आप सब 'पाखी' को बहुत प्यार करते हैं...

सोमवार, जुलाई 11, 2011

बेटियों को मारो नहीं...


आज विश्व जनसंख्या दिवस है. 2011 में तो मैं पहली बार जनसंख्या में शामिल हुई. मैं ही नहीं, 2001 के बाद पैदा सभी बच्चे पहली बार इस जनसंख्या में शामिल हुए. यह तो हम सभी के लिए ख़ुशी की बात है !

...पर इक दुःख की बात भी है कि बेटों कि अपेक्षा बेटियों की संख्या घटी है. इसलिए नहीं कि बेटियाँ पैदा ही नहीं हुईं, बल्कि इसलिए कि कई लोग बेटियों को पसंद नहीं करते और उन्हें पेट में ही मार डालते हैं. वे क्यों नहीं सोचते कि आखिर, हम बेटियों के बिना तो दुनिया सूनी है.

..इस 'विश्व जनसंख्या दिवस' पर यदि सब लोग यही संकल्प लें कि बेटियों को मारेंगें नहीं, तो ही इस दिन की सार्थकता है !!

19 टिप्‍पणियां:

smshindi By Sonu ने कहा…

जागरूक करती अच्छी पोस्ट. बहुत बढ़िया चिंतनशील प्रस्तुति के लिया आभार

smshindi By Sonu ने कहा…

प्रिय ब्लोग्गर मित्रो
प्रणाम,
अब आपके लिये एक मोका है आप भेजिए अपनी कोई भी रचना जो जन्मदिन या दोस्ती पर लिखी गई हो! रचना आपकी स्वरचित होना अनिवार्य है! आपकी रचना मुझे 20 जुलाई तक मिल जानी चाहिए! इसके बाद आयी हुई रचना स्वीकार नहीं की जायेगी! आप अपनी रचना हमें "यूनिकोड" फांट में ही भेंजें! आप एक से अधिक रचना भी भेजें सकते हो! रचना के साथ आप चाहें तो अपनी फोटो, वेब लिंक(ब्लॉग लिंक), ई-मेल व नाम भी अपनी पोस्ट में लिख सकते है! प्रथम स्थान पर आने वाले रचनाकर को एक प्रमाण पत्र दिया जायेगा! रचना का चयन "स्मस हिन्दी ब्लॉग" द्वारा किया जायेगा! जो सभी को मान्य होगा!

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हेल्लो दोस्तों आगामी..

मनोज कुमार ने कहा…

बहुत सही अपील है आपकी।

Jyoti Mishra ने कहा…

very good message !!
Keep writing

प्रवीण पाण्डेय ने कहा…

बहुत सामयिक बात कही है आपने।

कविता रावत ने कहा…

आपकी तरह ही बहुत प्यारी अपील!
काश! बेटी को बोझ समझने वाले समझ पाते!

Sunil Kumar ने कहा…

काश !हम यह समझ पाते सार्थक अपील .....

मन-मयूर ने कहा…

..इस 'विश्व जनसंख्या दिवस' पर यदि सब लोग यही संकल्प लें कि बेटियों को मारेंगें नहीं, तो ही इस दिन की सार्थकता है !!
**********************

अक्षिता, आपके ब्लॉग की यही सोच इसे हिट बनाती है. सार्थक ब्लागिंग के लिए बधाई.

मन-मयूर ने कहा…

..इस 'विश्व जनसंख्या दिवस' पर यदि सब लोग यही संकल्प लें कि बेटियों को मारेंगें नहीं, तो ही इस दिन की सार्थकता है !!
**********************

अक्षिता, आपके ब्लॉग की यही सोच इसे हिट बनाती है. सार्थक ब्लागिंग के लिए बधाई.

मन-मयूर ने कहा…

..इस 'विश्व जनसंख्या दिवस' पर यदि सब लोग यही संकल्प लें कि बेटियों को मारेंगें नहीं, तो ही इस दिन की सार्थकता है !!
**********************

अक्षिता, आपके ब्लॉग की यही सोच इसे हिट बनाती है. सार्थक ब्लागिंग के लिए बधाई.

Sapna Nigam ( mitanigoth.blogspot.com ) ने कहा…

सार्थक संदेश देती हुई पोस्ट.

Unknown ने कहा…

बिटिया रानी ने तो बहुत सुन्दर सन्देश दिया. काश हर कोई आप जैसा सोचे.

Unknown ने कहा…

बिटिया रानी ने तो बहुत सुन्दर सन्देश दिया. काश हर कोई आप जैसा सोचे.

Shyama ने कहा…

पाखी जी ने तो बड़ा सुन्दर और दूरगामी सन्देश दिया. जागरूक करती पोस्ट..आभार.

Bhanwar Singh ने कहा…

आपकी यही बात तो औरों से अलग बनाती है पाखी. कितनी अनुपम सोच है.

raghav ने कहा…

काश पाखी की बात सच हो जाये तो दुनिया स्वर्ग हो जाये.

रेखा ने कहा…

आमीन .........लोग आपकी अपील पर जरूर ध्यान देंगे

S R Bharti ने कहा…

आपकी बात पर तो सभी को अमल करना चाहिए..

Ram Shiv Murti Yadav ने कहा…

अति-महत्वपूर्ण पोस्ट...गौर करने लायक बात.