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रविवार, अगस्त 19, 2012

स्माइल प्लीज़..आज वर्ल्ड फोटोग्राफी डे है !!

आज वर्ल्ड फोटोग्राफी डे है. मुझे तो वैसे भी फोटोग्राफ क्लिक करना बहुत अच्छा लगता है. आज मैंने पापा से फोटोग्राफी की हिस्ट्री के बारे में पूछा तो उन्होंने बताया कि फोटोग्राफी का आरंभ जनवरी, 1839 से माना जाता है. उस समय फ्रांसीसी वैज्ञानिक जोसफ निकफोर और लुईस डाग्युरे ने पहली बार फोटोग्राफी प्रक्रिया की शुरुआत की. फिर क्या था, फ्रेंच अकादमी ऑफ़ साइंस ने १९ अगस्त, १८३९ को डाग्यु रियोटाईप नाम की इस फोटोग्राफी प्रक्रिया के बारे में पहली बार पूरे वर्ल्ड को जानकारी दी...और बस यहीं से 19 अगस्त को 'वर्ल्ड फोटोग्राफी डे' मनाने की भी शुरुआत हो गई...है न मजेदार बात !!

अब तो मैं बड़ी हो गई हूँ. जहाँ भी जाती हूँ खूब सारी पिक्चर्स क्लिक करती हूँ. फिर चाहे वह कैमरे और हैंडी-कैम से हो या ममा-पापा के मोबाईल से हो..मुझे तो फोटोग्राफी करने में बहुत इंजॉय आता है. मैंने खूब सारी फोटो अपने ममा-पापा और सिस्टर की ली हैं. अपने बंगले के लान में में तो खूब सारी फोटो क्लिक करती हूँ. चलिए, आज आप सभी के साथ शेयर करती हूँ-

(यह है हमारे बंगले के लान में खिला फूलों का राजा गुलाब )

(..और यह हैं फलों के राजा आम)

(हमारे बंगले का लान)

(अपने बंगले की छत से ली मैंने सिविल लाइन्स,इलाहाबाद के बड़े चर्च की फोटो)

(यह है हमारे छत पर बैठी गौरैया)
(कन्फ्यूज हो गए न, यह अंडमान-निकोबार की फोटो नहीं है बल्कि हमारे बेड-रूम में लगा वाल-पेपर है)

..तो कैसी लगी आपको मेरी फोटोग्राफी..जल्द ही और भी ढेर सारे फोटोग्राफ के साथ हाजिर हूँगी !!

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