आप सब 'पाखी' को बहुत प्यार करते हैं...

सोमवार, अक्तूबर 11, 2010

फूलों के बीच पाखी

अंडमान में घूमने-फिरने का खूब मजा है. पिछले दिनों मैं मम्मा-पापा के साथ डिगलीपुर गई. पापा ने बताया यह दक्षिण अंडमान का सबसे अंतिम क्षोर है. पापा को आफिस विजिट करने जाना था, सो वह चले गए. फिर मैं गेस्ट-हॉउस से बाहर निकली तो वहां ढेर सारे फूल दिखाई दिए. फिर तो मैंने मम्मा को आवाज़ दी और खूब फोटोग्राफी कराई. वाह, यह पीले-पीले फूल कित्ते अच्छे लग रहे हैं. वह भी ढेर सारे. इन पर तो तितलियाँ भी छिप जायेंगीं. और यह लाला वाला फूल तो ऐसा लग रहा है, जैसे मधुमखी ने अपना घर बनाया हो. यह तो प्यारा सा गुलाब है. सभी फूलों का राजा. मुझे तो बहुत अच्छा लगता है. एक तोड़कर मम्मा को देती हूँ. यह तो रजनीगंधा है...इसकी खुशबू..वाह. यहाँ तो गेंदे के ढेर सारे फूल खिले हुए हैं. एक फोटो यहाँ भी.
अब यहाँ बैठकर थोडा सा आराम भी कर लेती हूँ. चलते-चलते इक स्टाइल यह भी...!!
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