आप सब 'पाखी' को बहुत प्यार करते हैं...

रविवार, मार्च 25, 2012

अक्षिता (पाखी) बनी आज बर्थ-डे गर्ल

आज मेरा जन्मदिन है.अंडमान में मैंने अपने दो जन्म-दिन सेलिब्रेट किए और अब फिर से मुख्यभूमि में..इलाहाबाद में. अंडमान के खूबसूरत बीच अभी भी याद आते हैं. यहाँ इलाहाबाद में भी तो गंगा जी हाँ, संगम है..और भी ढेर सारी जगहें. अभी तो सब घूमना बाकी है. पापा आजकल आफिस में बहुत बिजी हैं. आपको इलाहाबाद की ढेर सारी तस्वीरें भी तो दिखानी हैं.फ़िलहाल, आज जन्म-दिन की बातें. आज तो सन्डे भी है. खूब सारी मस्ती और पार्टी तो बनती ही है।


!! जन्मदिन पर आप सभी के प्यार और आशीर्वाद का इंतजार बना रहेगा !!

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आज मेरे जन्म-दिन पर पढ़िए रविकर अंकल जी की यह प्यारी सी कविता, जिसे उन्होंने अपने ब्लॉग दिनेश की टिपण्णी - आपका लिंक पर कृष्णा की संरक्षिता, स्नेहिल आशीर्वाद - शीर्षक से प्रकाशित किया है-

कृष्णा की संरक्षिता, स्नेहिल आशीर्वाद ।
जन्मदिवस की शुभ घडी, बाजे मंगल-नाद ।

बाजे मंगल-नाद, फैलती कीर्ति-पताका ।
रोशन करती नाम, पिता दादा जी माँ का ।

विद्या बुद्धि विवेक, बढ़े हर पाख अक्षिता ।
ताके ईश्वर नेक, कृष्णा की संरक्षिता ।।

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