इस बार 24-28 जुलाई तक मैं मम्मी-पापा के साथ मध्य प्रदेश घूमने गई। सबसे पहले हम 25 की सुबह महाकालेश्वर के दर्शन किये, फिर दिन-भर ढेर सारे मंदिर घूमी. बड़ा मजा आया, धीमी-धीमी बारिश के बीच घूमने में. उज्जैन में ढेर सारे मंदिर हैं। एक मंदिर में तो लोग देवता को शराब तक पिलाते हैं। यह देखकर मुझे अजीब सा लगा। उज्जैन में मैंने काफी इन्ज्वाय किया। मम्मी-पापा के साथ मैं 9 मंदिरों में घूमने के लिए गई। उज्जैन मुझे बहुत सुन्दर लगा. यदि आपको भी मौका मिले तो उज्जैन जरूर जाइयेगा। (चित्र में-महाकालेश्वर मंदिर के सामने खड़ी पाखी)
आप सब 'पाखी' को बहुत प्यार करते हैं...
बुधवार, जुलाई 29, 2009
रविवार, जुलाई 19, 2009
आइसक्रीम डे
आइसक्रीम खाना मुझे बहुत अच्छा लगता है। कोई भी सीजन हो आइसक्रीम के बिना मेरा दिन पूरा नहीं होता। स्ट्राबेरी मेरा सबसे फेवरेट है. पर मैं बटर स्काच, चाकलेट, केसर पिस्ता, ब्लेक करेंट भी खा लेती हूँ। वेनिला तो मुझे अच्छी नहीं लगती है. मेरी टीचर बता रही थीं कि आज "नेशनल आइसक्रीम डे" है। यह हमेशा जुलाई मंथ के थर्ड संडे को सेलिब्रेट किया जाता है. यू.एस.ए. के प्रेसिडेंट रोनाल्ड रीगन को आइसक्रीम इतनी अच्छी लगती थी कि उन्होंने जुलाई को आइसक्रीम मंथ ही डिक्लेयर कर दिया, देखा न आइसक्रीम का कमाल. अब आप भी खूब आइसक्रीम खाओ। मैं तो चली एक और आइसक्रीम खाने कहीं मेल्ट न हो जाए ...हा..हा..हा...!!
बुधवार, जुलाई 15, 2009
पाखी का गिटार
शनिवार, जुलाई 11, 2009
गुरुवार, जुलाई 02, 2009
पाखी का पार्टी-डे
रविवार, जून 28, 2009
शनिवार, जून 27, 2009
गुरुवार, जून 25, 2009
बुधवार, जून 24, 2009
मैं हूँ पाखी
मेरा नाम अक्षिता है। मम्मी-पापा मुझे प्यार से पाखी नाम से बुलाते हैं. मुझे भी अपना ये निक-नेम अच्छा लगता है। आप भी मुझे मेरे निक-नेम 'पाखी' से बुला/लिख सकते हैं. पाखी माने पक्षी या चिड़िया. मैं भी तो एक चिड़िया ही हूँ, जो दिन भर इधर-उधर फुदकती रहती हूँ. मौसी मुझे लिली नाम से बुलाती है. अब थोड़ा सा मेरे बारे में भी जान लीजिये। मेरा जन्म 25 मार्च को हुआ. अब इसे अपने दिमाग की डायरी में नोट कर लीजिये तभी तो आप मुझे जन्मदिन की बधाई देंगे और ढेर सारे गिफ्ट भी. और हाँ ... खूब सारा प्यार और आशीर्वाद भी। मैं पढ़ती भी हूँ- कंगारू किड्स स्कूल, कानपुर में। अब प्ले-ग्रुप से नर्सरी में जाऊँगी। मुझे अच्छा लगता है- प्लेयिंग, डांसिंग, ड्राइंग बनाना, आइसक्रीम खाना और ढेर सारी शरारतें करना. अब तो यहाँ भी खूब फुदक-फुदक करुँगी. पर अभी छोटी हूँ, इसलिए ममा-पापा के माध्यम से मेरी भावनाएं यहाँ व्यक्त होंगीं . कई बार तो टीचर भी मेरी सहायता कर देंगीं. अरे इतना कुछ मैंने बता तो दिया पर अपनी फोटोग्राफ भी तो आपको दिखा दूं. सबसे पहले स्कूल-ड्रेस वाली फोटो देखें और बताएं कि मैं कैसी लग रही हूँ !!
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