आप सब 'पाखी' को बहुत प्यार करते हैं...

शुक्रवार, फ़रवरी 18, 2011

इण्डिया के पहले 'सी-प्लेन' से पाखी की यात्रा

इस शनिवार को मैं ममा-पापा और तन्वी के साथ हैवलाक घूमने गई. पिछली बार गई थी तो, हेलीकाप्टर से गई थी. इस बार तो सी-प्लेन से यात्रा.पोर्टब्लेयर में यह सी-प्लेन हेलीपैड से उड़ान भरता है और हैवलाक में सीधे समुद्र में उतरता है.


आखिर अपने इण्डिया में पहली बार सी-प्लेन लांच हुआ है और वो भी अंडमान में, फिर भला कैसे पीछे रहती.


तो चली मैं ममा-पापा और तन्वी के साथ. तन्वी की तो यह पहली हैवलाक यात्रा है.


पापा की गोद किसी सी-प्लेन से थोड़े ही कम है.


ये चढ़ी मैं सी-प्लेन पर.


पापा जल्दी आओ...


वाह, सी-प्लेन तो कित्ता फैन्टास्टिक है...


इसमें पायलट की सीट सहित कुल 09 सीट हैं और एक साथ 02 पायलट और 8-9 लोग बैठ सकते हैं.


अभी तो एक ही पायलट अंकल से कम चल रहा है. पायलट अंकल अमेरिका से आए हैं. लगता है अभी इंडियन पायलट अंकल को सी-प्लेन हैंडल करना सीखना है.


वाह, सी-प्लेन तो अब समुद्र के ऊपर उड़ रहा है. नीचे छोटे-छोटे द्वीप (Islands) देखना कित्ता सुन्दर लगता है.


सी-प्लेन की तो समुद्र में छाया (Shadow) भी दिख रही है.


लगता है हम हैवलाक पहुँच गए.


ये सी-प्लेन ने समुद्र की सतह पर उतरने की कोशिश की.


अले वाह, हमारा सी-प्लेन तो एकदम समुद्र के पानी में उतर गया है. कित्ता अच्छा लग रहा है.


समुद्र में एक फ्लोटिंग बोर्ड के पास सी-प्लेन लैंड किया.


सी-प्लेन से उतरकर हम लोग एक स्पीड-बोट में बैठ गए. पूरे 20 मिनट लगे सी-प्लेन को पोर्टब्लेयर से हैवलाक की यात्रा करने में.


सी-प्लेन अपनी पोर्टब्लेयर यात्रा के लिए तैयार...


और हम बोट से पहुँच गए हैवलाक.

आप भी कभी अंडमान घूमने आइयेगा तो सी-प्लेन का लुत्फ़ जरुर लीजियेगा।

अले हाँ, किराया तो बताना भूल ही गई, 4100/- प्रति यात्री. (एक तरफ का मात्र).





































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