आप सब 'पाखी' को बहुत प्यार करते हैं...

सोमवार, जनवरी 17, 2011

पाखी की सीख (बाल गीत : दीनदयाल शर्मा)

दीनदयाल शर्मा अंकल जी के नाम से तो आप सभी परिचित ही होंगे. वह हम बच्चों के लिए ढेर सारी प्यारी-प्यारी कवितायेँ लिखते हैं. बच्चों के लिए उनका इक प्यारा सा अख़बार भी है-'टाबर टोली'. मेरी तो उन्होंने ढेर सारी ड्राइंग भी प्रकाशित की है....इक जरुरी बात तो बताना भूल ही गई कि दीनदयाल शर्मा अंकल जी ने शिशु-गीतों की अपनी पुस्तक 'चूं-चूं' के कवर-पेज पर मेरी फोटो भी लगाई है. उनका ब्लॉग भी तो है- बचपन, दीनदयाल शर्मा, टाबर टोली. ..आपने बचपन ब्लॉग पर उन्होंने मेरे लिए इक प्यारी सी बाल-कविता भी लिखी है. आप भी पढ़िए न और बताइयेगा कि कैसी लगी ये कविता....





पाखी सबके मन को भाती,
छोटी बहना को समझाती.

दीदी की बातें सुन - सुन के,
मानो तन्वी ध्यान लगाती.




पाखी बिटिया हँसती है जब,
दुनिया भी हँसने लग जाती.

फूलों की बरखा हो जाती.
धरती खुशियों से भर जाती.


रोना - हँसना जीवन अपना.
पाखी हम सबको बतलाती.__
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नाम : दीनदयाल शर्मा
जन्म: 15 जुलाई 1956 (प्रमाण पत्र के अनुसार)
जन्म स्थान: गांव- जसाना, तहसील- नोहर, जिला- हनुमानगढ़ (राज.)
शिक्षा: एम. कॉम. (व्यावसायिक प्रशासन, 1981), पत्रकारिता में स्नातकोत्तर डिप्लोमा (राजस्थान विश्वविद्यालय जयपुर 1985)

लेखन: हिन्दी व राजस्थानी दोनों भाषाओं में 1975 से सतत सृजन।
मूल विधा: बाल साहित्य
अन्य: व्यंग्य, हास्य व्यंग्य, कथा, कविता, नाटक, एकांकी, रूपक, सामयिक वार्ता आदि।

विशेष:
हिन्दी व राजस्थानी में दो दर्जन पुस्तकें प्रकाशित।
महामहिम राष्ट्रपति डॉ. कलाम द्वारा अंग्रेजी में अनुदित बाल नाट्य कृति द ड्रीम्स का 17 नवम्बर 2005 को लोकार्पण।
आकाशवाणी से हास्य व्यंग्य, कहानी, कविता, रूपक, नाटक आदि प्रसारित।
दूरदर्शन से साक्षात्कार एवं कविताएं प्रसारित।
काव्य गोष्ठियों एवं कवि सम्मेलनों में काव्य पाठ।
संस्थापक/अध्यक्ष: राजस्थान बाल कल्याण परिषद्, हनुमानगढ़, राज.
संस्थापक/अध्यक्ष: राजस्थान साहित्य परिषद, हनुमानगढ़, राज.
साहित्य सम्पादक (मानद): टाबर टोल़ी पाक्षिक (बच्चों का हिन्दी अखबार)
सम्पादक (मानद): कानिया मानिया कुर्र (बच्चों का राजस्थानी अखबार)
डॉ. प्रभाकर माचवे: सौ दृष्टिकोण में एक आलेख संकलित।
शिक्षा विभाग राजस्थान के शिक्षक दिवस प्रकाशनों में रचनाएं प्रकाशित।
स्कूल एवं कॉलेज की अनेक स्मारिकाओं का सम्पादन।
जिला साक्षरता समिति हनुमानगढ़ की ओर से प्रकाशित मासिक मुख पत्र आखर भटनेर का सम्पादन।
जिला साक्षरता समिति हनुमानगढ़ की ओर से नवसाक्षर पाठ्य पुस्तक आखर मेड़ी पोथियों का सम्पादन।

प्रकाशित कृतियां:
(हिन्दी में)चिंटू-पिंटू की सूझ (बाल कहानियां चार संस्करण)
चमत्कारी चूर्ण (बाल कहानियां)
पापा झूठ नहीं बोलते (बाल कहानियां)
कर दो बस्ता हल्का (बाल काव्य)
सूरज एक सितारा है (बाल काव्य)
सपने (बाल एकांकी)
बड़ों के बचपन की कहानियां (महापुरुषों की प्रेरणाप्रद घटनाएं)
इक्यावन बाल पहेलियाँ (बाल पहेलियां)
फैसला (बाल नाटक)
नानी तू है कैसी नानी
चूं-चूं (शिशु कविताएँ)
राजस्थानी बाल साहित्य: एक दृष्टि
फैसला बदल गया (नवसाक्षर साहित्य)
मैं उल्लू हूं (हास्य व्यंग्य दो संस्करण 1987,1993)
सारी खुदाई एक तरफ (हास्य व्यंग्य संग्रह)
(अंग्रेजी में)
द ड्रीम्स

राजस्थानी साहित्य:चन्दर री चतराई (बाल कहानियां)
टाबर टोल़ी (बाल कहानियां)
शंखेसर रा सींग (बाल नाटक)
तूं कांईं बणसी (बाल एकांकी)
म्हारा गुरुजी (बाल एकांकी)
डुक पच्चीसी (हास्य काव्य)
गिदगिदी (हास्य काव्य)
सुणौ के स्याणौ (हास्य काव्य)
स्यांति (कथा)
घर बिगाड़ै गुस्सौ (हास्य)
घणी स्याणप (हास्य)
बात रा दाम (तीन बाल नाटक)
बाळपणे री बातां
प्रसारित रेडियो नाटक:मेरा कसूर क्या है
रिश्तों का मोल
अंधेरे की तस्वीर
पगली
और थाली बज उठी
अपने-अपने सुख
जंग जारी है
उसकी सजा
छोटी-छोटी बातें
और सब कहते रहे
पगड़ी की लाज
मुझे माफ कर दो
प्रसारित झलकी:मास्टर फकीरचंद
चक्कर
गोलमाल
प्रसारित बाल नाटक:फैसला
शंखेश्वर के सींग
परीक्षा
बिगड़ग्यौ बबलू
प्रसारित रूपक:सिंधु घाटी की समकालीन सभ्यता: कालीबंगा

पता- सैक्टर-10, मकान नं. 22, आरएचबी कॉलोनी, डी रोड,
हनुमानगढ़ जं., पिन कोड- 335512, राजस्थान, भारत
मोबाइल - 094145 14666
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