आप सब 'पाखी' को बहुत प्यार करते हैं...

रविवार, फ़रवरी 28, 2010

मजेदार है होली का रंग-बिरंगा त्यौहार

पिछले साल मैंने होली कानपुर में खेली, इस बार अंडमान में खेलूँगी. पहले मैं सोचती थी कि यहाँ पर पिचकारी, रंग, गुलाल नहीं मिलेगा पर ऐसा नहीं है. मैंने तो इस बार दो पिचकारी खरीदी है. उसमें ढेर सारे रंग भरकर सुबह-सुबह मम्मी-पापा को रंगना है. और हाँ होली की गुझिया भी मिलेगी. कितना मजेदार है न होली का यह रंग-बिरंगा त्यौहार. आप सब मुझे होली पर ढेर सारा प्यार दीजिये !!
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