादा पोस्ट प्रकाशित हो चुकी हैं और 260 से ज्यादा लोग इसका अनुसरण करते हैं। इस ब्लॉग पर अकल्पनीय प्रतिक्रियाएं प्राप्त हुईं और 100 से ज्यादा देशों में इसे देखा-पढ़ा जाता है। अक्षिता और उसका ब्लॉग ‘पाखी की दुनिया‘ फेसबुक (https://www.facebook.com/AkshitaaSingh/ ) पर भी उपलब्ध है, जहाँ 1883 लोग इसे पसंद करते हैं।
अक्षिता को देश-दुनिया में तमाम सम्मान भी प्राप्त हुए हैं। अंतर्राष्ट्रीय ब्लॉगर सम्मेलन, श्री लंका (25 मई 2015) में उसे ”परिकल्पना कनिष्ठ सार्क ब्लॉगर सम्मान” से सम्मानित किया जा चुका है। विभिन्न मंचों पर महिला एवं बाल विकास मंत्री, भारत सरकार, श्रीमती कृष्णा तीरथ, उत्तराखंड के मुख्यमंत्री डा. रमेश पोखरियाल ”निशंक”, केंद्रीय हिंदी संस्थान के उपाध्यक्ष डा. अशोक चक्रधर, फिल्म अभिनेत्री शबाना आजमी, सांसद डिम्पल यादव और दबंग फेम म्यूजिक-कम्पोजर वाजिद खान भी इस नन्ही ब्लॉगर को सम्मानित कर चुके हैं।
21वीं सदी टेक्नालाजी की है। आज बच्चा कलम बाद में पकड़ता है, मोबाइल, टेलीवीजिन कम्प्यूटर व लैपटॉप पर हाथ पहले से ही फिराने लगता है। ऐसे में नन्ही प्रतिभा अक्षिता (पाखी) को देखकर यही कहा जा सकता है कि प्रतिभा उम्र की मोहताज नहीं, बशर्तें उसे अनुकूल वातावरण व परिवेश मिले। अक्षिता (पाखी) को श्रेष्ठ नन्ही ब्लॉगर और सबसे कम उम्र में राष्ट्रीय बाल पुरस्कार मिलना यह दर्शाता है कि बच्चों में आरंभ से ही सृजनात्मक-शक्ति निहित होती है। उसे इग्नोर करना या बड़ों से तुलना करने की बजाय यदि उसे बाल-मन के धरातल पर देखा जाय तो उसे पल्लवित-पुष्पित किया जा सकता है।
अक्षिता को सबसे कम उम्र में ”राष्ट्रीय बाल पुरस्कार” पाने का गौरव,
डाक निदेशक कृष्ण कुमार यादव व आकांक्षा यादव की पुत्री अक्षिता ने नन्ही ब्लॉगर के रूप में प्राप्त की ख्याति
सोमवार, नवंबर 13, 2017
Mehrangarh Fort in Jodhpur : जोधपुर में मेहरानगढ़ का किला
जोधपुर में मेहरानगढ़ का किला बहुत प्रसिद्ध है। यहाँ न सिर्फ देश-विदेश से ढेर सारे टूरिस्ट्स आते हैं, बल्कि तमाम फिल्मों की शूटिंग भी यहाँ होती है।
ठण्ड के दिनों में यहाँ घूमने का आनद ही कुछ और है।
यहाँ पर स्थित तोपें उस दौर की याद दिलाती हैं।
यहाँ के म्युज़ियम में ढेर सारी खूबसूरत चीजें हैं।
'सन सिटी' और 'ब्लू सिटी' के नाम से मशहूर जोधपुर नगर को राजस्थान के बीचोंबीच होने से राजस्थान का दिल भी कहते हैं। 12 मई 1459 को राव जोधा ने मेहरानगढ़ दुर्ग की नींव रखी। इसके साथ ही जोधपुर बसना शुरू हुआ।
हम भी पूरी फेमिली के साथ मेहरानगढ़ घूमने गए। वाकई बड़ा आनंद आया।
कहते हैं कि मेहरानगढ़ कुतुब मीनार की ऊंचाई से भी ऊंचा है। जब भी जोधपुर आईये, तो मेहरानगढ़ देखना न भूलियेगा !!
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ट्रेवलिंग
शनिवार, नवंबर 11, 2017
टाइम्स ऑफ़ इण्डिया में अपूर्वा की तितली पर ड्राइंग
हम बच्चों को ड्राइंग बनाना बहुत अच्छा लगता है। हमारी फेमिली में तो हम दोनों सिस्टर्ज इसे खूब इंजॉय करती हैं। टाइम्स ऑफ़ इण्डिया में लगातार दूसरी बार हमारी सिस्टर अपूर्वा की एक ड्राइंग पब्लिश हुई है। आप भी देखिये, अपूर्वा ने कित्ती प्यारी तितली (बटर फ्लाई) बनाई है।
Drawing of Apurva in Kids Zone of the Times of India, Jaipur, Rajasthan on 11th November, 2017.
अपूर्वा की प्रतिष्ठित अख़बार टाइम्स ऑफ़ इण्डिया (जयपुर, राजस्थान) के किड्स जोन में प्रकाशित ड्राइंग
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Apurva
शनिवार, नवंबर 04, 2017
टाइम्स ऑफ इंडिया में अपूर्वा की ड्राइंग
हमारी प्यारी सिस्टर अपूर्वा जैसे-जैसे बड़ी हो रही हैं,इनकी क्रिएटिविटी भी बढ़ती जा रही है । ये भी हमारी तरह प्यारी-प्यारी ड्राइंग बनाती हैं । अभी इनकी एक ड्राइंग टाइम्स ऑफ इंडिया न्यूज पेपर में भी पब्लिश हुई है । आप भी इसे यहाँ देख सकते हैं-
Painting of Apurva in Kids Zone of the Times of India, Jaipur, Rajasthan on 4th November, 2017.
अपूर्वा की प्रतिष्ठित अख़बार टाइम्स ऑफ़ इण्डिया (जयपुर, राजस्थान) के किड्स जोन में प्रकाशित पेंटिंग/ड्राइंग
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पेंटिंग/ चित्र,
Apurva
गुरुवार, अक्टूबर 26, 2017
तुम जियो हजारों साल....अपूर्वा को जन्मदिन की बधाई
लीजिये 27 अक्टूबर फिर आ गया। हमारी प्यारी सिस्टर अपूर्वा का इस दिन जन्मदिन जो है ..बेसब्री से इंतजार रहता है इस दिन का। फ़िलहाल इस बार अपूर्वा पूरे सात साल की हो जायेंगीं। आप सब अपना आशीर्वाद और स्नेह देना न भूलिएगा !
तुम जियो हजारों साल, साल के दिन हों पचास हजार :
Celebrating Happy Birthday of my lovely sister & also best Friend Apurva on 27th October. Many-many Happy returns of the day. May God bless cute Apurva with all best things of the world including good health, brilliance and positive energy for the life.
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हैप्पी बर्थ-डे,
Apurva
रविवार, सितंबर 24, 2017
डॉटर्स-डे : बेटियाँ हैं तो जहान है
आज 'डाटर्स डे' है। वैसे तो हर दिन बेटियों का होता है, पर मम्मी-पापा को अपनी बेटियों से प्यार जताने के लिए तो बस बहाना चाहिए। तभी तो यह दिन हम सबके लिए खास हो जाता है।
आज डाटर्स-डे है। भला बेटियों को भी किसी दिन में बांधा जा सकता है। बेटियों का तो सारा जहां है, उनके बिना यह जग ही अधूरा है। तभी तो कहते हैं कि बेटे भाग्य से मिलते हैं और बेटियाँ सौभाग्य से। वैसे भी आज के दौर में यह कहना कि बेटियां पराया धन होती हैं, का औचित्य समझ में नहीं आता। आज के दौर में तो बेटे भी भी शादियों के बाद अपना अलग घर बसा लेते हैं। वंश पुत्रों से ही चलता है, ऐसी मान्यताओं का अब कोई आधार नहीं। लड़कियां अब माता-पिता की सम्पति में हक़दार हो चुकी हैं, फिर माता-पिता का उन पर हक़ क्यों नहीं ? आखिरकार बेटियां भी तो आगे बढ़कर माता-पिता का नाम रोशन कर रही हैं...!! (पापा की फेसबुक वाल से)
बेटियाँ हैं तो जहान है।
डॉटर्स-डे की हार्दिक शुभकामनाएँ !!
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माई फेमिली,
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शनिवार, अगस्त 26, 2017
शनिवार, मार्च 25, 2017
हैप्पी बर्थ-डे पर बच्चों की मस्ती
हैप्पी बर्थ-डे कितना प्यारा शब्द लगता है। हर कोई अपने इस स्पेशल दिन का इंतज़ार करता है। बड़े जितने मन से करते हैं, हम बच्चे उतने ही दोगुने मन से। आखिर घर में बर्थ-डे किसी का हो, पर सबसे ज्यादा मस्ती तो हम बच्चों की ही होती है।
25 मार्च, इस दिन का हमें बेसब्री से इंतजार रहता है।
आखिर, इस दिन हमारा हैप्पी बर्थ-डे जो है।
वैसे हमारा बर्थडे जिस दिन पड़ता है, स्कूल की हालीडेज़ होती हैं। अत: हम अपना बर्थडे कभी स्कूल में सेलिब्रेट नहीं कर पाए। पर इससे जुडी एक शानदार बात यह है कि अपने हैप्पी बर्थडे सेलिब्रेशन के अगले वीक ही हम अगली क्लास में प्रमोट हो जाते हैं। इस बार तो मैं क्लास 5 में चली गई हूँ । सो डबल सेलिब्रेशन का मौका बनता है।
हर बार नई-नई जगह हैप्पी बर्थ-डे का सेलिब्रेशन। है न मजेदार बात। इस बार 25 मार्च को हम अपना जन्मदिन जोधपुर-राजस्थान में मनाएंगे। कानपुर, पोर्टब्लेयर, वाराणसी, इलाहाबाद के बाद इस बार का जन्मदिन जोधपुर में।
हमारे हैप्पी बर्थ-डे पर आप सभी के आशीर्वाद और प्यार का इंतज़ार रहेगा !!
गुरुवार, मार्च 23, 2017
मंगलवार, मार्च 21, 2017
राजस्थान पत्रिका की पहल "बिटिया @ वर्क" : अक्षिता (पाखी) और अपूर्वा भी पहुँचीं पापा के ऑफिस
राजस्थान पत्रिका की पहल "बिटिया @ वर्क" के तहत 20 मार्च बेटियों के लिए एक अलग ही एहसास लेकर आया। पत्रिका के बिटिया @ वर्क अभियान के तहत बड़ी संख्या में बेटियां अपने परिजनों के साथ उनके कार्यालय पहुंचीं, उन्होंने न सिर्फ अपने पापा या मम्मी के कार्यालय के काम-काज को समझा बल्कि उनकी कुर्सी पर बैठकर जिम्मेदारी भी संभाली। आज स्कूल और कॉलेज में पढ़ रहीं बेटियों में से ही मदर टेरेसा, इंदिरा गांधी, किरण बेदी, कल्पना चावला, सानिया मिर्जा या इदिरा नूई जैसी हस्ती बनकर समाज में नई रोशनी बिखेरेंगी। इसी सद्भावना को ध्यान में रखकर पत्रिका समूह ने अपने संस्थापक श्रद्धेय कर्पूरचन्द्र कुलिश की जयंती पर 20 मार्च को अनूठा अभियान बिटिया @ वर्क आयोजित किया। इसके तहत देश-प्रदेश के कई शहरों में विभिन्न विभागों /संस्थानों/कम्पनियों के अधिकारी/कर्मचारी बेटियों को लेकर दफ्तर पहुंचे।
इसी क्रम इसी में अक्षिता (पाखी) और अपूर्वा भी अपने पापा श्री कृष्ण कुमार यादव, निदेशक डाक सेवाएं, राजस्थान पश्चिमी क्षेत्र, जोधपुर के ऑफिस में पहुँचीं और उनके ऑफिस की कार्य-प्रणाली को नजदीक से देखा।
पापा की कुर्सी पर बैठ लाड़ली ने जाना कामकाज, पापा ने बताए तरीके
अपूर्वा ने बताया कि उनको पापा की कुर्सी पर बैठकर बहुत अच्छा लगा।
मुझे पापा से मेहनत से काम करने की प्रेरणा मिली !
(साभार : राजस्थान पत्रिका, जोधपुर, 21 मार्च 2017)
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