आप सब 'पाखी' को बहुत प्यार करते हैं...

मंगलवार, अप्रैल 05, 2011

दो खुशियाँ : अपूर्वा का अन्नप्राशन और अक्षिता (पाखी) के.जी.-I में

नव संवत्सर और नव रात्रि का दिन तो मेरे लिए बहुत शुभ रहा. इस दिन दो अच्छे कार्य हुए.
 नव संवत्सर और नव रात्रि के दिन अर्थात 4 अप्रैल से हमारा स्कूल आरंभ हो गया मतलब छुट्टियाँ ख़त्म. और अब तो मैं नर्सरी से के.जी.-I में चली गई. नई-नई बुक्स, नई क्लास टीचर, नया क्लास रूम और कुछ नए फ्रेंड्स भी. वाकई कल मेरा क्लास का पहला दिन तो बहुत मजेदार रहा.
नव संवत्सर और नव रात्रि के दिन ही मेरी सिस्टर अपूर्वा (तन्वी) का अन्न-प्राशन संस्कार भी संपन्न हो गया. चाँदी की कटोरी में, चाँदी के चम्मच से अपूर्वा (तन्वी) के मुँह में खीर...वाह मेरे भी मुँह में पानी आ गया.

कित्ता शुभ समाचार सुनाया, अब आप लोग हमें ढेर सारा आशीर्वाद और प्यार भी तो दीजिये...
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