आप सब 'पाखी' को बहुत प्यार करते हैं...

शनिवार, अगस्त 09, 2014

सोचिएगा : कन्या भ्रूण हत्या न रुकेगी, तो फिर राखी किससे बँधवाएंगे


कल रक्षाबंधन-फेस्टिवल है। इस दिन को हम खूब इंजॉय करते हैं। अपूर्वा और मैं एक दूसरे को खूब सारी राखियाँ बाँधते हैं और फिर मुँह मीठा तो होगा ही। फेस्टिवल का मौका हो और गिफ्ट्स न मिलें, भला ऐसे कैसे हो सकता है।

पर एक बात जरूर हमारे दिमाग में आती है कि लोग जिस तरह से कन्या भ्रूण हत्या करते हैं, उससे तो समाज से लड़कियाँ ही ख़त्म हो जाएंगीं। …फिर सोचिये भला की आपकी कलाई में प्यारी सी राखी कौन बाँधेगा। इसलिए इस बारे में भी अभी से सोचना आरम्भ कीजिए।   

और हाँ एक बात और, राखी की त्यौहार को सिर्फ भाई-बहन तक ही सीमित न कीजिए। इसे हर रिश्ते से जोड़िये।  बहन की रक्षा सिर्फ भाई ही नहीं करता,  बहनें भी तो करती हैं। पापा बता रहे थे कि सबसे पहली राखी इंद्र देव की पत्नी इंद्राणी ने उनकी रक्षा के लिए बाँधी थी। 

आप सभी लोगों को भी रक्षाबंधन-फेस्टिवल पर बधाइयाँ और आपका आशीर्वाद तो हमें मिलेगा ही। 
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