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शुक्रवार, जून 15, 2012

लुम्बिनी-नेपाल पहुँची अक्षिता (पाखी)

गर्मी की छुट्टियों में मैं खूब मस्ती कर रही हूँ. ढेर सारी जगहें घूमी हूँ. पिछले दिनों सारनाथ और बनारस गई तो इस बार गोरखपुर, लुम्बिनी (नेपाल) और कुशीनगर. लुम्बिनी में बुद्ध जी का जन्म हुआ था, सारनाथ में उन्होंने धर्मोपदेश दिया था और कुशीनगर में वे सदा के लिए सो गए थे. लुम्बिनी (नेपाल ) के बहाने तो मेरी पहली विदेश यात्रा भी हो गई..है न मजेदार.तो चलिए, आपको भी अपने साथ लुम्बिनी की यात्रा कराती हूँ.लीजिये, हम पहुँच गए लुम्बिनी विश्व-शांति के मुख्य द्वार पर. यहाँ अन्दर जाकर बुद्ध जी के जन्म-स्थल के दर्शन होंगें. कड़ी धूप में अन्दर पहुँचाना इतना आसान नहीं है, सो रिक्शा की यात्रा. अपने जीवन में पहली बार मैंने रिक्शे की सवारी की..बहुत मजेदार.यहीं पर बुद्ध जी का जन्म 623 ईसा पूर्व में हुआ था. उनकी माता जी का नाम था- माया. बुद्ध जी का बचपन का नाम था-सिद्धार्थ. अन्दर उस जगह को चिन्हित किया गया है, जहाँ बुद्ध जी का जन्म हुआ था. वहां पर फोटो खींचना मना है.बुद्ध जी के जन्म-स्थल के बाहर सम्राट अशोक द्वारा एक स्तम्भ भी बनवाया गया है.बुद्ध जी के जन्म-स्थल के आसपास हुई खुदाई और प्राप्त अवशेषों के दृश्य.बुद्ध जी को चाहने वाले पूरी दुनिया में हैं. उनके जन्म-स्थल लुम्बिनी में विभिन्न देशों द्वारा तमाम बुद्धिस्ट मंदिर बनवाये गए हैं. इनकी संख्या तीस से ऊपर होगी.मुझे तो सबसे खूबसूरत थाईलैंड द्वारा बनवाया गया मंदिर लगा.थाई मंदिर के अन्दर बुद्ध जी की प्रतिमा भी काफी खूबसूरत है.जर्मनी द्वारा बनाये गए बुद्ध मंदिर पर बहुत सुन्दर दृश्य चित्रित किये गए हैं.
जर्मन बुद्ध मंदिर के सामने खूबसूरत तालाब है और सामने लुम्बिनी उद्यान महाचैत्य...वाकई अनुपम दृश्य.
तो कैसी लगी आपको मेरी यह लुम्बिनी-यात्रा. अप भी जल्द से वहां घूम आइये. मेरा अगला पड़ाव है- कुशीनगर. शीघ्र ही आपको वहां की भी यात्रा कराउंगी.







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