आप सब 'पाखी' को बहुत प्यार करते हैं...

गुरुवार, मार्च 17, 2011

रंग-बिरंगी होली आई...


होली का त्यौहार आने वाला है. अंडमान में मेरी यह दूसरी होली है. पर तन्वी की तो अभी यह पहली ही होली है. स्कूल की छुट्टियाँ भी हो चुकी हैं और यहाँ अंडमान में खूब बारिश हो रही है. यह महीना तो मेरे लिए वैसे भी महत्वपूर्ण है. होली के ठीक पाँच दिन बाद 25 मार्च को मेरा जन्मदिन जो है. इस होली पर आप सभी को पापा की होली पर लिखी यह बाल-कविता शेयर करती हूँ-

होली आई, होली आई
रंग-बिरंगी होली आई
आओ पाखी, आओ तन्वी
मिलजुल सभी मनाएं होली।

पाखी ने भर ली पिचकारी
आई है अब किसकी बारी
उसने सबको ही रँग डाला
लाल, गुलाबी, नीला, काला।

आई अब गुलाल की बारी
संग में गुझिया की तैयारी
सब मिलकर गुझिया खाएं
पाठ प्यार का रोज पढ़ाएं।

मिलजुल बन जाएं हमजोली
ऐसी प्यारी है यह होली।
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...इस होली पर यह ध्यान देना भी न भूलियेगा !!

अब बारी है होली पर आप सबके आशीर्वाद और ढेर सरे प्यार की..मेरे और तन्वी दोनों के लिए !!

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